बुरहानपुर। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोचिंग संस्थान से जुड़े हादसे के बाद बुरहानपुर नगर निगम प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच शुरू कर दी गई है। नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव स्वयं अधिकारियों की टीम के साथ विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण का फोकस अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन निकास, विद्युत सुरक्षा और भवनों में मौजूद अन्य सुरक्षा इंतजामों पर है।
नगर निगम का मानना है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। इसी वजह से प्रशासन ने दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय पहले से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की पहल शुरू की है।
शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में चल रही कोचिंग संस्थाएं जांच के दायरे में
निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि शहर के कई कोचिंग संस्थान बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में संचालित हो रहे हैं। कई स्थानों पर अग्निशमन यंत्र पर्याप्त संख्या में नहीं मिले, जबकि कुछ संस्थानों में आपातकालीन निकास मार्ग स्पष्ट रूप से चिन्हित नहीं था। अधिकारियों ने इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए संचालकों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण टीम ने यह भी देखा कि फायर सेफ्टी उपकरण केवल औपचारिकता बनकर न रह जाएं, बल्कि वे उपयोग योग्य स्थिति में हों। साथ ही विद्युत वायरिंग, भवन के प्रवेश एवं निकास मार्ग तथा आपदा की स्थिति में निकासी व्यवस्था की भी जांच की गई।
संचालकों को चेतावनी, सुरक्षा से समझौता नहीं
नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने कोचिंग संचालकों को स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्हें फायर एक्सटिंग्विशर, इमरजेंसी एग्जिट, विद्युत सुरक्षा, नियमित सुरक्षा ऑडिट और कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण देने जैसे बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि सुरक्षा उपकरण केवल लगाने भर से जिम्मेदारी पूरी नहीं होती, बल्कि उनका समय-समय पर परीक्षण और रखरखाव भी अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की लापरवाही भविष्य में गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
‘सुरक्षा पहले, कार्रवाई बाद में नहीं’
नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि लखनऊ की घटना के बाद एहतियात के तौर पर यह विशेष अभियान शुरू किया गया है। उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शहर के प्रत्येक कोचिंग संस्थान में सुरक्षा के सभी मानकों का पालन हो। जहां भी कमियां मिलेंगी, उन्हें तत्काल दूर कराने के निर्देश दिए जाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन का प्रयास है कि किसी हादसे के बाद कार्रवाई करने की नौबत ही न आए, बल्कि पहले से ही सभी संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी जाए।
अभियान रहेगा जारी
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह एक दिन की कार्रवाई नहीं, बल्कि लगातार चलने वाला अभियान है। आने वाले दिनों में शहर के सभी प्रमुख कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक भवनों का निरीक्षण किया जाएगा। जो संस्थान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम की इस पहल का अभिभावकों और विद्यार्थियों ने भी स्वागत किया है। उनका कहना है कि शिक्षा संस्थानों में नियमित सुरक्षा ऑडिट और निरीक्षण समय की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को समय रहते टाला जा सके।