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पुलिस द्वारा ‘ई-साक्ष्य’ ऐप पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
बुरहानपुर। जिले में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल साक्ष्य के महत्व और उनके प्रबंधन पर प्रशिक्षित करने के लिए ‘ई-साक्ष्य’ ऐप पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम एसपी देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन एवं एएसपी अंतर सिंह कनेश और सीएसपी गौरव पाटिल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
दरअसल इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस कर्मियों को डिजिटल साक्ष्यों के संग्रह, सुरक्षित भंडारण, और न्यायालय में उनकी प्रस्तुति की प्रक्रिया में दक्ष बनाना है। इस कार्यक्रम के तहत 26 मार्च 2025 से पुलिस टीम द्वारा जिले के विभिन्न थानों में जाकर पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
ई-साक्ष्य ऐप क्या है?
‘ई-साक्ष्य’ ऐप राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र द्वारा विकसित एक अत्याधुनिक मोबाइल एप्लिकेशन है। यह अपराध स्थलों की साक्ष्य रिकॉर्डिंग, संग्रहण, और प्रबंधन को डिजिटल रूप देने में सहायता करता है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित की जा सके।
ई-साक्ष्य ऐप के लाभ
• डिजिटल साक्ष्यों का प्रमाणिक और सुरक्षित संग्रहण।
• अपराध स्थलों के वीडियो और फोटो रिकॉर्ड कर बिना किसी छेड़छाड़ के न्यायालय में प्रस्तुत करना।
• भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली को आधुनिक बनाने में सहायक।
• न्यायिक प्रक्रियाओं की अखंडता सुनिश्चित करना और दोषसिद्धि दर में वृद्धि।
• नए आपराधिक कानूनों (1 जुलाई से लागू) के अनुरूप कार्यप्रणाली।
प्रशिक्षण में विशेषज्ञों की भूमिका
जिले के सभी थानों में विशेषज्ञ पुलिस कर्मियों प्रआर. नीरज सैनी, प्रआर. सचिन जमरे, और आर. विनोद सावले द्वारा यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके तहत पुलिसकर्मियों को घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र करने, खोज और ज़ब्ती, कथन रिकॉर्डिंग आदि की डिजिटल प्रक्रियाओं से अवगत कराया जा रहा है।