भोपाल। आपातकाल की बरसी पर राजधानी भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित लोकतंत्र सेनानी प्रादेशिक सम्मेलन में लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और लोकतंत्र सेनानियों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 96 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी लक्ष्मी नारायण पाटीदार, 95 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी शांति लाल संघवी और पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता का सम्मान किया। कार्यक्रम में आपातकाल पर केंद्रित शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई, जिसमें उस दौर की पीड़ा, संघर्ष और लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ी गई लड़ाई को दर्शाया गया।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि आज का दिन केवल स्मरण का नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपने जीवन को दांव पर लगाने वाले सेनानियों के सम्मान का दिन है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान देश ने वह काला दौर देखा, जब नागरिकों के अधिकार छीन लिए गए थे। घर के मुखिया को रातों-रात उठाकर जेल में डाल दिया जाता था। न वकील मिलता था, न अपील होती थी और न ही दलील सुनी जाती थी। परिवारों को यह तक पता नहीं होता था कि जेल गए व्यक्ति का क्या होगा, बच्चे कैसे पढ़ेंगे और घर कैसे चलेगा।
मीसाबंदियों से कहा जाता था- कांग्रेस में आओ, इंदिरा की जय-जयकार करो तो छोड़ देंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल के समय मीसाबंदियों को मानसिक और सामाजिक रूप से तोड़ने का प्रयास किया गया। उनसे कहा जाता था कि कांग्रेस में शामिल हो जाओ, इंदिरा गांधी की जय-जयकार करो तो रिहा कर देंगे, लेकिन लोकतंत्र सेनानियों ने झुकने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना।
सीएम ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों की लड़ाई स्वतंत्रता की पहली लड़ाई के समान है। आपकी लड़ाई के कारण ही आज देश का लोकतंत्र सुरक्षित है। लोकतंत्र की इसी शक्ति के कारण गरीब परिवार से निकला हुआ व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है।
सीएम का कांग्रेस पर हमला- संविधान की किताब लेकर चलने वालों ने ही संविधान का सबसे ज्यादा दुरुपयोग किया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कांग्रेस और उसकी नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस के नेता हाथ में संविधान की किताब लेकर बातें करते हैं, लेकिन संविधान का सबसे ज्यादा दुरुपयोग किसी ने किया है तो वह कांग्रेस ने किया है। कांग्रेस की पांच पीढ़ियों ने संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा एक परिवार को आगे बढ़ाने का काम किया और बाकी लोगों को दबाया। देश को आजाद हुए लंबा समय हो गया, कई देश हमारे साथ या बाद में आजाद हुए और आज विकास के शिखर पर हैं। जापान द्वितीय विश्वयुद्ध में लगभग तबाह हो गया था, लेकिन उसने खुद को खड़ा कर लिया। सवाल यह है कि कांग्रेस को इतना लंबा शासन मिला, फिर भी भारत को उस गति से आगे क्यों नहीं बढ़ाया गया, जिस गति से बढ़ाया जाना चाहिए था।
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की सेवा के लिए 10-12 साल का समय मिला और इस दौरान देश में विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता के अनेक काम हुए। आज भारत दुनिया में मजबूत पहचान के साथ खड़ा है।
आपातकाल लोकतंत्र पर सबसे बड़ा आघात था
कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष तपन भौमिक ने कहा कि 1975 से 1977 तक आपातकाल के दौरान जेल में रहे मीसाबंदियों का सम्मान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बीते 10 साल से लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान की परंपरा चल रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पिता स्वयं मीसाबंदी रहे हैं। मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों की पीड़ा को करीब से देखा है। यह लोकतंत्र सेनानियों के लिए गर्व का विषय है कि आज एक मीसाबंदी का बेटा प्रदेश का मुख्यमंत्री है।
लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद कैलाश सोनी ने कहा कि आपातकाल के दौरान एक व्यक्ति की जिद के कारण लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया गया। जिन्होंने आवाज उठाई, उन्हें जेलों में डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानी जब एक साथ मिलते हैं तो उनमें नई ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोहों तक पर पाबंदी लगाई। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस की लोकतांत्रिक संस्थाओं में आस्था नहीं रही। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके कुशल नेतृत्व में भारत परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बना।
लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों जैसा सम्मान मिले
पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि मध्यप्रदेश में लोकतंत्र सेनानियों को 30 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रदेश सरकार ने मीसाबंदियों के त्याग और संघर्ष को समझा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों को प्रमाण पत्र जारी कर कई सुविधाएं दी गई हैं। उन्होंने मांग रखी कि देशभर के लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों के बराबर दर्जा मिलना चाहिए। साथ ही उन्हें मिलने वाली 30 हजार रुपए की राशि को आयकर मुक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब बंगाल के लोकतंत्र सेनानियों और स्वतंत्रता सेनानियों को भी सम्मान मिलेगा।
लोकतंत्र सेनानियों के लिए चलेगी स्पेशल तीर्थाटन ट्रेन
सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के तीर्थाटन के लिए विशेष ट्रेन चलाई जाएगी। इससे प्रदेश के लोकतंत्र सेनानी धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि लोकतंत्र सेनानी प्रदेशभर के रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस में दो दिन नि:शुल्क ठहर सकेंगे। दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर उनके गांव और कस्बों में शिलालेख लगाए जाएंगे। स्थानीय पार्क, मार्ग और खेल मैदानों का नाम भी लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर रखा जाएगा।
नि:शुल्क इलाज, एयर एंबुलेंस और ताम्रपत्र देने की भी घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उन्हें एयर एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। जो लोकतंत्र सेनानी अब तक ताम्रपत्र प्राप्त करने से वंचित रह गए हैं, उन्हें भी जल्द ताम्रपत्र प्रदान किए जाएंगे। सीएम ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों को पूरा सम्मान मिले, यह प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है। लोकतंत्र सेनानी केवल इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि लोकतंत्र की जीवित प्रेरणा हैं। उनके अनुभव और सुझाव प्रदेश के विकास और सुशासन में उपयोगी होंगे। सरकार उनके सुझावों को भी महत्व देगी।
लोकतंत्र की रक्षा करने वालों को नमन
कार्यक्रम के दौरान माहौल भावुक और गरिमामय रहा। जब मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों पर पुष्प वर्षा की तो सभागार तालियों से गूंज उठा। आपातकाल की यातना झेल चुके सेनानियों के चेहरों पर सम्मान और संतोष का भाव दिखाई दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने उस दौर में आवाज उठाई, जब बोलना अपराध बना दिया गया था। उन्होंने जेल, यातना और दबाव सब सहा, लेकिन लोकतंत्र के लिए अपना संकल्प नहीं छोड़ा। यही त्याग भारत के लोकतांत्रिक चरित्र की सबसे बड़ी ताकत है।
प्रमुख घोषणाएं
लोकतंत्र सेनानियों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बड़ी घोषणाएं
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1. तीर्थाटन के लिए स्पेशल ट्रेन
लोकतंत्र सेनानियों के तीर्थाटन के लिए विशेष ट्रेन चलाई जाएगी।
- रेस्ट हाउस-सर्किट हाउस में नि:शुल्क ठहराव
प्रदेशभर के रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस में लोकतंत्र सेनानी दो दिन तक नि:शुल्क ठहर सकेंगे। - दिवंगत सेनानियों के नाम पर शिलालेख
लोकतंत्र सेनानियों के गांव और कस्बों में उनके नाम से शिलालेख स्थापित किए जाएंगे। - पार्क, मार्ग और खेल मैदानों के नामकरण
स्थानीय पार्क, सड़कें और खेल मैदान लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर रखे जाएंगे। - नि:शुल्क इलाज की सुविधा
लोकतंत्र सेनानियों के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था की जाएगी। - एयर एंबुलेंस सुविधा
जरूरत पड़ने पर लोकतंत्र सेनानियों को एयर एंबुलेंस की सुविधा भी मिलेगी। - वंचित सेनानियों को ताम्रपत्र
जो लोकतंत्र सेनानी अब तक ताम्रपत्र से वंचित हैं, उन्हें जल्द ताम्रपत्र प्रदान किए जाएंगे। - सुझावों को मिलेगा महत्व
प्रदेश के कल्याण के लिए लोकतंत्र सेनानियों के सुझावों को सरकार प्राथमिकता से सुनेगी और लागू करने पर विचार करेगी।
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