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महिला बाल विकास में फर्जी नियुक्ति का मामला- ससुर की समग्र आईडी का उपयोग कर आंगनवाड़ी सहायिका का पद हासिल किया

शिकायतकर्ता ने कहा, अगर सुनवाई नहीं हुई तो हाईकोर्ट जाएंगे बुरहानपुर। जिले के ग्राम शेखापुर में महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी सहायिका भर्ती में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि ससुर की समग्र आईडी का उपयोग कर एक महिला ने गलत तरीके से आंगनवाड़ी सहायिका का पद प्राप्त कर लिया। […]

  • शिकायतकर्ता ने कहा, अगर सुनवाई नहीं हुई तो हाईकोर्ट जाएंगे

बुरहानपुर। जिले के ग्राम शेखापुर में महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी सहायिका भर्ती में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि ससुर की समग्र आईडी का उपयोग कर एक महिला ने गलत तरीके से आंगनवाड़ी सहायिका का पद प्राप्त कर लिया। हालांकि, जांच के बाद उसे हटा दिया गया और दूसरे स्थान पर रही आवेदिका को पद दिया गया, लेकिन अब इस मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
Sadaiv Newsफर्जी समग्र आईडी का खेल, गलत तरीके से पाई नौकरी
ग्राम शेखापुर में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी सहायिका पद के लिए भर्ती प्रक्रिया चलाई गई थी। इस भर्ती में शिकायतकर्ता सतीश इंगले ने जनसुनवाई में आवेदन देते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि इस भर्ती में उनकी पत्नी सुरेखा इंगले और रीना बाई (पति नगीन) ने आवेदन किया था।
क्या है पूरा मामला
रीना बाई ने अपने ससुर हरचंद की समग्र आईडी का उपयोग किया और खुद को बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) श्रेणी का बताया। इससे उन्हें 70 अंक मिले, जबकि सुरेखा को 63.71 अंक ही प्राप्त हुए। अंक ज्यादा होने के कारण रीना बाई को नियुक्त कर दिया गया और सुरेखा दूसरे स्थान पर रही। जब मामले की जांच हुई तो खुलासा हुआ कि रीना बाई ने गलत दस्तावेजों के आधार पर पद प्राप्त किया। जांच के बाद रीना बाई की नियुक्ति रद्द कर दी गई और पद सुरेखा इंगले को सौंप दिया गया।
अफसरों की भूमिका पर उठे सवाल
शिकायतकर्ता सतीश इंगले का कहना है कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी भी संदेह के दायरे में हैं। जब उन्होंने अधिकारियों से इस बारे में सवाल किया तो जवाब मिला – अब जब आपकी पत्नी को नियुक्ति मिल गई है, तो शिकायत क्यों? लेकिन असली सवाल यह है कि यह गड़बड़ी हुई ही क्यों? क्या अधिकारियों ने जानबूझकर गलत चयन किया था? दस्तावेजों में हेरफेर कर अपात्र उम्मीदवार को चयनित करने की कोशिश क्यों की गई? शिकायतकर्ता ने मांग की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में कोई और इस तरह की धोखाधड़ी न कर सके। यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वह हाईकोर्ट जाएंगे।

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