बुरहानपुर। बंजारा समाज की आस्था के प्रमुख केंद्र गंभीरपुरा-सुक्ताखुर्द स्थित शिवा बाबा मंदिर ट्रस्ट का विवाद एक बार फिर कलेक्ट्रेट तक पहुंच गया है। मंदिर में चढ़ने वाले दान, ट्रस्ट के संचालन और एक ही परिवार के कथित वर्चस्व को लेकर मंगलवार को सर्व बंजारा समाज का आक्रोश सामने आया। बड़ी संख्या में समाजजन कलेक्ट्रेट पहुंचे और ट्रस्ट अध्यक्ष रूपसिंह पंवार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि करीब तीन दशक पहले गठित ट्रस्ट में अध्यक्ष के परिवार का बहुमत है। इसी के चलते मंदिर की आय, दान सामग्री और प्रबंधन में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाने वालों की सुनवाई नहीं हो रही है।
समाजजनों ने कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर तपेश कुमार पांडे को ज्ञापन सौंपकर ट्रस्ट की आर्थिक गतिविधियों, दान राशि के उपयोग और अध्यक्ष व उनके परिजनों की संपत्तियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। हालांकि ट्रस्ट अध्यक्ष ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पूर्व में भी ऐसी शिकायतें हुई थीं, लेकिन आरोप साबित नहीं हुए।
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1994-95 में बना ट्रस्ट, पांच सदस्य अध्यक्ष के परिवार से होने का आरोप
ज्ञापन के अनुसार ग्राम गंभीरपुरा स्थित शिवा बाबा मंदिर के संचालन और व्यवस्थाओं के लिए वर्ष 1994-95 में ट्रस्ट का गठन किया गया था। इसमें रूपसिंह पंवार को अध्यक्ष बनाया गया। समाजजनों का आरोप है कि ट्रस्ट में अध्यक्ष ने अपने परिवार के पांच सदस्यों को शामिल किया, जबकि परिवार से बाहर के केवल दो सदस्य रखे गए। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि परिवार के सदस्यों का बहुमत होने से ट्रस्ट के निर्णयों पर अध्यक्ष का प्रभाव बना हुआ है। समाज के अन्य लोगों को मंदिर की व्यवस्थाओं और वित्तीय मामलों में पर्याप्त भागीदारी नहीं मिल रही है। इसी व्यवस्था को लेकर लंबे समय से असंतोष है।
दान में मिली नकदी और सामग्री का हिसाब मांगा, करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाई जाने वाली दान राशि, धार्मिक सामग्री और अन्य वस्तुओं के प्रबंधन में वर्षों से कथित हेरफेर हो रहा है। ट्रस्ट की आय और खर्च को लेकर पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। ज्ञापन में अध्यक्ष, उनके परिजनों और रिश्तेदारों के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपए की कथित अघोषित संपत्ति अर्जित करने का भी आरोप लगाया गया है। समाजजनों ने मांग की कि ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड, दान के हिसाब और संबंधित संपत्तियों की जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। हालांकि शिकायत में लगाए गए आर्थिक अनियमितताओं और संपत्ति संबंधी आरोप अभी जांच का विषय हैं।
भ्रष्टाचार की शिकायत उठाने पर झूठे मामले दर्ज कराने और हमले करवाने के आरोप
ज्ञापन में समाज के युवाओं को प्रताड़ित किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जब कुछ युवाओं और समाजजनों ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली तथा कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई तो उनके विरुद्ध झूठी शिकायतें कराई गईं। समाजजनों ने आरोप लगाया कि विरोध करने वाले कुछ युवाओं पर जानलेवा हमले भी करवाए गए। इन घटनाओं की शिकायत संबंधित समय पर की गई थी, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने इन शिकायतों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
दर्शन करने पहुंचने वालों के वीडियो बनाने का आरोप, श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी सवाल
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि स्थानीय समाजजन जब शिवा बाबा मंदिर में दर्शन करने पहुंचते हैं तो अध्यक्ष के परिवार के कुछ सदस्य उनके वीडियो बनाते हैं। इससे दर्शनार्थियों को मानसिक परेशानी होती है। समाजजनों ने इसे निजता से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की। मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए। समाजजनों का आरोप है कि दान राशि मिलने के बावजूद दर्शनार्थियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। वहीं मंदिर से जुड़ी कुछ व्यावसायिक गतिविधियों में अध्यक्ष के परिवार के सदस्यों की भूमिका होने का भी आरोप लगाया गया।
कलेक्ट्रेट में गूंजे नारे, अध्यक्ष को हटाने पर अड़े समाजजन
मंगलवार दोपहर कलेक्ट्रेट पहुंचे समाजजनों ने काफी देर तक नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मंदिर बंजारा समाज की धार्मिक आस्था से जुड़ा है और इसकी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता तथा जवाबदेही जरूरी है। ज्ञापन के माध्यम से ट्रस्ट अध्यक्ष को पद से हटाने, कथित आर्थिक अनियमितताओं की जांच कराने और मंदिर प्रबंधन से जुड़ी शिकायतों का निराकरण करने की मांग की गई।
प्रशासन ने दिया जांच का भरोसा, अध्यक्ष ने कहा—पहले भी साबित नहीं हुए आरोप
तपेश कुमार पांडे, डिप्टी कलेक्टर: बंजारा समाज की ओर से ट्रस्ट अध्यक्ष के खिलाफ आर्थिक अनियमितताओं की शिकायत प्राप्त हुई है। अध्यक्ष को पद से हटाने की भी मांग की गई है। मामले की जांच कराई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रूपसिंह पंवार, अध्यक्ष, शिवा बाबा मंदिर ट्रस्ट: मेरे खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। पहले भी इस तरह की शिकायतें की गई थीं, लेकिन आरोप साबित नहीं हुए थे।
अब जांच से तय होगा आरोपों में कितना दम
शिवा बाबा मंदिर ट्रस्ट को लेकर समाजजनों के आरोप और अध्यक्ष के खंडन के बाद मामला प्रशासनिक जांच पर आ गया है। सवाल ट्रस्ट के गठन और सदस्यता से लेकर दान राशि के हिसाब, संपत्तियों और मंदिर की व्यवस्थाओं तक उठाए गए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इन शिकायतों की जांच में किन तथ्यों को सामने लाता है और क्या कार्रवाई करता है। फिलहाल किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

