राष्ट्रीय अपराध राजनीति मध्यप्रदेश कटनी आलेख बुरहानपुर जनसम्पर्क

जिसे मृत बताकर पिता-भाई को जेल भेजा, वही शिवानी जिंदा मिली: महाराष्ट्र पुलिस की जांच पर बड़ा सवाल

जली और सिर कटी लाश को शिवानी मानकर बना दिया हत्या का केस; 22 दिन से बुलढाणा जेल में बंद पिता-बेटा, खकनार पुलिस की जांच से खुला सच

On: May 28, 2026 6:15 PM
Follow Us:
जिंदा शिवानी की हत्या के आरोप में पिता भाई जेल महाराष्ट्र पुलिस जांच पर सवाल

बुरहानपुर। खकनार थाना क्षेत्र के ग्राम खड़की से लापता हुई आदिवासी युवती शिवानी के मामले में ऐसा चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसने महाराष्ट्र पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महाराष्ट्र के जळगांव जामोद क्षेत्र में मिली जली हुई और सिर कटी लाश को शिवानी मानकर पुलिस ने उसके पिता और भाई को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन अब वही शिवानी जिंदा मिल गई है। करीब 22 दिन से शिवानी के पिता बापूराव और भाई अजय बुलढाणा जेल में बंद हैं। अब सवाल उठ रहा है कि जब शिवानी जिंदा है तो महाराष्ट्र में मिली जली हुई लाश आखिर किसकी थी और बिना पुख्ता पहचान के पिता-बेटे को हत्या जैसे गंभीर मामले में जेल कैसे भेज दिया गया।

दरअसल खकनार थाना क्षेत्र के ग्राम खड़की निवासी शिवानी पिता बापूराव कलमेकर 22 अप्रैल को अचानक लापता हो गई थी। परिजन ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 1 मई को खकनार थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। खकनार पुलिस ने गुमशुदगी की जांच शुरू की। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इसी क्षेत्र का एक युवक भी लापता है। 9 मई को अर्जुन पिता दादू कलमेकर की गुमशुदगी भी दर्ज हुई। पुलिस दोनों गुमशुदगियों को जोड़कर तलाश में जुटी थी।

महाराष्ट्र में मिली जली लाश, पुलिस ने शिवानी मानकर जांच आगे बढ़ाई

इसी बीच महाराष्ट्र के जळगांव जामोद क्षेत्र में एक युवती की जली हुई और सिर कटी लाश मिली। शव की हालत पहचान लायक नहीं थी। चूंकि गुमशुदगी की जानकारी सीसीटीएनएस पर ऑनलाइन दर्ज रहती है, इसलिए महाराष्ट्र पुलिस ने आसपास के जिलों की गुमशुदा युवतियों की जानकारी जुटाई।

जळगांव जामोद पुलिस बुरहानपुर पहुंची और खकनार थाने से गुमशुदा युवतियों की जानकारी ली। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस ने दावा किया कि बरामद शव शिवानी का है। इसी आधार पर शिवानी के पिता बापूराव और भाई अजय को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद दोनों पर हत्या का मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया और उन्हें बुलढाणा जेल भेज दिया गया।

बायोमेट्रिक से हुई पुष्टि, महाराष्ट्र पुलिस दोनों को साथ ले गई

खकनार थाना प्रभारी अभिषेक जाधव ने बताया कि शिवानी पिता बापूराव कलमेकर निवासी खड़की की गुमशुदगी 1 मई को दर्ज हुई थी। वहीं 9 मई को अर्जुन पिता दादू कलमेकर की गुमशुदगी दर्ज की गई थी। दोनों को दस्तयाब किया गया। परिजन के सामने पहचान पंचनामा बनाया गया। थंब इंप्रेशन के माध्यम से आधार कार्ड से भी पहचान की गई, जिसमें युवती शिवानी ही निकली। इसके बाद बुधवार रात महाराष्ट्र पुलिस शिवानी और युवक को अपने साथ जळगांव जामोद ले गई। अब आगे की जांच महाराष्ट्र पुलिस करेगी।

एसपी बोले- खकनार पुलिस की जांच से उजागर हुआ मामला

बुरहानपुर एसपी आशुतोष बागरी ने कहा कि खकनार थाना क्षेत्र में 1 मई को 26 वर्षीय युवती की गुमशुदगी दर्ज हुई थी। जांच के दौरान यह जानकारी मिली कि महाराष्ट्र के जळगांव क्षेत्र में एक महिला की बॉडी मिली है, जिसे वहां की पुलिस ने शिवानी के रूप में चिन्हित किया था। बाद में महाराष्ट्र पुलिस ने मर्ग जांच में हत्या की धाराएं बढ़ाईं और संभवतः पिता और भाई को आरोपी बनाया।

एसपी ने बताया कि खकनार थाने में 9 मई को एक युवक की गुमशुदगी भी दर्ज हुई थी। उसकी जांच के दौरान पता चला कि गुमशुदा युवक के साथ शिवानी भी है। दोनों जीवित मिले। इसकी सूचना जळगांव पुलिस को दी गई और दोनों को उनके सुपुर्द किया गया। शिवानी की पहचान बायोमेट्रिक के माध्यम से की गई है। एसपी ने इस मामले को उजागर करने वाली खकनार पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की बात कही है।

अब दोहरी चुनौती: पिता-भाई की रिहाई और अज्ञात लाश की पहचान

इस पूरे मामले में अब महाराष्ट्र पुलिस के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहली, शिवानी के पिता और भाई को हत्या के आरोप से राहत दिलाने की कानूनी प्रक्रिया। दूसरी, महाराष्ट्र में मिली जली हुई लाश की वास्तविक पहचान। जब तक उस लाश की पहचान नहीं होती, तब तक यह मामला अधूरा रहेगा। शिवानी के जिंदा मिलने से यह तो साफ हो गया कि पिता और भाई पर दर्ज हत्या के केस की बुनियाद ही संदिग्ध हो गई है। अब देखना होगा कि महाराष्ट्र पुलिस अपनी जांच में हुई इस बड़ी चूक को कैसे सुधारती है और अज्ञात मृतका को न्याय कैसे दिलाती है।

जांच पर सवाल: बिना पुख्ता पहचान कैसे बना हत्या का केस?

शिवानी के जीवित मिलने के बाद महाराष्ट्र पुलिस की जांच कठघरे में आ गई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस लाश को शिवानी माना गया, उसकी पहचान किस आधार पर की गई थी। शव जला हुआ था और सिर कटा हुआ था। ऐसी स्थिति में पहचान के लिए डीएनए, बायोमेट्रिक या अन्य वैज्ञानिक तरीकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसके बावजूद पिता और भाई को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अब शिवानी के सामने आने से यह सवाल और गंभीर हो गया है कि क्या जल्दबाजी में कार्रवाई की गई। क्या पहचान की प्रक्रिया में लापरवाही हुई। क्या परिजनों पर दबाव में बयान लिए गए। इन सभी बिंदुओं पर अब महाराष्ट्र पुलिस की जांच टिकी हुई है।

खकनार पुलिस की सक्रियता से सामने आया सच

पूरे घटनाक्रम में खकनार पुलिस की गुमशुदगी जांच निर्णायक साबित हुई। यदि युवक की गुमशुदगी की जांच आगे नहीं बढ़ती और शिवानी का पता नहीं चलता, तो पिता और भाई लंबे समय तक हत्या के आरोप में जेल में ही बंद रह सकते थे। खकनार पुलिस ने दोनों गुमशुदगी मामलों की कड़ी जोड़कर जांच की और शिवानी को जिंदा दस्तयाब कर पूरे मामले की दिशा बदल दी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

एमपी बोर्ड द्वारा छात्र दुर्गेश महाजन को कथित रूप से भेजी गई दूसरे परीक्षार्थी की उत्तरपुस्तिका

15 अंक का रहस्य गहराया: अंग्रेजी माध्यम के छात्र ने कॉपी मांगी, बोर्ड ने भेज दी किसी और की उत्तरपुस्तिका

चार माह से लंबित पेंशन जारी करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपते पार्षद

चार माह से पेंशन गायब! 35 से 40 हजार जरूरतमंदों की जिंदगी बेहाल, बुजुर्गों के पास दवा के पैसे नहीं, विधवा और दिव्यांग भी परेशान

बुरहानपुर नगर निगम में आठ एल्डरमैन नियुक्त, विधायक अर्चना चिटनिस समर्थकों का दबदबा

नगर निगम में ‘अर्चना पावर’ का प्रदर्शन: 8 एल्डरमैन नियुक्त, सूची में विधायक खेमे का दबदबा; संगठन के दो पदाधिकारियों को भी मिला राजनीतिक इनाम

बुरहानपुर में कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की ग्रामीण जिला अध्यक्ष रायशुमारी बैठक

रायशुमारी से पहले ही कांग्रेस में ‘रार’ : शहर जिला अध्यक्ष को रखा दरकिनार, रिंकू टाक बोले—मनमर्जी से हुआ कार्यक्रम, वरिष्ठ नेतृत्व से करेंगे शिकायत

बुरहानपुर में विधायक अर्चना चिटनिस और महापौर माधुरी पटेल की सर्वदलीय विकास संवाद बैठक

26 करोड़ खर्च, फिर भी पानी-गड्ढे-कचरे से जूझते वार्ड: सर्वदलीय बैठक में खुली शहर की विकास व्यवस्था की परतें

इच्छापुर गांव में डायरिया मरीजों की जांच करता स्वास्थ्य विभाग

इच्छापुर में डायरिया का कहर: एक दिन में मिले 25 मरीज, ग्रामीण बोले—हर घर में बीमार

Leave a Comment

PNFPB Install PWA using share icon

For IOS and IPAD browsers, Install PWA using add to home screen in ios safari browser or add to dock option in macos safari browser