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केंद्रीय पर्यवेक्षक चेतन चौहान की दो टूक- मैं पाटील नहीं बनूंगा

2025 संगठन का साल, 55 की उम्र सीमा तय, नेताओं से लिया जा रहा वन-टू-वन फीडबैक पहले आए पर्यवेक्षक भाजपा में, अब कांग्रेस कर रही फिर से रायशुमारी कार्यकर्ताओं ने कहा – इस बार सही नेतृत्व चाहिए, निष्ठा नहीं बिकनी चाहिए बुरहानपुर। कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत सोमवार को बुरहानपुर पहुंचे केंद्रीय पर्यवेक्षक […]

बुरहानपुर। कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत सोमवार को बुरहानपुर पहुंचे केंद्रीय पर्यवेक्षक चेतन चौहान ने साफ शब्दों में कहा – मेरे से पहले जो आए वो कांग्रेस परिवार को छोड़कर चले गए। मैं ‘पाटील’ नहीं बनूंगा। यह तीखा बयान कांग्रेस में संगठनात्मक शुचिता और निष्ठा को लेकर एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। दरअसल, पिछले महीने बुरहानपुर आए पूर्व पर्यवेक्षक कुणाल पाटील ने कांग्रेस की बैठकें लेने के बाद बीजेपी का दामन थाम लिया, जिससे पार्टी की न केवल किरकिरी हुई बल्कि पूरी रायशुमारी प्रक्रिया भी शून्य में बदल गई।
Sadaiv Newsरायशुमारी दोबारा, वजह – जो पार्टी बदलता है, उसकी राय अब मूल्यहीन
कांग्रेस को अब पूरे जिले में दोबारा संगठनात्मक बातचीत और विचार-विमर्श की कवायद करनी पड़ रही है। सोमवार को गुर्जर भवन में आयोजित बैठक में चेतन चौहान, प्रदेश प्रभारी डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ, और जिला प्रभारी ग्यारसीलाल रावत ने शहर और ग्रामीण अध्यक्ष पद के लिए वन-टू-वन रायशुमारी की।
बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टाक, जिला सचिव आशीष भगत, पूर्व विधायक हमीद काजी, ठाकुर सुरेंद्र सिंह, रविंद्र महाजन, इंद्रसेन देशमुख, निखिल खंडेलवाल, अजय रघुवंशी, शेख रूस्तम, हर्षित ठाकुर समेत अनेक पदाधिकारी और वरिष्ठ कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संगठन की गरिमा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं – चेतन चौहान
पर्यवेक्षक चेतन चौहान का स्पष्ट कहना था –एक व्यक्ति ने पहले रायशुमारी ली और कुछ दिन बाद पार्टी छोड़ दी। यह कांग्रेस जैसे संगठन के साथ धोखा है। अब हम वही राय नहीं मान सकते। संगठन की गरिमा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस अब निष्ठा और जमीन पर काम करने वाले नेताओं को प्राथमिकता दे रही है। संगठन निर्माण में चूक नहीं दोहराई जाएगी।
कांग्रेस संगठन का रिफॉर्म ईयर, उम्र सीमा भी लागू
चौहान ने जानकारी दी कि 2025 को कांग्रेस ने संगठन सुधार वर्ष घोषित किया है। इसके अंतर्गत 55 वर्ष की उम्र सीमा को लेकर निर्णय प्रक्रिया चल रही है। गुजरात और हरियाणा मॉडल की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी रायशुमारी के जरिए नेतृत्व चयन किया जा रहा है। अब नेतृत्व तय नहीं होगा, बल्कि चुना जाएगा – जनता और कार्यकर्ताओं के बीच से।
नेपानगर-खकनार में भी होगी रायशुमारी, ग्रामीण अध्यक्ष पद पर फोकस
केन्द्रीय आब्जर्वर चेतन चौहान, प्रदेश प्रभारी डॉ विजयलक्ष्मी साधौ, जिला प्रभारी ग्यारसीलाल रावत, कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष शेख अलीम 8 जुलाई को नेपानगर में रहेंगे। वह वहां ग्रामीण अध्यक्ष पद के लिए रायशुमारी करेंगे। सुबह 11 बजे यूनियन भवन में बैठक होगी। वहीं दोपहर 3 बजे साईं मंदिर खकनार में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन को मजबूत बनाने के लिए सभी की राय जानेंगे।

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