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बुजुर्ग बहनों से 39 लाख का फर्जीवाड़ा, आरोपी भाई सलाखों के पीछे

संपत्ति सौदे का छल- बुजुर्ग महिलाओं को चेक से ठगा, पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार बुरहानपुर। खानका वार्ड में मावे की जलेबी बेचने वाले दो सगे भाइयों करीम और अशफाक ने दो बुजुर्ग बहनों के साथ 39 लाख रुपए की धोखाधड़ी कर बुरहानपुर की फिजा में सनसनी फैला दी। यह मामला तब सामने आया […]

  • संपत्ति सौदे का छल- बुजुर्ग महिलाओं को चेक से ठगा, पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार

बुरहानपुर। खानका वार्ड में मावे की जलेबी बेचने वाले दो सगे भाइयों करीम और अशफाक ने दो बुजुर्ग बहनों के साथ 39 लाख रुपए की धोखाधड़ी कर बुरहानपुर की फिजा में सनसनी फैला दी। यह मामला तब सामने आया जब पीड़ित बहनों ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई कि दोनों भाइयों ने बैंक में गिरवी रखी संपत्ति का झांसा देकर चेक से लाखों की रकम हड़प ली। आरोपियों को आज गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
दरअसल 15 अप्रैल को करीम और अशफाक ने बैरी मैदान स्थित एक भवन और दुकान को 2.88 करोड़ रुपए में बेचने का प्रस्ताव बुजुर्ग बहनों को दिया। उन्होंने दावा किया कि संपत्ति पूरी तरह से उनके नाम पर है और बैंक से मुक्त है। इतना ही नहीं, लोन की सुविधा तक दिलाने का वादा किया। भरोसे में आईं बहनों ने चार चेकों के माध्यम से कुल 39 लाख रुपए की अग्रिम राशि दे दी।
उसी संपत्ति पर पहले ही हो चुका था सौदा
जैसे ही तीन चेक बैंक से क्लियर होकर राशि ट्रांसफर हुई, पीड़ितों को पता चला कि उक्त संपत्ति पहले से ही बैंक में गिरवी है और उसके मूल दस्तावेज बैंक के पास हैं। यही नहीं, आरोपियों ने इसी संपत्ति का सौदा पहले ही एक अन्य व्यक्ति से कर 61 लाख रुपए की रकम प्राप्त कर रखी थी।
जलेबी दुकान के पीछे छिपा धोखाधड़ी का ठिकाना
करीम और अशफाक की मावे की जलेबी की दुकान शहर में वर्षों से जानी जाती रही है, लेकिन उसके पीछे यह धोखाधड़ी का जाल फैला हुआ था, इसका किसी को अंदेशा नहीं था। एफआईआर दर्ज होने के बाद से दोनों आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन सोमवार को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
शिक्षिका और मेंहदी कलाकार बनीं शिकार
इस ठगी का शिकार बनीं दोनों बहनें न केवल आर्थिक रूप से मजबूत थीं बल्कि समाजसेवी कार्यों में भी सक्रिय थीं। एक बहन 63 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं, जबकि दूसरी 61 वर्षीय बहन मेंहदी कला में निपुण हैं। दोनों ने अधिवक्ता मनोज अग्रवाल के माध्यम से आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करवाई।
अशफाक की सफाई: आरोप निराधार
गिरफ्तारी के बाद अशफाक ने कहा, हम पर लगे सारे आरोप झूठे हैं। हम कानूनी रूप से अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे। हमें बयान देने बुलाया गया था, हम खुद हाज़िर हुए।
एसपी की निगरानी में जांच तेज
एसपी देवेन्द्र पाटीदार ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम बनाई गई है, जो संपत्ति के दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और पुराने सौदों की जांच कर रही है। अब यह भी जांच की जा रही है कि क्या अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह का खेल खेला गया है।
पुलिस पूर्व सौदों की गहन जांच करेगी
कोतवाली थाना प्रभारी सीताराम सोलंकी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318-4 और 316-2 के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खाते, संपत्ति और पूर्व सौदों की गहन जांच करेगी।

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