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कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद- 2 साल के बच्चे की तरह है 40 साल की महिला का मानसिक संतुलन, आरोपी ने किया था दुष्कर्म का प्रयास

बुरहानपुर। 40 साल की एक महिला का मानसिक संतुलन महज 2 साल की बालिका की तरह है। वह बोल नहीं पाती थी। उसके साथ एक आरोपी द्वारा दुष्कर्म का प्रयास किया था। आरोपी को रंगेहाथों पकड़ा गया था। उसके खिलाफ दुष्कर्म, सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था। कोर्ट में मनोवैज्ञानिक

On: June 26, 2024 8:21 PM
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बुरहानपुर। 40 साल की एक महिला का मानसिक संतुलन महज 2 साल की बालिका की तरह है। वह बोल नहीं पाती थी। उसके साथ एक आरोपी द्वारा दुष्कर्म का प्रयास किया था। आरोपी को रंगेहाथों पकड़ा गया था। उसके खिलाफ दुष्कर्म, सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
कोर्ट में मनोवैज्ञानिक डॉक्टर चोईथराम अस्पताल डॉ. महेंद्र कुमार आचार्य द्वारा दिए गए कथन के अनुसार 2 साल के बाद महिला का आईक्यू, एसक्यू 30 होता और 90 से उपर होता है। पीड़िता का आईक्यू लेवल 13 से कम था। उसे संभालने के लिए बड़ी बहन है जो उसकी देखरेख करती है। आरोपी उसके साथ दुष्कृत्य का प्रयास कर रहा था। कोर्ट में चले प्रकरण के बाद न्यायालय सत्र न्यायाधीश श्रीमती आशिता श्रीवास्तव ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई गई। खास बात यह है कि मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म के सिम्टम्स नहीं पाए गए, लेकिन आरोपी ने मानसिक रूप से निःशक्त महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था और जिस स्थिति में उसे पकड़ा गया था उस आधार पर उसे सजा सुनाई गई। मामले में एमवाय अस्पताल के डॉक्टर्स की टीम ने महिला की मेंटल स्थिति चेक की थी जिसके बाद पता चला था कि उसका मानसिक संतुलन केवल 2 साल की बच्ची की तरह है। वह बोल नहीं पाती है। डॉक्टरों ने बताया कि आईक्यू लेवल 13 से कम होने पर मंदबुद्धि माना जाता है। आमतौर पर व्यक्ति का आईक्यू लेवल 90 होता है। मेडिकल रिपोर्ट में महिला को मंदबुद्धि पाया गया। कोर्ट ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर आरोपी को एकमात्र साक्षी पीड़िता की बहन के कथन के आधार पर सजा सुनाई।
यह है पूरा मामला-
-प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक श्याम देशमुख के अनुसार मामला खकनार थाना क्षेत्र के एक गांव का है। जहां 22 जनवरी 2023 को आरोपी ने मानसिक रूप से विक्षिप्त पीड़िता के घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। परिजन की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ धारा 376, 376-2, 450 भादंवि के तहत केस दर्ज किया गया था। प्रकरण में सुनवाई के बाद आरोपी सुनील भूरेलाल को सत्र न्यायालय न्यायाधीश आशिता श्रीवास्तव ने आजीवन कारावास और 17 हजार रूपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।
– मामले में एसपी देवेंद्र कुमार पाटीदार के मार्गदर्शन में विवेचना एसआई प्रियंका नायक ने की। एसपी द्वारा विवेचना अधिकारी को पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं सफल पैरवी के लिए एसपी की ओर से अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक को प्रशंसा पत्र दिया जाएगा।
इन धाराओं में सुनाई सजा
धारा 450 भादंसं- 10 साल का सश्रम कारावास, 2 हजार रूपए अर्थदंड।
धारा 376 भादंसं- आजीवन कारावास, 5 हजार रूपए जुर्माना।
धारा 376-2 (जे) भारतीय दंड संहिता- आजीवन कारावास, 5 हजार जुर्माना।
धारा 376-2 (एल) भारतीय दंड संहिता- आजीवन कारावास, 5 हजार रूपए जुर्माना।

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