बुरहानपुर। जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन खकनार-पाचौरी क्षेत्र से पिस्टल मिलने का सिलसिला थम नहीं रहा। ताजा मामले में खकनार पुलिस ने ग्राम तुकईथड़ के पास खोखरी नदी पुलिया क्षेत्र से एक विधि विरुद्ध बालक और पाचौरी निवासी 65 वर्षीय अकबारसिंह बरनाला को पकड़ा है। पुलिस ने इनके पास से 2 हस्तनिर्मित देशी पिस्टल और एक मोटरसाइकिल जब्त करने का दावा किया है। जब्त माल की कुल कीमत 1.04 लाख रुपए है।
यह कार्रवाई महज दो पिस्टल की बरामदगी तक सीमित नहीं है। पुलिस के अपने आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 से अगस्त 2026 तक खकनार थाना क्षेत्र में 31 केस दर्ज कर 63 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है और 172 देशी पिस्टल बरामद हुई हैं। इसके बावजूद अवैध हथियार लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि हथियारों के निर्माण से लेकर उनकी सप्लाई तक की पूरी चेन आखिर कहां तक फैली है?
Table of Contents
मुखबिर बोला- पुलिया के पास हथियार लेकर बैठे हैं दो लोग
दरअसल मामला 13 अगस्त का है। खकनार थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक जाधव को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम तुकईथड़ के पास खोखरी नदी पुलिया के नजदीक दो व्यक्ति अवैध हथियार लेकर बैठे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके के लिए रवाना हुई। क्षेत्र की घेराबंदी कर दबिश दी गई। यहां पुलिस ने पहले एक विधि विरुद्ध बालक को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 2 हस्तनिर्मित देशी पिस्टल मिलने की बात पुलिस ने कही है। दोनों पिस्टल की कीमत करीब 50 हजार रुपए आंकी गई। इसके अलावा मौके से 54 हजार रुपए कीमत की मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। इस तरह कार्रवाई में कुल 1 लाख 4 हजार रुपए का मश्रुका जब्त किया गया।
साथ में मिला 65 साल का अकबारसिंह
पुलिस ने बालक के साथ मौजूद दूसरे व्यक्ति को भी घेराबंदी कर पकड़ लिया। उसने अपना नाम अकबारसिंह पिता दादरसिंह बरनाला (65), निवासी पाचौरी बताया। दोनों के खिलाफ खकनार थाने में अपराध क्रमांक 383/2026 दर्ज कर धारा 25(1-B)(a) आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। विधि विरुद्ध बालक की पहचान कानूनी प्रावधानों के कारण सार्वजनिक नहीं की गई है।
अब जांच का असली सिरा- पिस्टल आई कहां से, जानी कहां थी?
पुलिस के सामने अब सबसे अहम सवाल इन दोनों पिस्टल के स्रोत और संभावित खरीदार का है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पिस्टल कहां तैयार की गईं, इन्हें किससे लिया गया और आगे किसे सौंपा जाना था। यह भी जांच का विषय है कि दोनों का संपर्क किसी पुराने हथियार तस्कर या नेटवर्क से है या नहीं। पुलिस का कहना है कि अवैध हथियारों के संबंध में पूछताछ जारी है।
31 केस में 63 आरोपी, फिर भी हथियार मिलना जारी
खकनार पुलिस की पिछले ढाई साल की कार्रवाई के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक 2024 से अगस्त 2026 तक अवैध हथियारों के 31 मामले दर्ज किए गए। इनमें 63 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। इसी अवधि में पुलिस ने 172 हस्तनिर्मित देशी पिस्टल, 45 जिंदा कारतूस, हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियां और निर्माण सामग्री जब्त करने की कार्रवाई की है। आंकड़ों का दूसरा पहलू यह भी है कि इतनी कार्रवाई के बाद भी हथियार बरामद हो रहे हैं। यानी चुनौती केवल हथियार लेकर घूम रहे व्यक्ति को पकड़ने की नहीं, बल्कि निर्माता-बिचौलिया-तस्कर-खरीदार की पूरी कड़ी तक पहुंचने की है।
3 दिन पहले 13 पिस्टल और 45 कारतूस की बड़ी खेप भी पकड़ी थी
खकनार क्षेत्र में यह हाल के दिनों की दूसरी महत्वपूर्ण हथियार कार्रवाई है। पुलिस ने इससे पहले एक अन्य कार्रवाई में 13 हस्तनिर्मित देशी पिस्टल, एक खाली मैगजीन और 45 जिंदा कारतूस जब्त किए थे। इसके कुछ ही दिन बाद फिर 2 पिस्टल बरामद होना बताता है कि क्षेत्र में अवैध हथियारों को लेकर पुलिस को लगातार सक्रिय रहना पड़ रहा है। हालांकि दोनों मामलों के आरोपियों या नेटवर्क के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि पुलिस ने फिलहाल नहीं की है।
गिरफ्तारी से आगे नेटवर्क तक पहुंचना बड़ी चुनौती
अवैध हथियारों के मामलों में अक्सर कार्रवाई बरामदगी और गिरफ्तारी से शुरू होती है, लेकिन नेटवर्क तोड़ने के लिए हथियार किसने बनाया, किसने उपलब्ध कराया, किस रास्ते से पहुंचाया और अंतिम खरीदार कौन था, इन कड़ियों का खुलासा अहम होता है। पुलिस की ताजा कार्रवाई में भी पूछताछ के बाद ही स्पष्ट होगा कि दोनों पिस्टल स्थानीय स्तर पर तैयार हुई थीं या कहीं और से लाई गई थीं। साथ ही मोटरसाइकिल का इस्तेमाल हथियारों के परिवहन में किया जा रहा था या नहीं, इसकी जांच भी महत्वपूर्ण होगी।
SP के निर्देशन में विशेष अभियान
जिले में पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के निर्देशन में अवैध हथियारों के निर्माण, खरीद-बिक्री और परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शेण्डे और एसडीओपी नेपानगर सुरेश महाले के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक जाधव, उनि मनीष पटेल, सउनि पवन देशमुख, प्रआर अजय बारुले, विक्रम चौहान, सतीश सूर्यवंशी, अजय अजनारे, संदीप सिंह सोलंकी, चालक रुपेश शर्मा, साइबर सेल के दुर्गेश पटेल व शक्तिसिंह सहित जितेंद्र चौहान, राकेश डाबर, सबल देवड़ा, अमन अग्रवाल, खुमसिंह नार्वे और आयुष पटेल की भूमिका रही।
बड़ा सवाल: बरामदगी बढ़ रही है या नेटवर्क टूट रहा है?
ढाई साल में 172 पिस्टल और 63 आरोपियों तक पहुंचना बड़ी कार्रवाई है, लेकिन लगातार सामने आ रहे नए मामले एक दूसरी तस्वीर भी दिखाते हैं। अब पुलिस की अगली बड़ी सफलता सिर्फ एक और पिस्टल पकड़ना नहीं, बल्कि उस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचना होगी जहां से ये हथियार निकलकर अपराध की दुनिया तक पहुंच रहे हैं।



