बुरहानपुर। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले में बड़ी कार्रवाई की है। औषधि निरीक्षक विजय वर्मा ने शहर के सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को आदेश जारी करते हुए कोलड्रिफ सायरप, रिलीफ सायरप और रेस्पिफ्रेश सायरप जैसी प्रतिबंधित खांसी-सर्दी की दवाओं की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है।
दरअसल यह कार्रवाई हाल ही में छिंदवाड़ा जिले में घटित एक गंभीर घटना के बाद की गई है। आदेश जारी होते ही बुरहानपुर शहर के कई मेडिकल स्टोर्स पर निरीक्षण किया गया। इस दौरान अपना मेडिकल, विकास मेडिकल, मां फार्मा सेल्स, फेस मेडिकल, सिटी मेडिकल, जय श्रीनाथ मेडिकल, अपना केमिस्ट आदि दवा दुकानों की जांच की गई। वहीं सनशाइन मेडिकल स्टोर से प्रतिबंधित दवा का सैंपल भी लिया गया।
क्यों बैन की गई ये दवाएं?
प्रतिबंधित दवाओं में एफडीसी शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दवा का उपयोग चार साल से कम उम्र के बच्चों के लिए खतरनाक है। भारत सरकार के औषधि महानियंत्रक (सीडीएससीओ) और मध्य प्रदेश के खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक अब इन दवाओं पर अनिवार्य रूप से चेतावनी लिखना जरूरी होगा।
मेडिकल स्टोरों के लिए कड़े निर्देश
औषधि निरीक्षक विजय वर्मा ने जिले के सभी दवा विक्रेताओं को पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं बिना रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर की पर्ची के यह दवा न बेची जाए। 4 साल से कम उम्र के बच्चों को किसी भी हाल में यह दवा न दी जाए। यदि डॉक्टर के पर्चे पर यह दवा लिखी भी गई है, तो मरीज को देने से पहले डॉक्टर से पुनः परामर्श करना होगा। जिन उत्पादों के पैकेज पर यह चेतावनी अंकित नहीं है, उन्हें तुरंत निर्माता या स्टॉकिस्ट को वापस करना होगा।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
औषधि प्रशासन ने साफ कर दिया है कि निर्देशों का पालन न करने वाले मेडिकल संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम बच्चों की सुरक्षा और दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।