Homeबुरहानपुरगड्ढे में फंसा हाईवे, पलट गया ट्रक:...

गड्ढे में फंसा हाईवे, पलट गया ट्रक: डिवाइडर निर्माण के बाद बदहाल सड़क ने खोली निगम की पोल

— देवीदास खिड़की के पास तड़के 5 बजे कपड़ों की गठानों से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलटा, महाराष्ट्र से कर्नाटक जा रहा था माल

  • सड़क संकरी, गड्ढे गहरे, फिर भी न बैरिकेडिंग न रिफ्लेक्टर— लोग बोले, हादसे से पहले जागे निगम

बुरहानपुर। शहर के बीच से गुजरने वाला इंदौर-इच्छापुर हाईवे अब वाहन चालकों के लिए खतरे का रास्ता बनता जा रहा है। डिवाइडर निर्माण के बाद सड़क को दुरुस्त करने में बरती गई लापरवाही सोमवार तड़के बड़े हादसे के रूप में सामने आई। देवीदास खिड़की के पास सड़क पर बने गहरे गड्ढे से कपड़ों की गठानों से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। ट्रक महाराष्ट्र से कर्नाटक की ओर जा रहा था। गनीमत रही कि हादसा सुबह करीब 5 बजे हुआ, जब सड़क पर यातायात कम था। वरना यही लापरवाही कई लोगों की जान पर भारी पड़ सकती थी।

Sadaiv News
इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर देवीदास खिड़की के पास गहरे गड्ढे से कपड़ों की गठानों से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया।

हादसे के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने साफ कहा कि यह हादसा अचानक नहीं हुआ, बल्कि कई दिनों से बनी अव्यवस्था का नतीजा है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं, डिवाइडर निर्माण के कारण हाईवे संकरा हो गया है और सुरक्षा के नाम पर न बैरिकेडिंग है, न रिफ्लेक्टर और न चेतावनी बोर्ड।

सड़क पर गड्ढे, बीच में डिवाइडर; वाहन चालकों के लिए दोहरी मुसीबत

इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर शनवारा से गणपति नाका तक डिवाइडर निर्माण कार्य कई महीनों से चल रहा था। अब डिवाइडर का काम पूरा हो चुका है, लेकिन निर्माण के बाद सड़क को समतल और सुरक्षित बनाने की जिम्मेदारी जैसे किसी ने ली ही नहीं। कई जगह सड़क उखड़ी पड़ी है। बड़े गड्ढे वाहन चालकों के लिए जाल बन चुके हैं। देवीदास खिड़की के पास हालत सबसे ज्यादा खराब बताई जा रही है। यहां सड़क पहले ही डिवाइडर के कारण संकरी हो चुकी है। ऊपर से गड्ढों के कारण भारी वाहनों को निकलने में परेशानी होती है। दोपहिया और छोटे वाहन चालक तो रोजाना जान जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं।

तड़के 5 बजे हुआ हादसा, कपड़ों की गठानों से भरा था ट्रक

जानकारी के अनुसार सोमवार तड़के करीब 5 बजे कपड़ों की गठानों से भरा ट्रक महाराष्ट्र की ओर से आ रहा था और कर्नाटक की तरफ जा रहा था। जैसे ही ट्रक देवीदास खिड़की के पास पहुंचा, सड़क के गहरे गड्ढे से उसका संतुलन बिगड़ गया। चालक ने वाहन संभालने की कोशिश की, लेकिन सड़क संकरी होने और गड्ढों के कारण ट्रक पलट गया। ट्रक पलटते ही तेज आवाज हुई। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। राहत की बात रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। सुबह का समय होने से सड़क पर ज्यादा वाहन नहीं थे, इसलिए बड़ा हादसा टल गया।

लोगों का आरोप- हादसे का इंतजार कर रहा है निगम

स्थानीय लोगों का कहना है कि डिवाइडर निर्माण के बाद सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। जहां-जहां काम हुआ, वहां सड़क टूटी पड़ी है। गड्ढे इतने गहरे हैं कि बाइक सवार गिरते-गिरते बचते हैं। रात के समय स्थिति और खतरनाक हो जाती है, क्योंकि अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देते। लोगों ने आरोप लगाया कि नगर निगम अफसरों को समस्या की जानकारी है, फिर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। न गड्ढों की भराई हुई, न अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था की गई। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार किया गया होता तो ट्रक पलटने जैसी घटना नहीं होती।

फोरलेन का काम शहर में शुरू नहीं, तब तक क्या लोग जोखिम उठाएं?

इंदौर-इच्छापुर हाईवे के फोरलेन निर्माण का काम कई हिस्सों में जारी है, लेकिन बुरहानपुर शहर के भीतर अभी तक फोरलेन का काम शुरू नहीं हो सका है। यही वजह है कि शहर के अंदर पुरानी सड़क पर ही भारी वाहनों, बसों, ऑटो, दोपहिया और कारों का दबाव बना हुआ है। नागरिकों का सवाल है कि जब तक शहर के हिस्से में फोरलेन का काम शुरू नहीं होता, तब तक क्या इसी बदहाल सड़क पर लोग जान जोखिम में डालकर चलें? डिवाइडर निर्माण के बाद सड़क को व्यवस्थित करना निगम और संबंधित विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया।

छोटी गाड़ियां रोजाना फंस रहीं, दोपहिया चालकों को सबसे ज्यादा खतरा

स्थानीय दुकानदारों और वाहन चालकों का कहना है कि देवीदास खिड़की से गणपति नाका तक कई स्थानों पर सड़क की हालत खराब है। छोटी गाड़ियां गड्ढों में फंसती हैं। दोपहिया चालक गड्ढों से बचने के लिए अचानक वाहन मोड़ते हैं, जिससे सामने से आ रहे वाहनों से टकराने का खतरा रहता है। बारिश या पानी भरने की स्थिति में ये गड्ढे और ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं। वाहन चालक अंदाजा नहीं लगा पाते कि गड्ढा कितना गहरा है। ऐसे में कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है।

बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड तक नहीं

हाईवे पर जहां सड़क खराब है, वहां कम से कम अस्थायी बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर, रेडियम टेप और चेतावनी बोर्ड लगाए जाने चाहिए थे। लेकिन मौके पर ऐसी कोई प्रभावी व्यवस्था नजर नहीं आती। रात के समय भारी वाहन चालक अचानक गड्ढे के सामने आ जाते हैं। इससे वाहन अनियंत्रित होने की आशंका बढ़ जाती है। नागरिकों का कहना है कि हादसे के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि प्रशासन पहले ही जाग जाए। देवीदास खिड़की का हादसा चेतावनी है। अगर अब भी सड़क नहीं सुधारी गई तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है।

नागरिकों की मांग- तुरंत हो मरम्मत, जिम्मेदारी तय हो

स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि देवीदास खिड़की सहित पूरे हाईवे हिस्से का तत्काल निरीक्षण किया जाए। जहां गड्ढे हैं, वहां तुरंत भराई कराई जाए। सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों को समतल किया जाए। साथ ही जब तक स्थायी मरम्मत नहीं होती, तब तक बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। लोगों ने यह भी कहा कि डिवाइडर निर्माण के बाद सड़क को बदहाल छोड़ने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। क्योंकि यह सिर्फ सड़क की मरम्मत का मामला नहीं, बल्कि लोगों की जान की सुरक्षा का सवाल है।

बड़ा सवाल: हादसे के बाद जागेगा निगम या फिर किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार?

देवीदास खिड़की के पास ट्रक पलटने की घटना ने शहर की सड़क व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाईवे शहर के बीच से गुजरता है। रोजाना हजारों वाहन इसी मार्ग से निकलते हैं। ऐसे में सड़क पर गड्ढे, संकरी लेन और सुरक्षा इंतजामों की कमी सीधे-सीधे दुर्घटना को न्योता दे रही है। सोमवार सुबह जनहानि टल गई, लेकिन हर बार किस्मत साथ देगी, इसकी कोई गारंटी नहीं। अब देखना यह है कि नगर निगम और संबंधित विभाग इस हादसे से सबक लेते हैं या फिर सड़क पर बने ये गड्ढे किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार करते रहेंगे।

spot_img
spot_img
spot_img

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest Articles