बुरहानपुर। ग्राम मोहद से बोरखी बलड़ी जाने वाला मार्ग हर साल बरसात में नाले के पानी से लबालब हो जाता है। इस नाले से होकर ही गांव के बच्चों को हाईस्कूल आना-जाना होता है। लेकिन पानी भरने से बच्चों के लिए स्कूल पहुंचना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। मजबूरी में अब पालक रोज़ बच्चों को खुद छोड़ने जा रहे हैं।
गांव के लोग बताते हैं कि बरसात के दिनों में यह नाला बच्चों, ग्रामीणों और मरीजों के लिए सबसे बड़ी समस्या बन जाता है। बच्चे अक्सर पानी में फिसलकर गिरने से बाल-बाल बचते हैं। कई बार बीमार ग्रामीणों को खटिया पर डालकर ले जाना पड़ता है। मोहद और बोरखी बलड़ी का संपर्क बारिश में पूरी तरह टूट जाता है।
मानव अधिकार आयोग भी ले चुका है संज्ञान
ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद मामला मानव अधिकार आयोग तक पहुंचा। आयोग ने गंभीरता दिखाते हुए लोक निर्माण विभाग से जवाब मांगा। इसके बाद विभाग ने 400 मीटर सड़क और पुलिया का इस्टीमेट तैयार किया। करीब 1 करोड़ रुपये का प्रस्ताव कलेक्टर के माध्यम से इंदौर लोनिवि को भेजा। वहां से यह प्रस्ताव भोपाल जाना था। लेकिन आज तक इस पर स्वीकृति नहीं मिली।
ग्रामीणों का दर्द – बरसों से सुन रहे हैं वादे
ग्रामवासी कहते हैं हर साल यही समस्या आती है। बरसात में नाले का पानी बढ़ जाता है और स्कूल जाने वाले बच्चों व मरीजों को खासी दिक्कत होती है। नेता और अधिकारी केवल आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन पुलिया आज तक नहीं बनी।
विभाग की सफाई
लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर अश्विनी सोनरिश ने माना कि समस्या गंभीर है। उनका कहना है –मानव अधिकार आयोग ने भी इस मुद्दे पर जानकारी मांगी थी। हमने प्रस्ताव बनाकर भेजा है। इंदौर से यह भोपाल जाएगा। प्रस्ताव करीब 1 करोड़ का है, लेकिन फिलहाल स्वीकृति का इंतजार है।