बुरहानपुर। लालबाग रोड स्थित हकीमी अस्पताल में 11 नवंबर को गर्भाशय ऑपरेशन के दौरान हुई महिला की मौत के बाद मामला गरमाता जा रहा है। 21 दिन बीत जाने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन पर कोई कार्रवाई नहीं होने से नाराज मृतका के परिजन और रिश्तेदार सोमवार से शनवारा चौराहे पर क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठ गए। हड़ताल स्थल पर पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान हकीमी अस्पताल में अयोग्य और असंबंधित डॉक्टर मौजूद थे, जिससे महिला की जान गई।
दरअसल जैनाबाद निवासी मृतका वैष्णवी नागेश चौहान के परिजन महेश सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि जिस अंग का ऑपरेशन था, उससे संबंधित विशेषज्ञ वहां मौजूद नहीं थे। इसके बजाय 4 पुरुष डॉक्टर, 1 बीयूएमएस डॉक्टर, और 1 अस्थि रोग विशेषज्ञ, ऑपरेशन थियेटर में थे। परिवार का कहना है कि यह स्पष्ट रूप से गंभीर लापरवाही और गलत चिकित्सा पद्धति का मामला है।
पोस्टमार्टम महिला डॉक्टर्स की पैनल से, जनप्रतिनिधियों ने भी उठाई आवाज
घटना के अगले दिन पुलिस ने महिला डॉक्टरों की पैनल से पोस्टमार्टम करवाया था। इसके बाद सांसद ज्ञानेश्वर पाटील और नेपानगर विधायक मंजू दादू सहित कई जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर हर्ष सिंह से मिलकर जांच और कार्रवाई की मांग की थी। कलेक्टर ने तत्काल अपर कलेक्टर वीरसिंह चौहान की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की। समिति जांच में लगी है, लेकिन परिजनों का कहना है कि जांच में देरी न्याय में देरी है।
अस्पताल को सील करने की मांग
कुछ दिन पहले पीड़ित परिवार ने डिप्टी कलेक्टर सृजन श्रीवास्तव को ज्ञापन देकर चेतावनी दी थी कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो वे क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे। सोमवार से परिजन, रिश्तेदार और अन्य पीड़ित धरने पर बैठ गए हैं। परिजनों की मांगें— अस्पताल प्रबंधन पर एफआईआर दर्ज हो, जिम्मेदार डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई और अस्पताल को तुरंत सील किया जाए। परिजनों ने कहा यह सिर्फ लापरवाही नहीं, लापरवाही द्वारा की गई हत्या है। न्याय मिलने तक हड़ताल जारी रहेगी।