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पुलिसिंग की स्थिति का जायजा- ASP, CSP और SDOP ने किया रात्रिकालीन थानों का आकस्मिक निरीक्षण

बुरहानपुर। 12 नवंबर की रात को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतर सिंह कनेश, नगर पुलिस अधीक्षक गौरव पाटिल और एसडीओपी नेपानगर निर्भय सिंह अलावा द्वारा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न थानों का निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का उद्देश्य पुलिसिंग की स्थिति का जायजा लेना और थानों में आवश्यक सुधारात्मक निर्देश देना था। पुलिस अधीक्षक […]

बुरहानपुर। 12 नवंबर की रात को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतर सिंह कनेश, नगर पुलिस अधीक्षक गौरव पाटिल और एसडीओपी नेपानगर निर्भय सिंह अलावा द्वारा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न थानों का निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का उद्देश्य पुलिसिंग की स्थिति का जायजा लेना और थानों में आवश्यक सुधारात्मक निर्देश देना था।
पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के निर्देशानुसार सभी थाना प्रभारियों को प्रभावी पुलिसिंग, नियमित गश्त और संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में रात के दौरान अधिकारियों ने शिकारपुरा, गणपति नाका, निंबोला, शाहपुर, नेपानगर, कोतवाली, लालबाग और खकनार जैसे प्रमुख थानों का निरीक्षण किया।
मुख्य निर्देश:
1. लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा – लंबित अपराधों की समीक्षा कर उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
2. दस्तावेज़ों का अद्यतन – थाने के एचसीएम और मुंशी को समस्त रजिस्टर अपडेट रखने के निर्देश दिए।
3. चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण – चोरी के हॉटस्पॉट चिन्हित कर उन क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जाए और संदिग्ध लोगों की चेकिंग की जाए।
4. थाने की साफ-सफाई और सुरक्षा – हवालात, मालखाना और थाने के परिसर की सफाई और उचित सुरक्षा व्यवस्था पर जोर दिया गया।
5. गिरफ्तार व्यक्तियों के प्रति सतर्कता – अनावश्यक रूप से किसी को हिरासत में न रखा जाए और यदि लाया जाता है तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
6. मुलजिम सुरक्षा – आरोपियों की सुरक्षा के लिए 6-6 घंटे की शिफ्ट में एचसीएम द्वारा ड्यूटी लगाई जाए।
7. खतरनाक वस्तुओं का निषेध – हवालात में रस्सी, धारदार चीजें, फिनायल आदि ना रखी जाएं।
8. आरामदायक सुविधा – आरोपियों को पुरानी या फटी हुई चादरें या कंबल न दिए जाएं।
9. स्वास्थ्य सेवा – यदि आरोपी बीमार हो तो तुरंत उपचार कराते हुए उसकी रिपोर्ट दर्ज की जाए।
10. कस्टोडियल डेथ की रोकथाम – कस्टोडियल डेथ की रोकथाम हेतु थाना प्रभारी एवं स्टाफ को आरोपियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
इस निरीक्षण से पुलिस प्रशासन का उद्देश्य थानों में बेहतर अनुशासन, सुरक्षा और नागरिकों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करना है।

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