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यह कैसा नियम- अध्यक्ष के वाहन का किराया 32 हजार, सीएमओ का 18 हजार

4 किमी के दायरे में खत्म हो जाता है नेपानगर, फिर भी हजारों रूपए खर्च, दोनों को नपा के ड्राइवर मुहैया बुरहानपुर। नेपानगर नगर पालिका की हालत खस्ता है, लेकिन इसके बाद भी यहां बेतुके खर्चो पर कोई अंकुश नहीं लगाया जा रहा है। आलम यह है कि नगर पालिका अध्यक्ष को जो वाहन उपलब्ध […]

  • 4 किमी के दायरे में खत्म हो जाता है नेपानगर, फिर भी हजारों रूपए खर्च, दोनों को नपा के ड्राइवर मुहैया

बुरहानपुर। नेपानगर नगर पालिका की हालत खस्ता है, लेकिन इसके बाद भी यहां बेतुके खर्चो पर कोई अंकुश नहीं लगाया जा रहा है। आलम यह है कि नगर पालिका अध्यक्ष को जो वाहन उपलब्ध कराया गया है उसका किराया प्रतिमाह 32 हजार रूपए है जबकि सीएमओ के वाहन का किराया 18 हजार रूपए प्रतिमाह है। यह बात किसी को हजम नहीं हो रही है कि किराये में इतना ज्यादा अंतर क्यों है। वहीं सोचने वाली बात यह भी है कि नपा की खस्ता हालत के बाद भी इन वाहनों का डीजल खर्च भी नगर पालिका वहन करती है। अध्यक्ष सीएमओ को एक एक वाहन चालक भी दिया गया है।
Sadaiv Newsनपा सूत्रों के अनुसार कईं माह से नगर पालिका में अध्यक्ष और सीएमओ के वाहन बिना टेंडर ही संचालित किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिले में केवल एक ही रेट वाहनों का चलता है तो फिर अध्यक्ष और सीएमओ के वाहन का किराया अलग अलग क्यों है। बताया जा रहा है कि इतना किराया तो जिले के वरिष्ट अफसरों के वाहनों का भी नहीं है। नेपानगर केवल 4 किमी की परिधि में ही खत्म हो जाता है। इसके बाद भी 32 हजार रूपए का वाहन और डीजल का खर्च अध्यक्ष के वाहन और 18 हजार के साथ एक वाहन चालक और डीजल खर्च सीएमओ को दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि 200 लीटर डीजल का खर्च इन वाहनों पर होता है।
चुंगी क्षतिपूर्ति से चलती है व्यवस्था, आय के कोई साधन नहीं
नेपानगर नगर पालिका का काम चुंगी क्षतिपूर्ति पर अधिक चलता है। कर्मचारियों की सैलरी मप्र सरकर से हर माह मिलने वाली चुंगी क्षतिपूर्ति से ही की जाती है, लेकिन इसके बाद भी खर्चों पर रोक नहीं लगाई जाती। अगर किसी माह चुंगी क्षतिपूर्ति नहीं मिल पाती तो नगर पालिका कर्मचारियों की सैलरी तक नहीं हो पाती। टैक्स वसूली को लेकर भी नपा के अफसर, कर्मचारी गंभीर नहीं है। नपा के पास पैसा नहीं है। हाल ही में नया भवन बनया गया है, लेकिन वहां शिफ्ट होने के लिए फर्नीचर तक की व्यवस्था नपा के पास नहीं है। ऐसे में लाखों रूपए का खर्च वाहनों पर किय जा रहा है।
जांच के दायरे में नपा के काम
बताया जा रहा है कि नगर पालिका के कईं काम जांच के दायरे में हैं। इसकी जानकरी होने पर कईं तरह की लापरवाही सामने आएगी। कुछ लोगों ने इसकी शिकायत भी भोपाल स्तर पर कर रखी है।
वर्जन
वाहन किराये पर लेने की टेंडर प्रकिया चल रही है। जल्द ही टेंडर हो जायेंगे।
– शैलेन्द्र चौहान, सीएमओ, नेपानगर

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