बुरहानपुर। इंदौर ग्रामीण जोन के पुलिस महानिरीक्षक अनुराग बुधवार को बुरहानपुर पहुंचे। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित क्राइम मीटिंग में उन्होंने एक साल के अपराधों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में लंबित मामलों, संवेदनशील अपराधों, पुलिस की कार्यप्रणाली, पेट्रोलिंग सिस्टम, सीसीटीवी कवरेज और साइबर अपराधों की रोकथाम पर विशेष चर्चा की गई।
इससे पहले पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार पाटीदार ने आईजी का स्वागत कर जिले के अपराधों का संपूर्ण डेटा प्रस्तुत किया और बीते वर्ष की उपलब्धियों, कार्यवाही और चुनौतियों से अवगत कराया।
गंभीर अपराधों पर सख्त कार्रवाई लक्ष्य, क्राइम खत्म नहीं हो सकता—आईजी अनुराग
मीडिया से चर्चा में आईजी अनुराग ने कहा कि उनकी समीक्षा का उद्देश्य यह पता लगाना है कि— कौन से अपराध पुराने हैं, कितने मामलों में कार्रवाई लंबित है, देरी के कारण क्या हैं, किन मामलों पर टाइम लिमिट तय कर जल्द से जल्द कार्यवाही की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा क्राइम पूरी तरह खत्म नहीं हो सकता, लेकिन गंभीर अपराधों को चिन्हित कर अपराधियों को सजा दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
डिजिटल अरेस्ट के मामलों में कमी—जागरूकता अभियान हुआ असरदार
आईजी अनुराग ने बताया कि हाल के महीनों में डिजिटल अरेस्ट ठगी के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने कहा लोग जागरूक हो रहे हैं, पुलिस द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियानों ने अच्छा असर दिखाया है। सायबर सेल द्वारा ठगी के मामलों में पीड़ितों की राशि वापस कराने की प्रक्रिया भी तेज हुई है। उन्होंने सलाह दी ऑनलाइन ठगी होने पर आमजन तुरंत 1930 पर कॉल करें, इससे राशि तुरंत होल्ड हो जाती है।
पेट्रोलिंग और सीसीटीवी कवरेज पर विशेष जोर
आईजी ने कहा कि बुरहानपुर का क्राइम इंडेक्स जोन के जिलों में 7वें–8वें स्थान पर है, इसलिए सुधार की गुंजाइश अभी भी है। उन्होंने निर्देश दिए शाम के समय गश्त में तेजी, भीड़भाड़ वाले बाजारों में सीसीटीवी अनिवार्य, खराब कैमरों की तुरंत मरम्मत, मुख्य मार्गों पर सक्रिय पेट्रोलिंग। उन्होंने अपराध रोकथाम के लिए स्थानीय पुलिस को सख्त और प्रभावी तौर-तरीकों को अपनाने को कहा।
क्राइम मीटिंग में उठे महत्वपूर्ण मुद्दे — एक-एक बिंदु पर हुई गहन समीक्षा
1️⃣ लंबित मामलों और महिला सुरक्षा पर फोकस
- पुराने लंबित अपराधों की समीक्षा
- चालान लंबित मामलों का निराकरण
- गुम इंसान और नाबालिग बच्चों की दस्तयाबी
- महिला अपराधों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश
2️⃣ विशेष कानूनों पर पुलिस की जवाबदेही
- एससी/एसटी अपराधों में त्वरित कार्रवाई
- लंबित खात्मा और खारिजी की समीक्षा
- जुआ एक्ट, आबकारी एक्ट और लघु अधिनियमों की कार्रवाई की समीक्षा
3️⃣ गंभीर अपराधों पर 100% रिकवरी का लक्ष्य
- चोरी, नकबजनी, लूट और डकैती के मामलों में पूरी रिकवरी सुनिश्चित करने के निर्देश
- स्थायी वारंटों की तामीली और न्यायालय में समय पर पेशी
4️⃣ असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर
- वाहन चोर गिरोह पकड़ने के लिए विशेष टीमें
- माइक्रो बीट प्रणाली का उपयोग
- गुंडा निगरानी और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान
- मुखबिर तंत्र को मजबूत करना
- प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों में तेजी
बैठक में मौजूद अधिकारी
बैठक में सीएसपी गौरव पाटील, एसडीओपी नेपानगर निर्भय सिंह अलावा, डीएसपी महिला शाखा प्रीतम सिंह ठाकुर, सभी थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी उपस्थित रहे। आईजी अनुराग ने पुलिस अधिकारियों को संदेश दिया प्रभावी पुलिसिंग, समयबद्ध जांच और जनता का विश्वास—इन्हीं तीन स्तंभों पर अपराध नियंत्रण निर्भर करता है।