बुरहानपुर। लंबी दूरी का सफर…रातभर बस में सोते यात्री और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी बस ऑपरेटरों पर। लेकिन जांच में जब सुरक्षा मानकों और नियमों की पड़ताल हुई तो कई खामियां सामने आईं। परिवहन विभाग ने बुरहानपुर और खकनार क्षेत्र में लंबी दूरी तथा दूसरे राज्यों से आने-जाने वाली टूरिस्ट परमिट की स्लीपर बसों पर कार्रवाई करते हुए 4 बसों की फिटनेस निरस्त कर दी। वहीं करीब ₹2 लाख टैक्स बकाया होने पर एक बस को जब्त कर परिवहन कार्यालय में खड़ा कराया गया।
परिवहन विभाग की संयुक्त टीम स्लीपर और यात्री बसों की जांच के लिए निकली। इस बार जांच केवल परमिट और अन्य कागजात देखने तक सीमित नहीं रही। टीम ने बसों में यात्रियों की जान से सीधे जुड़े FDSS, आपातकालीन द्वार और स्लीपर केबिन में नियम विरुद्ध लगाए गए स्लाइडर्स सहित अन्य सुरक्षा मानकों की पड़ताल की। नियमों का उल्लंघन पाए जाने के बाद चार बसों की फिटनेस निरस्त करने की कार्रवाई की गई।
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सवाल सुरक्षा का: हादसे के वक्त इमरजेंसी गेट और सुरक्षा उपकरण ही आते हैं काम
लंबी दूरी की स्लीपर बसों में यात्री कई घंटे सफर करते हैं। ऐसे में आग लगने या किसी अन्य आपात स्थिति में सुरक्षा उपकरण और आपातकालीन निकास बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं। इसी को देखते हुए जांच टीम का फोकस यात्री सुरक्षा से जुड़े इंतजामों पर रहा। टीम ने देखा कि बसों में निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था का पालन हो रहा है या नहीं। स्लीपर केबिन में लगाए गए स्लाइडर्स भी जांच के दायरे में रहे। जहां नियमों का उल्लंघन मिला, वहां विभाग ने फिटनेस निरस्त करने की कार्रवाई की।
₹2 लाख टैक्स बकाया, फिर भी सड़क पर थी बस; विभाग ने किया जब्त
जांच के दौरान एक बस पर करीब ₹2 लाख का टैक्स बकाया पाया गया। इसके बाद विभाग ने बस को जब्त कर परिवहन कार्यालय में खड़ा करा दिया। कार्रवाई ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच में केवल सुरक्षा उपकरण ही नहीं, बल्कि वाहनों की वैधानिक स्थिति और बकाया टैक्स की भी पड़ताल की जा रही है।
कान फोड़ू प्रेशर हॉर्न पर भी वार, 8 बसों से मौके पर निकलवाए
सड़क पर दूसरे वाहन चालकों के लिए परेशानी और सुरक्षा जोखिम पैदा करने वाले प्रेशर हॉर्न भी विभाग के निशाने पर रहे। जांच के दौरान 8 बसों में लगे प्रेशर हॉर्न निकलवाकर जब्त कर लिए गए। यानी बस संचालकों को साफ संदेश दिया गया कि यात्री और सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों को नजरअंदाज कर वाहन चलाना कार्रवाई को न्योता देगा।
सबसे गंभीर तस्वीर स्कूल बस की: न बीमा, न फिटनेस
अभियान में एक स्कूल बस की जांच हुई तो वह बिना बीमा और बिना फिटनेस संचालित पाई गई। बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहन में ही ये जरूरी दस्तावेज नहीं मिलने पर विभाग ने ₹10 हजार का शमन शुल्क वसूला। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि स्कूल बसों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सीधे तौर पर वाहन की फिटनेस और वैधानिक दस्तावेजों से जुड़ी होती है। जांच में बिना बीमा और फिटनेस बस का मिलना स्कूल वाहनों की नियमित निगरानी की जरूरत भी सामने लाता है।
एक अभियान में 4 फिटनेस निरस्त, 1 बस जब्त और 8 प्रेशर हॉर्न जब्त
परिवहन विभाग की कार्रवाई का आंकड़ा देखें तो चार बसों की फिटनेस निरस्त, करीब ₹2 लाख टैक्स बकाया एक बस जब्त, 8 बसों से प्रेशर हॉर्न जब्त और एक स्कूल बस से ₹10 हजार शमन शुल्क वसूला गया। विभाग का कहना है कि यात्री वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने और नियम विरुद्ध संचालित वाहनों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। कार्रवाई जिला परिवहन अधिकारी राजेश गुप्ता सहित परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने की।



