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बुरहानपुर में वन विभाग का “ऑपरेशन वाइल्ड लाइफ ट्रैप”: वन्यजीवों की सुरक्षा और वन क्षेत्र के संरक्षण के लिए विशेष अभियान

बुरहानपुर। जिले में वन विभाग ने वन्यजीवों की सुरक्षा और वन क्षेत्र के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। रविवार को वन विभाग ने “ऑपरेशन वाइल्ड लाइफ ट्रैप” के तहत विशेष अभियान चलाया। इस अभियान में बुरहानपुर जिले के 4 रेंज के 80 वनकर्मी और 2 रेंजर शामिल हुए। इस विशेष अभियान का […]

बुरहानपुर। जिले में वन विभाग ने वन्यजीवों की सुरक्षा और वन क्षेत्र के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। रविवार को वन विभाग ने “ऑपरेशन वाइल्ड लाइफ ट्रैप” के तहत विशेष अभियान चलाया। इस अभियान में बुरहानपुर जिले के 4 रेंज के 80 वनकर्मी और 2 रेंजर शामिल हुए। इस विशेष अभियान का उद्देश्य वन्यजीवों के संरक्षण, अवैध शिकार, वन कटाई और वन क्षेत्र में अतिक्रमण पर कड़ी नज़र रखना था।
अतिक्रमण प्रभावित क्षेत्रों में विशेष गश्त
वन विभाग के डीएफओ विद्याभूषण सिंह के निर्देश और एसडीओ विक्रम सुलिया के मार्गदर्शन में यह अभियान नेपानगर सब डिवीजन की चार प्रमुख रेंजों – नावरा, नेपानगर, असीर और धुलकोट रेंज में चलाया गया। इन रेंजों के कई अतिक्रमण प्रभावित क्षेत्रों में विशेष गश्त की गई। टीम ने हल्दिया, बोमलियापाट, और मांडवा जैसे क्षेत्रों में पैदल गश्त की। गश्त के दौरान टीम ने अवैध वनोपज की जांच की और उन क्षेत्रों में अतिक्रमण कर बनाए गए टपरों (अस्थायी आवास) पर भी जांच की।
अवैध शिकार और वन्यजीव सुरक्षा
अभियान के दौरान वन विभाग की टीम ने वन्यजीवों की सुरक्षा के बारे में स्थानीय ग्रामीणों को जागरूक किया। टीम ने किसानों की भूमि पर लगी जीआई तार फेंसिंग की जांच की, जो संभावित शिकारियों द्वारा शिकार करने के उद्देश्य से लगाए गए हो सकते थे। इसके अलावा, टीम ने उन फंदों का भी निरीक्षण किया जो अवैध शिकार के लिए लगाए गए थे। इस कार्रवाई से वन्यजीवों के सुरक्षा के प्रति स्थानीय लोगों को भी एक नई चेतावनी मिली और उन्हें बताया गया कि वन्यजीवों के संरक्षण में उनका भी महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है।
ड्रोन निगरानी से बेहतर सुरक्षा
इस विशेष अभियान में वन विभाग ने ड्रोन कैमरे का भी उपयोग किया। ड्रोन का उपयोग क्षेत्र की निगरानी के लिए किया गया ताकि बड़ी संख्या में अतिक्रमणकर्ताओं या वन्यजीवों की सुरक्षा में कोई भी गंभीर समस्या न उत्पन्न हो। इससे विभाग को दूरदराज के इलाकों में भी सटीक जानकारी प्राप्त करने में मदद मिली। ड्रोन कैमरे की मदद से वन्यजीवों की गतिविधियों की भी निगरानी की गई, जिससे वन्यजीवों के संरक्षण में मदद मिली।
वनकर्मियों और रेंज अधिकारियों की भूमिका
अभियान के दौरान नावरा रेंजर पुष्पेंद्र जादौन और धूलकोट रेंज के रेंजर तरूण अनिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों रेंज अधिकारियों के मार्गदर्शन में, वनकर्मियों की टीम ने इलाके में गश्त की और हर संभावित खतरे का पता लगाया। उनकी मेहनत और समर्पण से इस अभियान को सफलता मिली और विभाग ने इस अभियान को पूरी तरह से प्रभावी और सकारात्मक बताया।
अभियान नियमित रूप से चलाया जाएगा
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वन्यजीवों और वन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए यह अभियान नियमित रूप से चलाया जाएगा। इस तरह के अभियान से अवैध शिकार, वन कटाई, और अतिक्रमण जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलती है। इसके साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाता है कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में किसी भी प्रकार का खलल न पड़े और उनके जीवन को सुरक्षित रखा जा सके।
वन विभाग का यह अभियान यह साबित करता है कि वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए विभाग पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और आगामी समय में भी इस तरह के अभियानों की निरंतरता को बनाए रखा जाएगा।
वन क्षेत्रों की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी
ऑपरेशन वाइल्ड लाइफ ट्रैप के तहत इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ वन्यजीवों की सुरक्षा और वन क्षेत्र के संरक्षण तक सीमित नहीं था, बल्कि यह आम जनता और स्थानीय समुदाय को भी यह समझाने का प्रयास था कि वन्यजीवों के संरक्षण में उनका भी योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। वन विभाग की इस पहल से बुरहानपुर जिले में वन्यजीवों और वन क्षेत्रों की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी, और यह अभियान अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत करेगा।

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