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बुरहानपुर जिले में हर साल केले से होता है 1700 करोड़ का कारोबार, केले से बने उत्पादों को नई पहचान दिलाएंगे

दो दिवसीय केला, हल्दी फेस्टिवल का शुभारंभ 20 से, देशभर के विभिन्न शहरों से वैज्ञानिक, कंपनियों के लोग आएंगे बुरहानपुर। जिले में केला, केले के रेश से कईं उत्पाद तैयार हो रहे हैं। धीरे धीरे इसका व्यवसाय बड़ा आकार ले रहा है। इसे आगे और बढ़ाने की कवायद जिला प्रशासन कर रहा है।

On: February 19, 2024 7:59 PM
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  • दो दिवसीय केला, हल्दी फेस्टिवल का शुभारंभ 20 से, देशभर के विभिन्न शहरों से वैज्ञानिक, कंपनियों के लोग आएंगे

बुरहानपुर। जिले में केला, केले के रेश से कईं उत्पाद तैयार हो रहे हैं। धीरे धीरे इसका व्यवसाय बड़ा आकार ले रहा है। इसे आगे और बढ़ाने की कवायद जिला प्रशासन कर रहा है। इसे लेकर केला-हल्दी फेस्टिवल कराया जा रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों के साथ मिलकर 20 व 21 फरवरी को केला- हल्दी फेस्टिवल 2024 का आयोजन किया जाएगा। आयोजन का मुख्य उद्देश्य केले और केले के रेशे से बने उत्पादों को बढ़ावा देना। बाहरी इन्वेस्टमेंट, बुरहानपुर को केला हब के रूप में देशभर में पहचान दिलाना है। जिले में हर साल केले से करीब 1700 करोड़ और हल्दी से 74.84 करोड़ का कारोबार होता है। दो दिवसीय उत्सव की शुरू 20 फरवरी से होगी। इस आयोजन में कईं कंपनियां, विभिन्न राज्यों से एक्सपर्ट, साइंटिस्ट शामिल होंगे। इन्वेस्टमेंट के लिए भी कंपनियों को आमंत्रित किया गया है। जिले में केले की खेती का क्षेत्रफल 23 हजार 650 हेक्टेयर है। 16 लाख मीट्रिक टन केला का उत्पादन होता है। जिले में 18 हजार 325 किसान केले की खेती से जुड़े हैं। केले की बिक्री से 1700 करोड़ रूपये का कारोबार होता है। वहीं बुरहानपुर में 2700 हेक्टेयर में हल्दी की खेती की जाती है जिसमें 71 हजार 280 मीट्रिक टन हल्दी उगाई जाती है। हल्दी की खेती से 1125 किसान जुड़े है और इसकी बिक्री का कारोबार 74ण्84 करोड़ रूपये का है। बनाना फेस्टिवल के तहत जिला प्रशासन का प्रयास है कि उत्पादों को ई.कामर्स प्लेटफॉमर्स पर भी लाया जाये। सोमवार सुबह 11 बजे कलेक्टर भव्या मित्तल ने आयोजन की रूपरेखा बताई। उन्होंने बताया केले को एक जिला एक उत्पाद की श्रेणी में रखा गया है। जिले में केला उत्पादन काफी अच्छी तरह से होता है। होटल उत्सव में होने वाले समारोह में बहादरपुर स्थित होटल उत्सव में 25 प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जाएंगे।

जानिए क्या क्या होगा- स्टॉल में नजर आएगी अलग अलग फ्लेवर की केला चिप्स
स्टॉल में इच्छा केला चिप्स अलग अलग फ्लेवर के केला चिप्स, केले से बनी सेव का प्रदर्शनी लगाएगा। मंगलम कल्पतरू प्लान्टर्स बनाना फायबर प्रायवेट लिमिटेड जयपुर केले से बनी योगा मेट, प्राणिका इंजीनियर फर्म द्वारा केले के आटे का स्टॉल, लाइव किचन कुंदन बेकरी द्वारा केले से बने बेकरी आईटम्स, मिठाई का स्टॉल, एलआरएलएम आजीविका मिशन द्वारा प्रशिक्षण उत्पादों का स्टॉल, सक्षम डी हाईड्रेसन डोईफोड़िया द्वारा केले का आटा व केले से बने सूखे उत्पादों का स्टॉल, आरएसईटीआई, ताप्ती हेंडलूम द्वारा प्रशिक्षण उत्पादों का स्टॉल, मां एकता मसाला द्वारा मसाला उत्पादों का स्टॉल, फिप्थ डाइमेंशन द्वारा टेराकोटा का स्टॉल, प्रगति इन्डस्ट्रीज बुरहानपुर लाइव किचन केला चिप्स, नवनाथ केला चिप्स हतनूर, प्रांश वेलफेयर वारोली केला चिप्स, सौख्यम द्वारा सेनेटरी नेपकीन का स्टॉल, एनआरएलएम द्वारा लाइव किचन केले से निर्मित खाद्य सामग्री का स्टॉल, सृजन बॉम्बू क्रॉफ्ट परेठा और बॉम्बू क्रॉफ्ट क्लस्टर दाहिंदा शेखापुर द्वारा बॉम्बू से निर्मित साज सज्जा की वस्तुओं का स्टॉल, समीर फुटवेयर नेपानगर द्वारा शू, स्लीपर, सेण्डल व पुलिस शू का स्टॉल, मिस्टर अनिकेत महाजन द्वारा केले से बने डिस्पोजेबल वस्तुओं का स्टॉल, मनोज मेहरा शू मेकर आलमगंज बुरहानपुर द्वारा शू मेनूफेक्चिरिंग का स्टॉल, नीरवाना बेनल दापोरा द्वारा प्लाई उत्पादन का स्टॉल, वंदना कॉर्प द्वारा केले का आटा व सूखे उत्पादों का स्टॉल, ताज रोप द्वारा केले से बनी रस्सी, मोरगी, नाथ.जोत व अंगोदी का स्टॉल, टरसर ऑर्गेनिक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आर्गेनिक खाद्य उत्पादों का स्टॉल और बनोफी लेदर द्वारा बनाना लेदर प्रोडक्ट का स्टॉल लगाया जाएगा।
केला आनंद मेले में होंगे मीठे और नमकीन व्यंजन
20 फरवरी को केला आनंद मेला होगा। इसके तहत केला व्यंजन प्रतियोगिता होगी। अब तक 100 प्रतिभागियों ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। प्रतियोगिता को मीठा, नमकीन दो श्रेणी में विभाजित किया गया है। इसमें गृहिणी, रेस्टारेंट के व्यक्ति सहभागिता करेंगे। केले से बने अनूठे और स्वादिष्ट व्यंजन वाले स्टॉल को पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं बनाना फेस्टिवल के तहत शाही किला परिसर में लाइट एंड साउंड शो, सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
केला पाउडर यूनिट का स्टॉल भी लगेगा
प्रदर्शनी के दौरान कला पावडर यूनिट का स्टॉल भी लगेगा। केला पाउडर यूनिट संचालक अमित पाटील के अनुसार केले का भाव बाजार में कम ज्यादा होता रहता है। अपनी आमदनी को बढ़ाने के लिए मैंने केला प्रोसेसिंग के तहत केला पाउडर निर्माण करने का विचार किया। मैंने विभाग से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना की जानकारी प्राप्त की। योजना की सहायता से मैंने 30 लाख रूपये की लागत से केला पाउडर यूनिट की स्थापना की। इस व्यवसाय से प्रतिवर्ष 15-20 लाख रूपये का शुद्ध मुनाफा हो जाता है।
अब जानिए बुरहानपुर में और क्या क्या होगा-
21 फरवरी को फेस्टिवल के समापन के साथ दोपहर 3 बजे हेरीटेज वॉक का आयोजन होगा। यह हेरीटेज वॉक शनवारा गेट से प्रारंभ होकर प्रमुख पर्यटन स्थलों से गुजरते हुए शाही किले पर समाप्त होगी। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना है।
रिसर्च फॉर बनाना केरला, इंडियन काउंसिल फॉर एग्रीकल्चर रिसर्च कोयम्बटूर, नवसारी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी गुजरात, महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट फॉर रूरल इंडस्ट्रिलायजेशन वर्धा, सेंट्रल फॉर रिसर्च इन कॉटन टेक्नालॉजी मुंबई, उद्यमी फाउंडेशन व सौख्यम तमिलनाडु की कंपनियां सहभागिता करेगी।
डॉ चिराग देसाई वैज्ञानिक बनाना पेपर टेक्नालॉजी, उमा थेरे सीनियर लेबोरेटरी असिस्टेंट बनाना पल्प प्रोसेसिंग, अमृत दोशी इंचार्ज हेड एसपीआरईआरआई बड़ोदरा, शशांक श्रीवास्तव उद्यमी जयपुर, भव्या झा फेशन डिजाइनर, राजेश सिंह हस्तशिल्प सलाहकार, डॉ. केएन शिवा वैज्ञानिक केले के तने और मध्य भाग से उत्पाद, रवि कुमार वरिष्ठ सलाहकार, प्रांजुल रहेजा उद्यमी सहभागिता करेंगे।
हल्दी के प्रसंस्कर, तकनी और अन्वेषण पर भी फेस्टिवल में विचार होगा। केले के रेशे से हस्तशिल्प उत्पाद, केला का रेशा, कपड़ा और खाद्य पदार्थ के निवेश का स्वागत किया जाएगा।

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