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फसल बीमा को लेकर किसानों में आक्रोश- बोले, हर बार सिर्फ आश्वासन पर आश्वासन ही मिलते रहे

4 साल से जिले के किसान उठा रहे मांग, दो किसान संगठनों के अलावा कांग्रेस नेताओं ने भी सौंपा ज्ञापन बुरहानपुर। जिले में बड़े पैमाने पर केला फसल उत्पादन होता है, लेकिन 2019 से जिले के किसानों की केला फसल पर बीमा का लाभ दिए जाने की मांग पूरी नहीं हो रही है। इससे अब […]

  • 4 साल से जिले के किसान उठा रहे मांग, दो किसान संगठनों के अलावा कांग्रेस नेताओं ने भी सौंपा ज्ञापन

बुरहानपुर। जिले में बड़े पैमाने पर केला फसल उत्पादन होता है, लेकिन 2019 से जिले के किसानों की केला फसल पर बीमा का लाभ दिए जाने की मांग पूरी नहीं हो रही है। इससे अब जिले के किसानों में खासा आक्रोश पनप रहा है, क्योंकि हर बार बारिश के समय या इससे पहले आंधी, तूफान के कारण केला फसल ही सबसे अधिक प्रभावित होती है, लेकिन हर बार किसानों को आश्वासन मिलता है। सोमवार को दो किसान संगठनों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा तो वहीं दोपहर में कांग्रेस नेता भी कलेक्टर से मिलने पहुंचे और जल्द सर्वे पूरा कराकर किसानों को मुआवजा वितरण की मांग की।
Sadaiv Newsप्रगतिशील किसान संगठन के नेतृत्व में सोमवार सुबह 11.30 बजे काफी संख्या में जिले के किसान कलेक्टर कार्यालय बुरहानपुर पहुंचे और केला फसल पर बीमा का लाभ नहीं मिलने पर आक्रोश जताया। किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, कृषि मंत्री नारायण सिंह कुशवाह के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने कहा बुरहानपुर जिले में प्राकृतिक विपदा के कारण अनेक ग्रामों में केले की फसल बर्बाद हुई है। इसका सर्वे कर मुआवजा 3 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से दिया जाए।
किसानों ने कहा 25 मई को प्राकृतिक विपदा से भयंकर आर्थिक नुकसान हुआ। किसान सुनील महाजन ने कहा किसानों की केले की फसल जो पूरी तरह से तैयार होकर मार्केट में आना थी वह पूरी तरह से बर्बाद हो गई। जैविक रसायन, पौधे व अन्य कारण से केले के उत्पादन लागत बहुत है जिसे किसान द्वारा बैंक, केला ग्रुप के माध्यम से आर्थिक कर्ज लेकर यह फसल लगाई जाती है।
एक जिला एक उत्पाद में शामिल है केला फसल
एक जिला एक उत्पाद के तहत बुरहानपुर जिले में केले की फसल को एक उत्पाद के तहत मान्य किया गया। शासन प्रशासन ने इसमें किसानों का हर प्रकार से सहयोग कर इसमें अनेक प्रकार से वैज्ञानिक नीति अपनाकर सहयोग मिल रहा है। किसान अधिक से अधिक फसल लेने की ओर प्रयासरत है। ऐसे में अचानक प्राकृतिक विपदा के कारण दो.तीन सालों से किसानों का बहुत नुकसान हो रहा है। जिसमें किसानों को मुआवजे के रूप में राशि प्राप्त होती है, लेकिन किसानों के खर्च के अनुपात में वर्तमान महंगाई के समय में बहुत कम है। इसलिए 3 लाख रुपये हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जाए। किसान शिवकुमार सिंह कुशवाह, गणेश पाटिल सहित अन्य मौजूद थे।
Sadaiv Newsभारतीय किसान संघ ने भी सौंपा ज्ञापन
सोमवार दोपहर भारतीय किसान संघ मालवा प्रांत की ओर से भी जिला प्रशासन के अफसरों को ज्ञापन सौंपा गया। जिलाध्यक्ष नरेंद्र जाधव ने कहा जिले में 25 मई को प्राकृतिक आपदा के कारण केला फसल को खासा नुकसान पहुंचा। बार बार प्राकृतिक आपदा के कारण जिले का किसान कर्ज में डूबता जा रहा है। फसल बीमा का लाभ नहीं मिल रहा है। किसानों को मुआवजा राशि जल्द मिले। इस दौरान संस्था के अन्य पदाधिकारीए किसान मौजूद थे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा, 4 साल से किसान कर रहे मांग
सोमवार दोपहर नगर कांग्रेस कमेटी की ओर से भी कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर भव्या मित्तल को ज्ञापन सौंपा गया। जिलाध्यक्ष रिंकू टाक ने कहा जिले के किसानों को केला फसल पर बीमा का लाभ नहीं मिल रहा जबकि पड़ोसी जिले महाराष्ट्र में लाभ मिल रहा है। 4 साल से किसान मांग उठा रहे हैं। इस दौरान पूर्व विधायक हमीद काजी, विनय शाह, निखिल खंडेलवाल सहित अन्य कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता आदि मौजूद थे।

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