बुरहानपुर। पाचौरी के पहाड़ी जंगल में चल रही अवैध हथियार फैक्ट्री का पुलिस ने भंडाफोड़ तो कर दिया, लेकिन अपराधियों की दुस्साहसिक हरकत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। खकनार थाना पुलिस पर हमला कर बदमाशों ने पकड़े गए आरोपी को छुड़ा लिया। मौके से पुलिस ने 5 तैयार पिस्टल, 7 अधूरी पिस्टल और हथियार बनाने का पूरा कारखाना जब्त किया है। इस मामले में 7 आरोपियों पर आर्म्स एक्ट सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
नेपानगर एसडीओपी निर्भयसिंह अलावा ने बताया कि 30 दिसंबर की रात खकनार थाना प्रभारी अभिषेक जाधव को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम पाचौरी के आगे पहाड़ी जंगल में कुछ लोग झोपड़ियों में लाइट जलाकर अवैध हथियार बना रहे हैं। सूचना को गंभीर मानते हुए पुलिस टीम लोडिंग वाहन, पिकअप, सरकारी गाड़ी और बाइक से जंगल की ओर रवाना हुई। जैसे ही टीम झोपड़ियों के पास पहुंची, वहां रेहराज उर्फ रेहरास पिता विक्रमसिंह सिकलीगर अपने दो साथियों के साथ पिस्टल बनाते हुए मिला।
पुलिस को देखकर भागे, एक पकड़ा गया
पुलिस को देखते ही तीनों आरोपी जंगल में भाग निकले। पुलिस टीम ने पीछा कर रेहराज उर्फ रेहरास को पकड़ लिया। लेकिन तभी उसके छह अन्य साथी जंगल से निकल आए और पुलिस से भिड़ गए।
पुलिस से झड़प, आरोपी को छुड़ा ले गए
आरोपियों ने पुलिस पर धक्का-मुक्की और झड़प करते हुए पकड़े गए आरोपी को जबरन छुड़ा लिया और जंगल में फरार हो गए। यह पूरी घटना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई।
पहले से भी आर्म्स एक्ट का आरोपी
पुलिस के मुताबिक रेहराज उर्फ रेहरास पर पहले से ही आर्म्स एक्ट के दो केस दर्ज हैं। अब उसके और उसे छुड़ाने आए छह साथियों के खिलाफ खकनार थाने में आर्म्स एक्ट व अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
मौके से बरामद पूरा हथियार कारखाना
पुलिस ने जंगल में बनी झोपड़ियों से हथियार बनाने का पूरा सेटअप जब्त किया। जिनमें 5 अवैध देशी पिस्टल, 7 अधूरी पिस्टल, 10 पिस्टल के सांचे, 5 लॉकिंग सांचे, 3 मैगजीन व 3 मैगजीन सांचे, 2 पंखा मशीन, 6 ग्राइंडर मशीन, 1 ड्रिल मशीन, 7 हथौड़े, 2 आरी, 10 कैन, 4 गार्डर के टुकड़े सहित अन्य सामग्री यह बरामदगी बताती है कि यहां छोटा नहीं बल्कि पूरा अवैध हथियार निर्माण केंद्र चल रहा था।
तीन साल में 305 अवैध हथियार जब्त
बुरहानपुर जिले में पिछले 3 वर्षों में आर्म्स एक्ट के 57 केस दर्ज हुए हैं, जिनमें 118 आरोपी गिरफ्तार किए गए और 305 अवैध हथियार जब्त किए गए। सिकलीगर समाज को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अभियान चलने के बावजूद अवैध हथियारों का धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा।
फरार आरोपियों की तलाश में दबिश
पुलिस ने फरार सभी आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। जंगल और आसपास के गांवों में दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस गैंग को पूरी तरह गिरफ्तार किया जाएगा। यह मामला साबित करता है कि बुरहानपुर का जंगल अब केवल हरियाली नहीं, बल्कि अवैध हथियारों की फैक्ट्री भी बनता जा रहा है — और अपराधियों का हौसला इतना बढ़ गया है कि वे अब पुलिस से भिड़ने से भी नहीं डर रहे।