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GIS सर्वे से नगर निगम की नई पहल: सभी प्रॉपर्टी मालिकों को भरना होगा हाउस टैक्स

सभी संपत्तियां आएंगी हाउस टैक्स के दायरे में, GIS सर्वे से बढ़ेगी पारदर्शिता बुरहानपुर। नगर निगम ने शहर में जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (GIS) सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य हाउस टैक्स की चोरी रोकना, टैक्स प्रणाली को पारदर्शी बनाना और प्रत्येक प्रॉपर्टी मालिक को हाउस टैक्स के दायरे में […]

  • सभी संपत्तियां आएंगी हाउस टैक्स के दायरे में, GIS सर्वे से बढ़ेगी पारदर्शिता

बुरहानपुर। नगर निगम ने शहर में जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (GIS) सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य हाउस टैक्स की चोरी रोकना, टैक्स प्रणाली को पारदर्शी बनाना और प्रत्येक प्रॉपर्टी मालिक को हाउस टैक्स के दायरे में लाना है।
इस सर्वेक्षण के तहत नगर निगम सीमा के भीतर स्थित सभी आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इस सर्वे को दिल्ली की कंपनी Map My India द्वारा संचालित किया जा रहा है।
GIS सर्वे की आवश्यकता क्यों?
बुरहानपुर नगर निगम क्षेत्र में कई प्रॉपर्टी मालिक गलत या अधूरी जानकारी देकर हाउस टैक्स से बच रहे थे। इससे नगर निगम को बड़ा वित्तीय नुकसान हो रहा था। GIS सर्वे से इन सभी संपत्तियों का सटीक डेटा तैयार होगा, जिससे टैक्स चोरी पर रोक लगेगी और नगर निगम का राजस्व बढ़ेगा।
GIS सर्वे की प्रमुख बातें
1. सर्वे की प्रक्रिया
• नगर निगम सीमा के सभी वार्डों का चिन्हांकन किया जाएगा।
• BASE MAP एप्स की मदद से संपत्तियों की भौगोलिक जानकारी एकत्र की जाएगी।
• प्रत्येक प्रॉपर्टी को यूनिक आईडी दी जाएगी, जिससे उसका हाउस टैक्स रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
2. हाउस टैक्स प्रणाली में सुधार
🔹 GIS सर्वेक्षण से सभी संपत्तियों को टैक्स के दायरे में लाया जाएगा।
🔹 प्रत्येक संपत्ति का डिजिटल मैपिंग और टैक्स विवरण मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए उपलब्ध रहेगा।
🔹 यूनिक आईडी मिलने के बाद भवन स्वामी अपने मोबाइल से हाउस टैक्स की जानकारी आसानी से देख सकेंगे।
3. टैक्स चोरी पर रोक
• अवैध निर्माणों और टैक्स चोरी पर प्रभावी रूप से रोक लगेगी।
• नगर निगम को सही आंकड़े मिलेंगे, जिससे टैक्स वसूली में बढ़ोतरी होगी।
• संपत्तियों की लोकेशन और उनके वास्तविक आकार की सटीक जानकारी उपलब्ध होगी।
4. नगर निगम की पारदर्शी प्रणाली
• GIS सर्वे से टैक्स रिकॉर्ड डिजिटल होगा, जिससे सभी करों (हाउस टैक्स, जलकर, सफाई कर) को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा।
• नगर निगम के लिए ऑनलाइन टैक्स भुगतान और वसूली की निगरानी आसान होगी।
• इससे नगर निगम का राजस्व बढ़ेगा और शहर में नए विकास कार्यों को गति मिलेगी।
GIS सर्वे को लेकर नगर निगम की बैठक
नगर निगम परिसर के MIC हॉल में नगर निगम अधिकारियों और GIS सर्वेक्षण कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव, कंपनी प्रोजेक्ट मैनेजर महेश पटेल, प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर नीरज कुमार, राजस्व अधिकारी शशिकांत पवित्रे, संपत्ति कर अधिकारी धीरेंद्र सिकरवार, और अन्य निगम अधिकारी मौजूद रहे।
Sadaiv Newsबैठक में उठाए गए महत्वपूर्ण कदम
• GIS सर्वेक्षण के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
• कंपनी के मास्टर ट्रेनरों ने GIS टेक्नोलॉजी पर प्रजेंटेशन दिया।
• नगर निगम के सभी राजस्व निरीक्षकों को GIS सर्वेक्षण के बारे में प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया गया।
GIS सर्वे के प्रभाव और भविष्य की योजनाएँ
• डिजिटल हाउस टैक्स प्रणाली: प्रत्येक संपत्ति का टैक्स रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध होगा।
• अवैध निर्माणों की पहचान: गलत जानकारी देने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
• नगर निगम की आय में वृद्धि: टैक्स चोरी बंद होने से नगर निगम का राजस्व बढ़ेगा।
• मोबाइल ट्रैकिंग सिस्टम: नागरिक अपने टैक्स रिकॉर्ड को ऑनलाइन देख और भुगतान कर सकेंगे।
• स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़ाव: GIS तकनीक का उपयोग करके शहर को और अधिक स्मार्ट बनाया जाएगा।
शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी
GIS सर्वेक्षण नगर निगम प्रशासन को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाएगा। इससे हाउस टैक्स प्रणाली को डिजिटल और निष्पक्ष बनाया जाएगा, जिससे नगर निगम का राजस्व बढ़ेगा और शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी।

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