बुरहानपुर। खकनार थाना पुलिस ने एक साथ चार बड़ी चोरी की वारदातों का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्त में आए आरोपियों में गिरोह का मास्टरमाइंड गोरेलाल पिता छगन (उम्र 26 वर्ष) भी शामिल है, जिस पर पहले से हत्या, शराब तस्करी और मारपीट जैसे 5 मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपियों से ₹35,000 नकद और चोरी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है। एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
चार वारदातें, एक ही प्लान – बाइक से चोरी, जंगल में बंटवारा
| तारीख | स्थान | चोरी की गई वस्तु |
|---|---|---|
| 8 फरवरी | तुकईथड़ | ₹96,000 से भरा बैग |
| 6 मार्च | जामनिया | एक मोटरसाइकिल |
| 15 मार्च | तुकईथड़ बाजार | कपड़ों से भरा बैग |
| 13 अप्रैल | डोईफोड़िया | ₹2 लाख से भरा व्यापारी का बैग |
पुलिस के अनुसार, चारों घटनाएं एक ही गिरोह ने अंजाम दीं। चोरी की गई बाइक को वारदात में इस्तेमाल किया गया और फिर ग्राम धाबा के जंगल में छोड़ दिया गया।
सीसीटीवी से मिला बड़ा सुराग
टीआई अभिषेक जाधव के अनुसार, चोरी की घटनाओं की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। तुकईथड़ और डोईफोड़िया की वारदात में एक जैसी बाइक दिखाई दी। बाइक जंगल में लावारिस मिली, यहीं से पुलिस ने केस को टेक्निकल साक्ष्यों से जोड़ना शुरू किया।
मुखबिर की सूचना पर मास्टरमाइंड गोरेलाल दबोचा गया
25 जुलाई को पुलिस को सूचना मिली कि गोरेलाल और रोहिल, जामनिया के उत्कृष्ट स्कूल के पास खड़े हैं। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूछताछ में गोरेलाल टूट गया। उसने वारदातों में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली।
पूछताछ में किया खुलासा-
• 8 फरवरी को शेरू के साथ मिलकर ₹96,000 की चोरी
• 6 मार्च को बाइक चोरी, जिसका इस्तेमाल बाकी वारदातों में किया
• 15 मार्च को रोहिल और शेरू के साथ मिलकर कपड़ों का बैग चुराया
• 13 अप्रैल को डोईफोड़िया में व्यापारी की दुकान से ₹2 लाख से भरा बैग चोरी किया
• चोरी के बाद पैसे जंगल में बांटे, और वहीं बाइक छोड़ दी गई
बरामदगी-
| बरामद सामग्री | कीमत (₹ में) |
|---|---|
| नकद (गोरेलाल से) | ₹15,000 |
| नकद (रोहिल से) | ₹20,000 |
| चोरी की मोटरसाइकिल | ₹30,000 (अनुमानित) |
गिरफ्तार आरोपी:
1. गोरेलाल पिता छगन (26), जामनिया – मास्टरमाइंड
2. रोहिल पिता नाना (24), जामनिया
3. विकास पिता नहारसिंह (20), जामनिया – 27 जुलाई को गिरफ्तार
शेरू (फरार) – चौथे आरोपी की तलाश जारी है
इनकी रही सराहनीय भूमिका
थाना प्रभारी अभिषेक जाधव, उपनिरीक्षक रामेश्वर बकोरिया, बी.एल. मंडलोई, सउनि तारक अली, प्रधान आरक्षक मेलसिंह सोलंकी, आरक्षक मंगल पालवी, सतीश सूर्यवंशी, राजकुमार वर्मा, साइबर सेल से दुर्गेश पटेल, ललित चौहान, और अन्य टीम सदस्यों की सक्रियता से यह सफलता मिली।