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BURHANPUR NEWS- डिप्रेशन में कक्षा 12वीं के छात्र ने फांसी लगाकर जान दी 

मैथेमेटिक्स में सप्लीमेंट्री मिलने पर लगाई फांसी, एक दिन पहले ही आया था रिजल्ट बुरहानपुर। माध्यमिक शिक्षा मंडल का हायर सेकंडरी, हाईस्कूल का वार्षिक परीक्षा परिणाम बुधवार को घोषित हुआ। शहर की निजी स्कूल इम्पिरियल अकेडमी में अध्ययनरत कक्षा 12वीं के एक 18 वर्षीय छात्र को मैथेमेटिक्स विषय में सप्लीमेंट्री आई। इसके कारण डिप्रेशन में […]

  • मैथेमेटिक्स में सप्लीमेंट्री मिलने पर लगाई फांसी, एक दिन पहले ही आया था रिजल्ट

बुरहानपुर। माध्यमिक शिक्षा मंडल का हायर सेकंडरी, हाईस्कूल का वार्षिक परीक्षा परिणाम बुधवार को घोषित हुआ। शहर की निजी स्कूल इम्पिरियल अकेडमी में अध्ययनरत कक्षा 12वीं के एक 18 वर्षीय छात्र को मैथेमेटिक्स विषय में सप्लीमेंट्री आई। इसके कारण डिप्रेशन में आकर बुधवार रात उसने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। गुरूवार सुबह जिला अस्पताल में उसका पोस्टमार्टम हुआ। छात्र के परिजन बात करने की स्थिति में नहीं थे। उनके एक रिश्तेदार रोहित सोनवणे ने बताया छात्र को एक विषय में सप्लीमेंट्री आने पर उसने यह कदम उठाया।
शहर की निजी स्कूल इम्पिरियल अकेडमी में अध्ययनरत सिलमपुरा संजय नगर निवासी छात्र ने देर रात अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। सुबह परिजन से बेटे को फांसी पर लटकता देखा तो दंग रह गए। पुलिस को सूचना दी गई। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद दोपहर में शव परिजन के सुपुर्द किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
छात्र ने सप्लीमेंट्री आने पर फांसी लगाई
शिकारपुरा थाना प्रभारी कमलसिंह पवार ने बताया कक्षा 12वीं के छात्र को मैथेमेटिक्स विषय में सप्लीमेंट्री मिली। इससे आहत होकर उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जांच में प्रथम दृष्टया यही सामने आया है। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पोस्टमार्टम कर शव परिजन के सुपुर्द किया गया। मामले की जांच की जा रही है। इधर, पोस्टमार्टम के लिए शव जिला अस्पताल पहुंचा तो काफी संख्या में रिश्तेदार, परिजनों की भीड़ लग गई। किसी ने सोचा भी नहीं था कि रितेश यह कदम उठा सकता है।
एक्सपर्ट व्यू-
शासकीय जिला अस्पताल मन कक्ष विभाग के डॉ. देवेंद्र झड़ानिया ने कहा-असफलता मिलने पर कोई भी विद्यार्थी ऐसा कदम न उठाएं, बल्कि आगे और अच्छे से मेहनत कर सफलता हासिल की जा सकती है। हालांकि कईं बार बच्चों पर प्रेशर भी रहता है। कईं बार बच्चे उतने नंबर नहीं ला पाते जितना परिवार उनसे अपेक्षा रखता है, लेकिन इस चीज को घर वालों को भी समझना पड़ेगा। बच्चों में क्या रूचि है यह भी देखें। अगर बच्चों को मार्क्स भी कम आ रहे हैं तो एडजस्ट करें। उनका हौंसला बढ़ाएं।
पढ़ने में काफी होशियार था
इम्पिरियल अकेडमी स्कूल संचालक विजय सिंह परिहार ने बताया घटना सही है। छात्र को मैथ्स में सप्लीमेंट्री आई थी। हालांकि वह पढ़ाई में काफी अच्छा था, लेकिन उसे मैथ्स में कम अंक आए। शायद इसी कारण से डिप्रेशन में रहा होगा। उसका बड़ा भाई स्कूल का टॉपर रहा है। उसके पिता इलेक्ट्रिशियन का काम करते हैं।

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