बुरहानपुर। निमाड़ रेंज खरगोन के उप पुलिस महानिरीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा गुरुवार 2 जुलाई को बुरहानपुर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागृह में जिले के राजपत्रित पुलिस अधिकारियों, थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों, महिला अपराध, साइबर फ्रॉड, संपत्ति संबंधी अपराध, कानून व्यवस्था और डिजिटल पुलिसिंग को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक की शुरुआत में पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने डीआईजी सिद्धार्थ बहुगुणा का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद एसपी बागरी ने अनुभागवार प्रजेंटेशन के माध्यम से जिले में अपराधों की स्थिति, पुलिस कार्रवाई, लंबित मामलों और कानून व्यवस्था की जानकारी दी।
थाना प्रभारियों को मिले टैबलेट, मौके से ही होगी ई-विवेचना
बैठक के दौरान डीआईजी सिद्धार्थ बहुगुणा के हाथों थाना प्रभारियों को टैबलेट वितरित किए गए। इन टैबलेट के माध्यम से अब विवेचक घटनास्थल पर ही ई-विवेचना से जुड़े फॉर्म भर सकेंगे। इससे जांच प्रक्रिया सीधे डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़ेगी और विवेचना में तेजी आएगी। डीआईजी ने निर्देश दिए कि सीसीटीएनएस पोर्टल पर एफआईआर, नक्शा मौका, गिरफ्तारी, जब्ती और ई-साक्ष्य से संबंधित जानकारी समय पर अपलोड की जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक का उपयोग सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि जांच की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने का माध्यम होना चाहिए।
लंबित अपराधों और चालान पर जताई सख्ती
अपराध समीक्षा के दौरान डीआईजी बहुगुणा ने लंबित अपराधों और चालान के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लंबित मामलों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों के प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें और समय सीमा में कार्रवाई पूरी करें। उन्होंने महिला संबंधी अपराधों में विशेष गंभीरता बरतने को कहा। डीआईजी ने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पीड़ित पक्ष की बात संवेदनशीलता से सुनी जाए और त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
एससी-एसटी अपराधों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश
डीआईजी ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के विरुद्ध होने वाले अपराधों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे प्रकरणों में तत्काल कार्रवाई की जाए। जांच में देरी या लापरवाही से पीड़ित पक्ष का भरोसा प्रभावित होता है, इसलिए इन मामलों को प्राथमिकता से लिया जाए। इसके साथ ही जुआ, आबकारी और आर्म्स एक्ट से जुड़े अपराधों में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। डीआईजी ने कहा कि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए थाना स्तर पर मजबूत सूचना तंत्र विकसित किया जाए।
त्योहारों में शांति व्यवस्था पर पुलिस की सराहना
बैठक के दौरान डीआईजी सिद्धार्थ बहुगुणा ने त्योहारों के दौरान जिले में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने और कानून व्यवस्था की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बुरहानपुर पुलिस की सराहना की। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता, समय रहते पुलिस की मौजूदगी और समन्वय से बेहतर परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आने वाले त्योहारों और आयोजनों को देखते हुए पहले से तैयारी रखें। थाना स्तर पर शांति समिति की बैठकों, सूचना तंत्र और क्षेत्रीय निगरानी को और मजबूत किया जाए।
साइबर फ्रॉड के मामलों में तुरंत कार्रवाई करें
साइबर अपराधों की समीक्षा करते हुए डीआईजी ने कहा कि साइबर फ्रॉड के मामलों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। पीड़ित की शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जाए, ताकि ठगी गई राशि को रोकने या वापस दिलाने की संभावना बढ़ सके। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि साइबर अपराधों को सामान्य शिकायत की तरह न लें। इसके लिए तकनीकी समझ, तत्परता और समन्वय जरूरी है। साइबर फ्रॉड के मामलों में पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए तेजी से कार्रवाई की जाए।
संपत्ति अपराधों में 100 प्रतिशत रिकवरी का लक्ष्य
डीआईजी बहुगुणा ने संपत्ति संबंधी अपराधों में रिकवरी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि चोरी, नकबजनी और अन्य संपत्ति अपराधों में आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ माल बरामदगी भी महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में 100 प्रतिशत रिकवरी सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि थाना प्रभारी अपने क्षेत्रों में सक्रिय बदमाशों, हिस्ट्रीशीटर और संदिग्ध व्यक्तियों पर लगातार निगरानी रखें। माइक्रो बीट प्रणाली को प्रभावी बनाकर क्षेत्रीय अपराध नियंत्रण को मजबूत किया जाए।
गुम नाबालिगों की दस्तयाबी पर फोकस
ऑपरेशन मुस्कान के तहत गुम नाबालिगों की दस्तयाबी को लेकर भी डीआईजी ने अधिकारियों को गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुमशुदगी के मामलों में हर सूचना को गंभीरता से लिया जाए और टीम बनाकर कार्रवाई की जाए। स्थाई वारंटों की तामीली को लेकर भी बैठक में समीक्षा की गई। डीआईजी ने कहा कि लंबे समय से फरार आरोपियों और वारंटियों पर कार्रवाई तेज की जाए। इसके लिए थाना स्तर पर विशेष अभियान चलाया जाए।
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करें
डीआईजी ने सीएम हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शिकायतों का सिर्फ निपटारा दिखाने के बजाय संतुष्टिपूर्वक समाधान होना चाहिए। जनता की शिकायतों को गंभीरता से सुनना और समय पर समाधान करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि थाना आने वाले हर व्यक्ति के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए। पुलिस की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए कि आमजन का भरोसा मजबूत हो।
दुर्घटनाओं को रोकने ब्लैक स्पॉट चिन्हित करें
वाहन दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर डीआईजी ने जिले में ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना संभावित स्थानों पर संबंधित विभागों से समन्वय कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। राहवीर योजना और हिट एंड रन के मामलों में पीड़ितों को शीघ्र राहत दिलाने के निर्देश भी दिए गए। डीआईजी ने कहा कि दुर्घटना पीड़ितों को सहायता दिलाने में पुलिस की भूमिका सक्रिय और संवेदनशील होनी चाहिए।
सतर्कता, प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता से काम करें अधिकारी
बैठक के अंत में डीआईजी सिद्धार्थ बहुगुणा ने सभी पुलिस अधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान करें। कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सतर्कता, प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग का उद्देश्य सिर्फ अपराध दर्ज करना नहीं, बल्कि अपराध रोकना, पीड़ितों को न्याय दिलाना और समाज में सुरक्षा का वातावरण बनाना है। इसके लिए थाना स्तर से लेकर जिला स्तर तक हर अधिकारी को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शेण्डे, नगर पुलिस अधीक्षक गौरव पाटिल सहित जिले के सभी थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।