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शिकायत लेकर जन सुनवाई में पहुंचें 8 गांवों के ग्रामीण, कहा, नशे से लोग हो रहे बर्बाद
बुरहानपुर। जिले में शराब कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को जिले के आठ से अधिक गांवों के ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जनसुनवाई में अपनी पीड़ा व्यक्त की और अवैध शराब बिक्री पर तुरंत रोक लगाने की मांग की।
शराब की लत से गांव हो रहे बर्बाद
ग्राम तारापाटी, चिल्लारा, जसौंदी, झापरपुरा, चाकबारा, सीतापुर, नीम पड़ाव और धावटी के ग्रामीणों ने बताया कि गांवों में अवैध शराब का कारोबार चरम पर है। शराब आसानी से उपलब्ध होने के कारण युवा नशे की चपेट में आ रहे हैं, जिससे उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है।
ग्रामीणों ने शिकायत की कि शराब के कारण घरेलू हिंसा, आपराधिक घटनाएं और सामाजिक ताना-बाना बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। नशे में धुत पुरुष घरों में मारपीट करते हैं, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार होता है और बुजुर्गों के साथ अभद्रता की जाती है।
ग्राम तारापाटी के मगन पटेल ने कहा गांवों में खुलेआम शराब बिक रही है। युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। हमने कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगर शराबबंदी लागू नहीं की गई, तो हम आंदोलन करेंगे!
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
• अवैध शराब बिक्री पर तुरंत रोक लगाई जाए।
• गांवों में छापेमारी कर शराब कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
• स्थायी शराबबंदी लागू की जाए।
• युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए।
शराबबंदी नहीं हुई तो आंदोलन होगा!
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे और कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे। इस दौरान ग्रामीण प्रतिनिधि मगन पटेल, शब्बीर तड़वी, दवलसिंग, किशन सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल!
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ कागजी कार्रवाई की जाती है। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन ग्रामीणों की इस गंभीर शिकायत पर ध्यान देता है या फिर अवैध शराब माफियाओं को खुली छूट मिलती रहती है।