बुरहानपुर। भगवानिया गांव में बिजली लाइन पर काम कर रहे 25 वर्षीय युवक की मौत का मामला अब बिजली विभाग की कथित लापरवाही तक पहुंच गया है। करीब एक माह चली पुलिस जांच में सामने आया कि जिस लाइन को बंद रखकर काम कराया जाना था, उसे कार्य पूरा होने की सूचना मिलने से पहले ही चालू कर दिया गया। नतीजा यह हुआ कि खंभे पर काम कर रहा युवक हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया, नीचे गिरा और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर पुलिस ने बिजली विभाग के ग्रिड ऑपरेटर और लाइनमैन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(1) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
धुलकोट चौकी में पदस्थ उपनिरीक्षक कमल मोरे को थाना निंबोला से मर्ग क्रमांक 52/2026 की जांच सौंपी गई थी। जांच के दौरान ग्रामीणों, प्रत्यक्षदर्शियों और बिजली विभाग के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए। साथ ही एमपीईबी कार्यालय निंबोला से ड्यूटी रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेज भी मंगाए गए। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर घटना में विभागीय स्तर पर गंभीर लापरवाही सामने आई है।
लाइन बंद करने की सूचना दी गई थी, फिर किसने चालू की बिजली?
पुलिस जांच के अनुसार 30 जून 2026 को भगवानिया गांव निवासी रविन्द्र पिता रामलाल बारेला (25) बिजली लाइन पर मरम्मत का कार्य कर रहा था। नियमानुसार कार्य शुरू होने से पहले धुलकोट ग्रिड ऑपरेटर और लाइनमैन को लाइन बंद रखने की सूचना दी गई थी तथा स्पष्ट निर्देश था कि कार्य पूरा होने के बाद ही बिजली आपूर्ति बहाल की जाए। लेकिन जांच में सामने आया कि मृतक की ओर से कार्य पूरा होने का संदेश दिए बिना ही बिजली सप्लाई दोबारा चालू कर दी गई। अचानक लाइन में करंट दौड़ने से रविन्द्र गंभीर रूप से झुलस गया और खंभे से नीचे गिर पड़ा। उसे तत्काल जिला अस्पताल बुरहानपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
गवाहों के बयानों ने खोली लापरवाही की परतें
पुलिस ने राजेश बारेला, रामलाल बारेला, डांगी बारेला और ओंकार बारेला सहित कई ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। सभी ने अपने बयानों में कहा कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण ही रविन्द्र की जान गई। इसके बाद जांच अधिकारियों ने ग्रिड ऑपरेटर जगदीश, लाइनमैन शैलेन्द्र सहित अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की और ड्यूटी रिकॉर्ड का मिलान किया। जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि ग्रिड ऑपरेटर और लाइनमैन के बीच आवश्यक समन्वय नहीं था। इसी चूक के कारण समय से पहले बिजली चालू हो गई और यह हादसा हुआ।
दो कर्मचारियों पर दर्ज हुआ आपराधिक मामला
मर्ग जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने ग्रिड ऑपरेटर जगदीश पिता पुरणसिंह भिलाला (45), निवासी धुलकोट तथा लाइनमैन शैलेन्द्र पिता लखनलाल लोधा (50), निवासी नेपानगर के विरुद्ध धारा 106(1) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बड़ा सवाल
यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि लाइन बंद रखने और चालू करने की मानक प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाता तथा कर्मचारियों के बीच समुचित समन्वय होता, तो संभव है कि 25 वर्षीय रविन्द्र की जान बचाई जा सकती थी। अब पूरे मामले की निगाह पुलिस विवेचना और आगे होने वाली विभागीय कार्रवाई पर टिकी है।