बुरहानपुर। चुनाव आयोग और SIR के खिलाफ प्रदेश स्तरीय आंदोलन करने सड़क पर उतरी कांग्रेस का बुरहानपुर में अपना संगठनात्मक मतभेद भी सार्वजनिक हो गया। मुद्दा एक था, विरोध एक था और निशाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार थे, लेकिन शहर और ग्रामीण कांग्रेस ने शहर में ही दो अलग-अलग जगह पुतले जला दिए। शहर कांग्रेस ने सिंधी बस्ती चौराहे पर प्रदर्शन किया तो ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक रविंद्र महाजन ने पोस्ट ऑफिस के पास अलग मोर्चा खोल दिया।
इसके बाद दोनों अध्यक्षों के बयानों ने मामले को और राजनीतिक बना दिया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टाक ने साफ कहा कि कार्यक्रम एक ही होना था, अलग कार्यक्रम करना गलत है और पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजी जाएगी। दूसरी ओर रविंद्र महाजन पीछे हटने को तैयार नहीं दिखे। उन्होंने कहा कि कुछ गलत नहीं किया, वोट चोरी के विरोध में वार्ड-वार्ड पुतले जलाएंगे। महाजन ने यह भी कहा कि वे कांग्रेस से विधायक रह चुके हैं और चाहते हैं कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने। इस तरह चुनाव आयोग के खिलाफ शुरू हुआ प्रदर्शन स्थानीय कांग्रेस के भीतर समन्वय के सवाल तक पहुंच गया। इतना जरूर है कि दोनों अध्यक्षों के सार्वजनिक रूप से अलग-अलग रुख सामने आने से संगठन के भीतर तालमेल को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
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पहले सिंधी बस्ती में नारेबाजी, फिर चौराहे पर पुतला दहन
शहर कांग्रेस कमेटी के नेता और कार्यकर्ता बुधवार को सिंधी बस्ती स्थित कांग्रेस कार्यालय के सामने जमा हुए। यहां काफी देर तक नारेबाजी के बाद कार्यकर्ता पैदल सिंधी बस्ती चौराहे पहुंचे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। प्रदर्शन खत्म होने के बाद एक पुलिसकर्मी डंडे से जले पुतले की राख और कचरा सड़क से किनारे करता नजर आया। कांग्रेस ने मतदाता सूची में बदलाव को लेकर पारदर्शिता और समीक्षा की मांग उठाई।
उधर पोस्ट ऑफिस के पास ग्रामीण कांग्रेस ने अलग जला दिया पुतला
शहर कांग्रेस का कार्यक्रम अलग था, लेकिन इसी मुद्दे पर ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष रविंद्र महाजन कुछ कांग्रेस नेताओं के साथ पोस्ट ऑफिस के पास पहुंचे और वहां मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन कर दिया। इसके बाद महाजन सहित कांग्रेस नेता कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। यहीं से सवाल खड़ा हुआ कि जब आंदोलन पार्टी का था तो बुरहानपुर शहर में ही दो अलग-अलग प्रदर्शन क्यों हुए? खासकर इसलिए क्योंकि कांग्रेस की संगठनात्मक व्यवस्था में बुरहानपुर शहर और ग्रामीण के लिए अलग अध्यक्ष हैं—रिंकू टाक शहर और रविंद्र महाजन ग्रामीण इकाई का नेतृत्व करते हैं।
रिंकू टाक बोले—‘एक ही कार्यक्रम होना था, यह गलत है’
अलग पुतला दहन पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टाक ने नाराजगी नहीं छिपाई। उन्होंने कहा, “एक ही कार्यक्रम होना था। उन्होंने अलग से कार्यक्रम किया, यह गलत है। आज के कार्यक्रम की पूरी रिपोर्ट अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेंगे।” टाक के इस बयान ने प्रदर्शन के राजनीतिक मुद्दे के साथ संगठनात्मक विवाद को भी सामने ला दिया। अब यह देखना होगा कि शहर कांग्रेस की ओर से रिपोर्ट भेजे जाने के बाद प्रदेश संगठन इस घटनाक्रम को किस तरह लेता है।
महाजन का पलटवार—‘कुछ गलत नहीं किया, वार्ड-वार्ड जलाएंगे पुतला’
ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक रविंद्र महाजन ने शहर अध्यक्ष की आपत्ति के उलट अपने कार्यक्रम को सही ठहराया। उन्होंने कहा, “हमने कुछ भी गलत नहीं किया। वोट चोरी के विरोध में वार्ड-वार्ड पुतला जलाएंगे। मैं भी कांग्रेस से विधायक रह चुका हूं। मैं चाहता हूं कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने।” यानी शहर अध्यक्ष जहां एक कार्यक्रम की बात करते हुए अलग प्रदर्शन पर पार्टी नेतृत्व तक शिकायत पहुंचाने की बात कर रहे हैं, वहीं ग्रामीण अध्यक्ष इसे आंदोलन के विस्तार के रूप में पेश कर रहे हैं।
दिलचस्प तस्वीर: दोनों कार्यक्रमों में नजर आए पूर्व विधायक शेरा
दो अलग-अलग प्रदर्शनों के बीच पूर्व विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह ‘शेरा भैया’ की मौजूदगी भी चर्चा में रही। वे पहले सिंधी बस्ती में शहर कांग्रेस के कार्यक्रम में नजर आए। बाद में पोस्ट ऑफिस के पास ग्रामीण कांग्रेस के प्रदर्शन में भी पहुंचे। इसके बाद कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान भी वे मौजूद रहे। इससे राजनीतिक संदेश यह भी निकला कि जहां दोनों इकाइयों के अध्यक्षों के बयान अलग-अलग रहे, वहीं पूर्व विधायक शेरा दोनों कार्यक्रमों में शामिल हुए।
चुनाव आयोग पर कांग्रेस के आरोप, CEC को हटाने की मांग
शहर कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टाक ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के साथ मिलकर वोट चोरी की जा रही है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मनमाने तरीके से निर्णय ले रहे हैं। कांग्रेस ने मांग की कि ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाया जाए और SIR के माध्यम से मतदाता सूची से हटाए गए नामों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल हैं। बुधवार के स्थानीय प्रदर्शन में भी SIR की समीक्षा और प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई गई।
कांग्रेस के दो प्रदर्शन पर भाजपा ने साधा निशाना
कांग्रेस के अलग-अलग प्रदर्शनों को भाजपा ने भी राजनीतिक मुद्दा बना लिया। भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने ने कांग्रेस के संगठन और नेतृत्व पर सवाल उठाए। डॉ. माने ने कहा कि जनता कांग्रेस के आचरण और संगठन की स्थिति को देख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में अलग-अलग गुट हैं और प्रत्येक व्यक्ति अपने हिसाब से कार्यक्रम कर रहा है। डॉ. माने ने कांग्रेस के चुनाव आयोग संबंधी आरोपों को भी खारिज किया। उनका कहना था कि चुनाव आयोग अपना काम समन्वय से कर रहा है और कांग्रेस हताशा व निराशा के कारण भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रही है। भाजपा जिलाध्यक्ष का यह बयान राजनीतिक प्रतिक्रिया है।
जिस मुद्दे पर भाजपा को घेरना था, उसी प्रदर्शन में कांग्रेस के तालमेल पर उठे सवाल
बुधवार का आंदोलन कांग्रेस ने चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे पर केंद्रित किया था। लेकिन बुरहानपुर में एक ही दिन, एक ही मुद्दे और एक ही शहर में हुए दो अलग पुतला दहन कार्यक्रमों ने स्थानीय संगठन के समन्वय को भी राजनीतिक चर्चा में ला दिया। एक तरफ शहर अध्यक्ष अलग कार्यक्रम को गलत बताते हुए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक रिपोर्ट भेजने की बात कर रहे हैं, दूसरी तरफ ग्रामीण अध्यक्ष अपने फैसले पर कायम हैं। ऐसे में अब निगाह इस बात पर रहेगी कि मामला केवल बुधवार के कार्यक्रम तक सीमित रहता है या शहर और ग्रामीण कांग्रेस के बीच कार्यक्रमों के समन्वय को लेकर संगठन स्तर पर भी कोई प्रतिक्रिया आती है।

