बुरहानपुर। जिले में सरकारी राशन और पोषण योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक किस तरह पहुंच रहा है, इसकी जमीनी स्थिति मंगलवार को मध्यप्रदेश राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष प्रो. वीरेन्द्र कुमार मल्होत्रा ने परखी। एक दिवसीय दौरे में उन्होंने केंद्रीकृत किचन शेड से लेकर जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC), आंगनवाड़ी, सरकारी राशन दुकान और स्कूल की मध्यान्ह भोजन व्यवस्था तक का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के बाद संयुक्त जिला कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि खाद्यान्न वितरण की समीक्षा केवल रिकॉर्ड के आधार पर नहीं हो। PDS दुकानों, स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और संबंधित संस्थानों की रैंडम चेकिंग कर वास्तविक स्थिति देखी जाए। जहां कमी मिले, वहां सुधार कराया जाए। दौरे के दौरान अध्यक्ष का फोकस तीन बिंदुओं पर रहा—भोजन और पोषण की गुणवत्ता, राशन वितरण की समयबद्धता तथा रिकॉर्ड और व्यवस्था में पारदर्शिता। अलग-अलग संस्थानों के निरीक्षण में उन्होंने रजिस्टर व्यवस्थित रखने से लेकर भोजन निर्माण स्थल पर पर्याप्त पानी और स्वच्छता सुनिश्चित करने तक के निर्देश दिए।
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किचन शेड में पहुंचे, भोजन कैसे बन रहा है यह देखा
प्रो. मल्होत्रा सबसे पहले केंद्रीकृत किचन शेड की व्यवस्थाओं से रूबरू हुए। यहां उन्होंने भोजन तैयार करने की प्रक्रिया देखी और उसकी गुणवत्ता तथा साफ-सफाई का जायजा लिया। भोजन निर्माण से जुड़े अमले से जानकारी लेने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। भोजन तैयार किए जाने वाले स्थानों पर स्वच्छता और आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। समीक्षा बैठक में भी उन्होंने भोजन निर्माण स्थलों पर पर्याप्त पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दोहराए।
NRC में रजिस्टर ही नहीं देखे, बच्चों की माताओं से भी पूछा—क्या सुविधाएं मिल रही हैं?
जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में निरीक्षण का तरीका केवल विभागीय जानकारी लेने तक सीमित नहीं रहा। प्रो. मल्होत्रा ने यहां भर्ती बच्चों की संख्या, उनके स्वास्थ्य और पोषण से संबंधित जानकारी ली। इसके बाद बच्चों की माताओं से सीधे बातचीत कर पूछा कि उन्हें केंद्र में किस तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने NRC के स्टाफ को आवश्यक रजिस्टर नियमित रूप से अपडेट करने और रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण में जिन व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत सामने आए, उनमें आवश्यक सुधार करने को कहा गया।
आंगनवाड़ी पहुंचे, बच्चों के पोषण आहार पर सवाल-जवाब
इसके बाद लोनी आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्था जांची गई। यहां बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता और भोजन तैयार करने की व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली गई। प्रो. मल्होत्रा ने पोषण आहार की गुणवत्ता बनाए रखने और बच्चों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार पोषण उपलब्ध कराने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बाद में समीक्षा बैठक में पूरक पोषण आहार और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की स्थिति पर भी चर्चा हुई।
PDS दुकान में स्टॉक पर नजर, कहा—समय पर मिलना चाहिए खाद्यान्न
लोनी स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान पर खाद्य आयोग अध्यक्ष ने खाद्यान्न वितरण की जानकारी लेने के साथ स्टॉक की स्थिति देखी। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को निर्धारित समय पर खाद्यान्न मिलना सुनिश्चित किया जाए। स्टॉक रजिस्टर के संधारण पर भी उनका फोकस रहा। उन्होंने रिकॉर्ड विधिवत रखने के निर्देश दिए। यही मुद्दा बाद में समीक्षा बैठक में भी उठा और अधिकारियों से कहा गया कि उचित मूल्य दुकानों की रैंडम चेकिंग की जाए, ताकि जमीनी स्थिति सामने आती रहे।
बहादरपुर स्कूल में मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था परखी
निरीक्षण का अगला पड़ाव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बहादरपुर रहा। यहां मध्यान्ह भोजन के साथ विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अध्यक्ष ने शिक्षकों और विद्यालयीन स्टाफ से बातचीत कर व्यवस्था के क्रियान्वयन की जानकारी ली। स्कूलों में खाद्यान्न और भोजन से जुड़ी व्यवस्था की निगरानी को लेकर भी समीक्षा बैठक में रैंडम चेकिंग के निर्देश दिए गए।
अफसरों की बैठक में दो टूक—जमीनी स्तर पर जांचिए, जहां कमी है वहां सुधारिए
संयुक्त जिला कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला आपूर्ति अधिकारी अर्चना नागपुरे ने जिले की लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली, खाद्यान्न वितरण और विभाग से संबंधित अन्य विषयों की जानकारी प्रस्तुत की। इसके बाद प्रो. मल्होत्रा ने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए। उनका जोर इस बात पर रहा कि सरकारी व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर जानने के लिए खाद्यान्न वितरण दुकानों, स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और संस्थानों की रैंडम चेकिंग जरूरी है। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की जमीनी स्तर पर समीक्षा की जाए और आवश्यक सुधार किए जाएं। साथ ही शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध तरीके से हो तथा कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
एक दौरा, पांच जगह पड़ताल; अब नियमित जांच की जिम्मेदारी स्थानीय अमले पर
खाद्य आयोग अध्यक्ष का दौरा केंद्रीकृत किचन में भोजन निर्माण की प्रक्रिया से शुरू होकर NRC में कुपोषित बच्चों की सुविधाओं, आंगनवाड़ी में पोषण आहार, PDS दुकान में राशन वितरण और स्कूल में मध्यान्ह भोजन तक पहुंचा। यानी जिन व्यवस्थाओं का सीधा संबंध गरीब परिवारों, महिलाओं और बच्चों तक भोजन-पोषण पहुंचाने से है, उन्हें अलग-अलग स्तर पर जांचा गया। अब आयोग अध्यक्ष के निर्देश के बाद स्थानीय विभागीय अमले के सामने नियमित निरीक्षण और रैंडम चेकिंग के जरिए यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है कि रजिस्टर में दर्ज व्यवस्था और हितग्राही तक पहुंच रही वास्तविक सुविधा के बीच अंतर न रहे।
समीक्षा बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष गंगाराम मार्को, अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर हर्ष सिंह, सीईओ एवं एडीएम सृजन वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान जिला आपूर्ति अधिकारी अर्चना नागपुरे, सीएमएचओ डॉ. आर.के. वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी शुभांगी मुजुमदार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

