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बुर्जुग महिलाओं से 39 लाख रूपए की धोखाधड़ी मामले में नया मोड़
बुरहानपुर। पिछले दिनों दो सगी बहनों के साथ 39 लाख रूपए की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया था। इस मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने करीम और अशफाक नामक दो भाइयों के खिलाफ केस दर्ज किया था, लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ आया है। पीड़ित बुजुर्ग बहनों ने अपने अधिवक्ता मनोज अग्रवाल के माध्यम से प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि करीम और अशफाक ने हमसे दुकान, भूखंड का सौदा किया। 39 लाख रूपए के चेक ले लिए, लेकिन हमारे से कुछ दिन पहले ही उन्होंने एक और व्यक्ति से 50 लाख रूपए एक मुश्त राशि ली थी। बुजुर्ग महिलाओं और अधिवक्ता मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि खरीदी बिक्री के संव्यवहार में 2 लाख रूपए से अधिक नगद राशि प्राप्त करना गैर कानूनी होकर अपराध है। इसके साक्ष्य पुलिस को दिए गए है।
आयकर अधिनियम का उल्लंघन
अधिवक्ता श्री अग्रवाल ने बताया आरोपियों ने पूर्व क्रेता से भी 50 लाख रूपए प्राप्त किए हैं जो आयकर अधिनियम की धारा 269 एसटी का उल्लंघन होकर खुद न्यायालय इस बात की सूचना आयकर विभाग को देगी। ऐसे आदेश सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए हैं ताकि काला धन और ऐसे धन का देश के कानून के खिलाफ उपयोग न हो सके। इसमें एक करोड़ रूपए के दंड का प्रावधान है। अग्रवाल ने बताया पीड़ित बहनों ने शिकायत 1 मई 25 को की थी, लेकिन पुलिस ने 12 दिन बाद 12 मई को आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की। आरोपी भी अब तक फरार हैं और उनसे 39 लाख रूपए की जब्ती नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि नगद रकम के लेनदेन की सूचना आयकर विभाग को नहीं देने वाले अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई किए जाने के आदेश सुप्रीम कोर्ट के हैं। कोतवाली थाना टीआई सीताराम सोलंकी ने कहा-मामले की जांच जारी है। अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है। सारे साक्ष्य एकत्रित कर आगे कार्रवाई की जाएगी।
यह है पूरा मामला
दरअसल बुरहानपुर के खानका वार्ड में दो सगे भाइयों ने बैंक में गिरवी रखी संपत्ति का फर्जी सौदा कर दो सगी बहनों से 39 लाख रुपए ठग लिए। पीड़ित बहनों में से एक 63 वर्षीय शिक्षिका हैंए जबकि 61 वर्षीय दूसरी बहन मेहंदी का काम करती हैं। जानकारी के अनुसारए बैरी मैदान निवासी करीम और अशफाक ने 15 अप्रैल को पीड़ित बहनों को अपने भवन और दुकान का सौदा 2ण्88 करोड़ रुपए में करने का प्रस्ताव रखा। आरोपियों ने पीड़ितों को विश्वास दिलाया कि संपत्ति पर कोई देनदारी नहीं है और बैंक लोन दिलाने में भी मदद करेंगे। इस पर बहनों ने अग्रिम राशि के रूप में 13.13 लाख रुपए के तीन चेक और 26 लाख का एक चेक अशफाक के नाम से दिए। आरोपियों ने 22 अप्रैल को तीन चेक से 39 लाख रुपए निकाल लिए। इसी बीच पीड़ितों को पता चला कि भवन और दुकान बैंक में गिरवी हैं और मूल दस्तावेज भी बैंक में बंधक हैं। साथ ही यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने इसी संपत्ति का सौदा पहले एक अन्य व्यक्ति से भी कर 61 लाख रुपए ले चुके थे। पीड़ित बहनों ने 26 लाख के चौथे चेक का भुगतान रोक दिया और कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। तब पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 318.4 और 316.2 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया ,लेकिन अब तक आरोपी फरार हैं।
वर्जन-
मामला अभी जांच में, साक्ष्य एकत्रित कर रहे
शिकायत के आधार पर पहले ही केस दर्ज कर लिया था। मामले की जांच जारी है। अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सारे साक्ष्य एकत्रित कर आगे कार्रवाई की जाएगी।
-सीताराम सोलंकी, टीआई कोतवाली