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आपसी रंजिश में रची गई थी साजिश, पुलिस ने साइबर इन्वेस्टिगेशन से पकड़ा आरोपी
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एसपी बोले- बदला लेने के लिए डाली थी फेक पोस्ट
बुरहानपुर। गत 18 मार्च की रात सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डाले जाने के बाद बुरहानपुर शहर में तनाव की स्थित उत्पन्न हो गई थी। हजारों की संख्या में लोग कोतवाली थाने पहुंच गए थे, लेकिन पुलिस, जिला प्रशासन ने समय रहते हालात काबू में कर आरोपी को पकड़कर एफआईआर दर्ज कर ली थी। जांच में कईं तथ्य सामने आए। यह पाया गया कि जिस युवक पर आरोप लगे उसने यह काम किया ही नहीं है। एसपी देवेंद्र पाटीदार ने इसका खुलासा किया। दरअसल पूरा मामला आपसी दुश्मनी निकालने का था, लेकिन इसमें शहर का माहौल बिगड़ गया था। पुलिस ने आपत्तिजनक पोस्ट डालने वाले आरोपी को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया है।
एसपी देवेंद्र पाटीदार के अनुसार 18 मार्च को सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर तनाव का माहौल क्रिएट हुआ था। पुलिस ने तत्काल केस बनाया था। युवक को कस्टडी में लिया था। साइबर टीम ने इन्वेस्टिंग की, लेकिन जांच में आपत्तिजनक पोस्ट डालने वाला यश शाह नामक युवक निकला। दरअसल यश शाह का करीब आठ दिन पहले एक युवक से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। उसे फंसाने के लिए यश ने इंस्टाग्राम पर फेक आईडी बनाई। इसके माध्यम से उसने वर्ग विशेष के कुछ युवकों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी फिर आपत्तिजनक पोस्ट की और उसमें उसका मोबाइल नंबर डालकर अपने आपको वही व्यक्ति बताने का प्रयास किया। नंबर अपरिचित था, लेकिन वर्ग विशेष के युवकों ने पुलिस को शिकायत करने की बजाए खुद कानून अपने हाथ में लिया और पहले युवक का पता लगाकर उसके साथ मारपीट की फिर माहौल खराब करने का प्रयास किया।
200 लोगों के खिलाफ बलवे का केस
वहीं घटना के कुछ दिन पहले आरोपी यश बुरहानपुर से हैदराबाद चला गया। जहां से वह शहर की जानकारी लेता रहा। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। निर्दोष देवेश के साथ मारपीट करने वाले आरोपी ओवैश, फरहान, ओमीर, दानिश सहित जिन लोगों ने कानून अपने हाथ में लिया उनमें 4 नामजद सहित 200 से अधिक लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। एसपी ने कहा पुलिस ने मिनट टू मिनट जानकारी लेकर आरोपी को गिरफ्तार किया। युवक के साथ मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
एसपी की आमजन से अपील
एसपी देवेंद्र पाटीदार ने कहा सोशल मीडिया पर कोई भी गैर जिम्मेदाराना पोस्ट, अफवाह फैलाने वाली पोस्ट न डालें। ऐसे में कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित होती है। अगर ऐसा होता है तो श्कियत करें, पुलिस की टीम त्वरित कार्रवाई करेगी। पुलिस प्रशासन जागरूकता के माध्यम से ग्राउंउ लेवल तक मैसेज देता है। नई जनरेशन को समझाएं कि ऐसा न करें। सबसे पहले पुलिस को सूचना दें।