बुरहानपुर। जिले में पुलिस विवेचना को तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शनिवार को पुलिस कंट्रोल रूम में ई-विवेचना (E-Investigation) प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें जिले के सभी विवेचना अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। अब विवेचक टैबलेट के माध्यम से मौके पर ही जांच से जुड़े दस्तावेज तैयार कर सकेंगे।
यह प्रशिक्षण पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन में आयोजित किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतर सिंह कनेश और नगर पुलिस अधीक्षक गौरव पाटिल के मार्गदर्शन में अधिकारियों को डिजिटल विवेचना प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस जांच प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक के जरिए अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।
मैदान में ही होंगे जांच के डिजिटल दस्तावेज तैयार
प्रशिक्षण में बताया गया कि अब जिले के विवेचकों को टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन टैबलेट के माध्यम से e-Vivechana App सहित अन्य पुलिसिंग एप का उपयोग कर मैदानी स्तर पर ही अनुसंधान संबंधी कार्य किए जा सकेंगे। इनमें केस डायरी लेखन, अपराध विवरण प्रपत्र, संपत्ति जब्ती फॉर्म, नोटिस, गिरफ्तारी फॉर्म, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एमएलसी, पीएम फॉर्म और गवाहों के कथन जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज तुरंत डिजिटल रूप से तैयार किए जा सकेंगे। इससे विवेचना प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ कार्य की गति भी बढ़ेगी।
CCTNS पोर्टल की पूरी प्रक्रिया समझाई
प्रशिक्षण के दौरान सीसीटीएनएस विशेषज्ञ प्रधान आरक्षक नीरज सैनी और आरक्षक विनोद सांवले ने अधिकारियों को CCTNS प्रणाली का विस्तृत प्रशिक्षण दिया। इसमें प्रकरण पंजीयन से लेकर विवेचना पूर्ण होने तक की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन तरीके से करने की जानकारी दी गई। अधिकारियों को केस डायरी, बयान, जब्ती, पंचनामा और अन्य दस्तावेजों को डिजिटल रूप से दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही केस डायरी को ऑनलाइन अपडेट करने और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उसकी मॉनिटरिंग करने की प्रणाली के बारे में भी बताया गया।
चार्जशीट भी अब ऑनलाइन तैयार होगी
प्रशिक्षण में विवेचना से जुड़े विभिन्न मॉड्यूल जैसे केस डायरी, गिरफ्तारी, जब्ती, नोटिस और चार्जशीट की एंट्री करने का भी अभ्यास कराया गया। अधिकारियों को न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेज और चार्जशीट की ऑनलाइन तैयारी की प्रक्रिया समझाई गई। इसके अलावा विवेचना के दौरान साक्ष्यों के सही संधारण और डिजिटल रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए गए।
डेमो के जरिए कराया गया प्रायोगिक अभ्यास
कार्यशाला के दौरान अधिकारियों को CCTNS प्रणाली का डेमो दिखाकर प्रायोगिक अभ्यास भी कराया गया, जिससे वे फील्ड में इस तकनीक का प्रभावी उपयोग कर सकें। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी प्रकरणों में ई-विवेचना प्रणाली का उपयोग करते हुए जांच को तेज, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जाए। प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए ई-विवेचना प्रणाली से जुड़े अपने प्रश्नों का समाधान भी प्राप्त किया। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस डिजिटल पहल से जिले में अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता और गति दोनों में उल्लेखनीय सुधार होगा।