बुरहानपुर। शहर में बारिश शुरू होते ही जलभराव और चोक नालियों की समस्या एक बार फिर सड़कों पर उतर आई है। बुधवार को यह नाराजगी उस समय खुलकर सामने आई, जब नगर निगम के डिप्टी स्पीकर एवं लोहार मंडी वार्ड के पार्षद फहीम हाशमी खुद गंदे पानी के बीच सड़क पर बैठ गए। उनके साथ वार्ड के रहवासी भी विरोध में शामिल हुए। कुछ ही देर में अन्य पार्षद भी मौके पर पहुंचे और सड़क पर लेटकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। यह प्रदर्शन दोपहर करीब एक बजे चंद्रकला से पाला बाजार मार्ग पर हुआ, जहां पिछले कई महीनों से नालियां चोक होने के कारण गंदा पानी सड़क पर बह रहा है।
फहीम हाशमी ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड में पिछले आठ महीनों से जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदा पानी लगातार सड़क पर बह रहा है। इससे रोजाना स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों, दुकानदारों और वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बारिश के दौरान हालात और भी बदतर हो जाते हैं, लेकिन नगर निगम प्रशासन समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आता।
उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम आयुक्त और संबंधित अधिकारियों को लिखित एवं मौखिक शिकायतें दी गईं। सोशल मीडिया के माध्यम से भी लगातार मुद्दा उठाया गया, लेकिन इसके बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। उनका आरोप था कि स्वच्छता के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर न तो नालियां साफ हैं और न ही जलभराव की समस्या दूर हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी पार्षदों के वार्डों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने घोषणा की कि जब तक महापौर स्वयं मौके पर पहुंचकर समस्या के समाधान का भरोसा नहीं देतीं, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
जलवर्धन और सीवरेज परियोजना बनी नई मुसीबत
स्थानीय लोगों का कहना है कि जलवर्धन योजना और सीवरेज लाइन बिछाने के दौरान सड़कों और नालियों की खुदाई की गई थी। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी कई स्थानों पर सड़कें और जल निकासी व्यवस्था पूर्ववत नहीं की गई। परिणामस्वरूप बारिश का पानी नालियों में जाने के बजाय सीधे सड़कों पर जमा हो रहा है। शहर की कई प्रमुख सड़कें अब भी बदहाल स्थिति में हैं और लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रहवासियों का फूटा आक्रोश
प्रदर्शन में शामिल रहवासियों ने कहा कि गंदे पानी के बीच से गुजरना उनकी मजबूरी बन गया है। दुकानों के सामने पानी भरा रहता है, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। वहीं, गंदगी और जलभराव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
सहायक आयुक्त पहुंचीं, समाधान का दिया भरोसा
विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही नगर निगम की सहायक आयुक्त स्वर्णिका वर्मा मौके पर पहुंचीं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उनकी शिकायतें सुनीं। स्वर्णिका वर्मा ने बताया कि कुछ दिन पहले पाला बाजार क्षेत्र में नालियों के सुचारु प्रवाह के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की गई थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित विभाग से समन्वय कर जल निकासी की समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा।
बारिश के शुरुआती दौर में ही सामने आया यह विरोध प्रदर्शन शहर की जल निकासी व्यवस्था और नगर निगम की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक कर पाता है।