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Friday, April 4, 2025
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घेराबंदी: तेंदुए के आतंक से दहशत, वन विभाग ने बिछाया जाल

  • खूंखार तेंदुए को पकड़ने की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू

बुरहानपुर। शाहपुर क्षेत्र के ग्राम बंभाडा में पिछले दो वर्षों से एक खुंखार तेंदुआ दहशत का कारण बना हुआ है। तेंदुआ आए दिन गांवों में घुसकर पशुओं को शिकार बना रहा है। बीते दिनों उसने तीन पशुओं को मार डाला, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। लगातार बढ़ रही घटनाओं को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग सक्रिय हो गया है और तेंदुए को पकड़ने के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है।
दरअसल गांव में बढ़ते तेंदुए के आतंक को मीडिया ने प्रमुखता से दिखाया, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल एक्शन लिया। खबर का असर यह हुआ कि बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस, कलेक्टर हर्ष सिंह और डीएफओ विद्याभूषण सिंह ने गांव का दौरा किया और समस्या का समाधान निकालने के निर्देश दिए।
विधायक अर्चना चिटनिस ने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और वन विभाग को तेंदुए को जल्द पकड़ने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय हैं और प्रशासन को जल्द से जल्द तेंदुए को पकड़ने की जरूरत है ताकि ग्रामीण सुरक्षित महसूस कर सकें।
तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की खास रणनीति
वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे में बकरी रखने का प्लान तैयार किया। डीएफओ विद्याभूषण सिंह के निर्देश पर एसडीओ अजय सागर और रेंजर संजय मालवीया के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने ऑपरेशन शुरू किया। ग्राम मोहद के डिप्टी रेंजर अरुण सातव अपने चौकीदार के साथ 6 किमी की दूरी तय कर बकरी को बाइक पर बैठाकर तेंदुए के संभावित इलाके में ले गए। वहां पिंजरा लगाया गया और उसमें बकरी को रखा गया। वन विभाग को उम्मीद है कि रात के समय जब तेंदुआ शिकार की तलाश में आएगा, तो बकरी की आवाज सुनकर पिंजरे में घुस जाएगा और फंस जाएगा।
गांव में दहशत का माहौल, लेकिन उम्मीद कायम
तेंदुए के हमले से ग्रामीणों में भारी दहशत है। गांव के सरपंच प्रतिनिधि डॉ. प्रमोद सागर ने बताया कि पिछले दो वर्षों में तेंदुए ने कई मवेशियों को शिकार बनाया है, जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। पहाड़ी क्षेत्र से लगे इन गांवों में जंगली जानवर भोजन की तलाश में प्रवेश कर रहे हैं और पशुओं को मार रहे हैं। वन विभाग की इस कार्रवाई में चौकीदार रहमान तड़वी, अकबर पठान, बाला और सादिक तड़वी मौजूद रहे। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस बार तेंदुआ जल्द ही पकड़ा जाएगा और उन्हें इस आतंक से राहत मिलेगी।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी और जंगलों से सटे ग्रामीण इलाकों में तेंदुओं का आना कोई नई बात नहीं है। लेकिन जब वे बार-बार गांव में प्रवेश करने लगते हैं और मवेशियों का शिकार करते हैं, तो यह गंभीर समस्या बन जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगल में भोजन की कमी और प्राकृतिक आवास के खत्म होने के कारण तेंदुए गांवों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में वन विभाग को तेंदुए को पकड़ने के साथ-साथ जंगल में उनके लिए प्राकृतिक भोजन और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
ये कदम उठाने की जरूरत
• तेंदुए की निगरानी के लिए कैमरे लगाने चाहिए, ताकि उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
• वन विभाग को जंगल में तेंदुए के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि वह गांवों की ओर न आए।
• गांवों में सुरक्षा बढ़ानी चाहिए और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह देनी चाहिए।
• वन विभाग को तेंदुए को रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ना चाहिए, ताकि गांव वालों को राहत मिल सके।

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