बुरहानपुर/नेपानगर। नाबालिग बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी को लेकर चलाए जा रहे अभियान में नेपानगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब 20 दिन पहले लापता हुई 16 वर्षीय नाबालिग बालिका को पुलिस ने महाराष्ट्र के परभणी जिले से सुरक्षित दस्तयाब कर लिया। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर कार्रवाई करते हुए थाना देठणा क्षेत्र के ग्राम पोखरणी से बालिका को बरामद किया और कानूनी प्रक्रिया के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
मामला 30 अप्रैल की रात का है। फरियादी ने 1 मई को थाना नेपानगर पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 16 वर्षीय भांजी छुट्टियों में उसके घर आई हुई थी। 29 अप्रैल की रात परिवार के सभी लोग भोजन के बाद सो गए थे। रात करीब 1 बजे तक बालिका घर में सोती हुई दिखाई दी, लेकिन तड़के करीब 3 बजे जब फरियादी की नींद खुली तो वह अपने बिस्तर पर नहीं थी।
गांव से लेकर रिश्तेदारों तक तलाश, नहीं मिला सुराग
बालिका के अचानक गायब होने से परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने पहले गांव और आसपास के क्षेत्रों में तलाश की। इसके बाद बालिका के माता-पिता को सूचना दी गई। रिश्तेदारों और परिचितों से भी संपर्क किया गया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने आशंका जताई कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसे बहला-फुसलाकर ले गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 127/2026 दर्ज कर धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया और विवेचना शुरू की।
एसपी के निर्देश पर बनी टीम, महाराष्ट्र भेजी गई पुलिस
नाबालिग की दस्तयाबी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शेण्डे और एसडीओपी नेपानगर निर्भय सिंह अलावा ने थाना स्तर पर टीम बनाकर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के दौरान पुलिस को बालिका की लोकेशन महाराष्ट्र के परभणी जिले में होने की जानकारी मिली। इसके बाद नेपानगर पुलिस टीम को तत्काल महाराष्ट्र रवाना किया गया। वहां स्थानीय थाना देठणा पुलिस की मदद ली गई। संयुक्त प्रयासों से टीम ने ग्राम पोखरणी क्षेत्र में दबिश देकर नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया।
परिजनों को सौंपा, परिवार ने ली राहत की सांस
करीब 20 दिन से बेटी की तलाश में परेशान परिजनों को जब उसके सुरक्षित मिलने की सूचना मिली तो परिवार ने राहत की सांस ली। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बालिका को परिजनों के सुपुर्द किया। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
कार्रवाई में निरीक्षक ज्ञानु जायसवाल, सउनि सुनील दुबे, आरक्षक नीरज और महिला आरक्षक लीला की सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस ने संवेदनशील मानकर जांच शुरू की
नाबालिग बालिका का रात के समय अचानक लापता होना परिजनों के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गया था। मामला दर्ज होते ही पुलिस ने इसे संवेदनशील मानकर जांच शुरू की। तकनीकी लोकेशन और लगातार पड़ताल के आधार पर पुलिस ने महाराष्ट्र तक पहुंचकर बालिका को दस्तयाब किया। यह कार्रवाई नाबालिगों की सुरक्षा और दस्तयाबी को लेकर पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है।