बुरहानपुर। अब बस में बैठते ही यात्रियों को पहले से ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी। मध्यप्रदेश सरकार की नई किराया दरें शनिवार, 8 अगस्त से बुरहानपुर जिले में लागू हो गईं और बस ऑपरेटर्स ने उसी दिन से बढ़ा हुआ किराया वसूलना शुरू कर दिया। सबसे बड़ा झटका लंबी दूरी के यात्रियों को लगा है। बुरहानपुर से इंदौर तक जिस सफर का किराया अब तक 312 रुपए निर्धारित था और कई ऑपरेटर करीब 300 रुपए लेते थे, वही किराया अब सीधे 370 रुपए हो गया है।
सिर्फ इंदौर ही नहीं, खंडवा, खरगोन, देड़तलाई, नेपानगर, खकनार, धुलकोट और इच्छापुर जैसे प्रमुख रूटों पर भी किराया बढ़ा है। इसका सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो नौकरी, व्यापार, पढ़ाई, इलाज और रोजमर्रा के काम के लिए नियमित रूप से बसों पर निर्भर हैं। सबसे ज्यादा चिंता ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को लेकर है। छोटे-छोटे सफर पर भी अब न्यूनतम 10 रुपए किराया देना होगा। यानी दूरी कम हो या ज्यादा, रोज बस से आने-जाने वाले व्यक्ति के महीने के खर्च में यह बढ़ोतरी साफ दिखाई देगी।
ऑपरेटर्स ने पहले रोकी थीं नई दरें, हड़ताल की भी दी थी चेतावनी
राज्य सरकार ने बस किराए में बढ़ोतरी का निर्णय पहले ही ले लिया था, लेकिन बस ऑपरेटर्स अपनी कुछ मांगों को लेकर नई दरें लागू नहीं कर रहे थे। उन्होंने 8 अगस्त से हड़ताल की चेतावनी भी दी थी। इसके बाद सरकार की ओर से ऑपरेटर्स की मांगों पर विचार के लिए समिति गठित की गई। समिति गठन के बाद हड़ताल की स्थिति टली और शनिवार से बस ऑपरेटर्स ने नई किराया दर के अनुसार यात्रियों से राशि लेना शुरू कर दिया। यानी जिस दिन हड़ताल की आशंका जताई जा रही थी, उसी दिन यात्रियों को बढ़े किराए का सामना करना पड़ा।
इंदौर 58 रुपए, खंडवा 40 और देड़तलाई का सफर 50 रुपए महंगा
नई दरों में कई प्रमुख रूटों पर एकमुश्त बड़ा अंतर सामने आया है। बुरहानपुर से इंदौर का किराया पहले 312 रुपए था, अब 370 रुपए हो गया है। खंडवा का किराया 100 से बढ़कर 140 रुपए हो गया। देड़तलाई तक पहले 90 रुपए लगते थे, अब 140 रुपए देने होंगे। खरगोन का किराया 220 से बढ़कर 270 रुपए हो गया। नेपानगर जाने के लिए पहले 50 रुपए लगते थे, अब 65 रुपए देने होंगे। खकनार का किराया 55 से बढ़कर 85 रुपए, धुलकोट का 50 से बढ़कर 65 रुपए और इच्छापुर का किराया 30 से बढ़कर 46 रुपए हो गया है। इन दरों को देखें तो कई रूटों पर बढ़ोतरी सिर्फ कुछ रुपए की नहीं, बल्कि नियमित यात्रियों के लिए महीने का बड़ा अतिरिक्त खर्च बन सकती है।
रोज आने-जाने वालों पर असली असर, महीने का बजट बिगड़ेगा
किराया वृद्धि का असर सबसे ज्यादा उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना गांवों से बुरहानपुर या आसपास के कस्बों में आते हैं। इनमें विद्यार्थी, मजदूर, छोटे व्यापारी, निजी कर्मचारी और इलाज के लिए शहर आने वाले ग्रामीण शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर खकनार-बुरहानपुर रूट पर किराया 55 रुपए से बढ़कर 85 रुपए हो गया है। यानी एक तरफ के सफर में ही 30 रुपए ज्यादा। आने-जाने का अंतर 60 रुपए तक पहुंच सकता है। नियमित सफर करने वालों के लिए यही अतिरिक्त राशि महीने के बजट पर भारी पड़ सकती है। इसी तरह इच्छापुर, नेपानगर और धुलकोट जैसे रूटों पर भी रोजाना बस का उपयोग करने वालों को अब पहले से अधिक भुगतान करना होगा।
5 किमी तक जाएं, फिर भी कम से कम 10 रुपए
बस ऑपरेटर रजनी चौहान के अनुसार सामान्य मंजिली बस के लिए नई दर 2 रुपए प्रति किलोमीटर निर्धारित की गई है और न्यूनतम किराया 10 रुपए रखा गया है। इसका मतलब यह है कि कोई यात्री महज 5 किलोमीटर तक सफर करता है तो उसे भी कम से कम 10 रुपए किराया देना होगा। यही नियम छोटी दूरी के यात्रियों के लिए सबसे ज्यादा असरकारी साबित हो सकता है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत से लोग आसपास के गांव, बाजार, स्कूल, अस्पताल या काम के स्थान तक पहुंचने के लिए बसों का उपयोग करते हैं।
साधारण बस ही नहीं, स्लीपर और एसी में भी बढ़ेगा खर्च
नई व्यवस्था सिर्फ सामान्य बसों तक सीमित नहीं है। डीलक्स, स्लीपर और एसी बसों में यात्रा करना इससे भी महंगा पड़ेगा। सामान्य मंजिली बस का मूल किराया 2 रुपए प्रति किलोमीटर तय किया गया है। रात्रिकालीन बस सेवा में इसके मुकाबले 10 प्रतिशत अधिक किराया लगेगा। डीलक्स नॉन-एसी बस में सामान्य किराए से 25 प्रतिशत अधिक, स्लीपर बस में 40 प्रतिशत अधिक, डीलक्स एसी बस में 50 प्रतिशत अधिक और सुपर लग्जरी एसी कोच में 75 प्रतिशत अधिक किराया देना होगा। यानी आराम जितना ज्यादा, किराए का बोझ भी उतना ही बढ़ेगा।
एसी बस से इंदौर गए तो करीब 420 रुपए
बुरहानपुर से इंदौर जाने वाले यात्रियों को एसी बस में करीब 420 रुपए तक किराया देना होगा। सामान्य बस में यही किराया 370 रुपए बताया जा रहा है। ऐसे में परिवार के साथ यात्रा करने वालों के लिए आने-जाने का खर्च अब पहले की तुलना में काफी बढ़ जाएगा।
सवाल यही—किराया बढ़ा, क्या सुविधा भी बढ़ेगी?
नई दरें लागू हो गई हैं और यात्री बढ़ा हुआ किराया भी देने लगे हैं। लेकिन किराया वृद्धि के साथ यात्रियों की नजर अब सुविधाओं पर भी रहेगी। बसों में सीटों की स्थिति, समय पर संचालन, ओवरलोडिंग, सफाई, स्टॉपेज, महिला यात्रियों की सुविधा और ग्रामीण रूटों पर पर्याप्त बस सेवा जैसे मुद्दे पहले से उठते रहे हैं। अब जब किराया बढ़ गया है तो यात्रियों के बीच यह सवाल भी स्वाभाविक रूप से उठेगा कि क्या बढ़े हुए किराए के बदले सफर की सुविधा और गुणवत्ता में भी कोई सुधार दिखाई देगा। फिलहाल इतना तय है कि 8 अगस्त से बुरहानपुर जिले में बस का सफर महंगा हो चुका है और इसका सबसे सीधा असर रोजाना बसों पर निर्भर आम और ग्रामीण यात्रियों की जेब पर पड़ेगा।



