बुरहानपुर। खकनार क्षेत्र में अवैध हथियारों की आवाजाही का एक और मामला सामने आया है। पुलिस ने साईंबाबा स्कूल के पीछे जंगल में दबिश देकर बड़वानी जिले के 23 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी के कब्जे से 13 हस्तनिर्मित देसी पिस्टल, एक खाली मैगजीन और 45 जिंदा कारतूस मिले हैं। साथ में एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। हथियार-कारतूस और बाइक सहित जब्ती की कुल कीमत 4.92 लाख रुपए आंकी गई है।
एक साथ 13 पिस्टल और 45 कारतूस मिलने के बाद जांच का दायरा सिर्फ हथियार रखने तक सीमित नहीं है। पुलिस अब इनके निर्माण, खरीद-बिक्री और सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही है। आरोपी से यह पता लगाया जा रहा है कि इतनी बड़ी खेप कहां से आई और इसे आगे किसे दिया जाना था।
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मुखबिर ने बताया- स्कूल के पीछे जंगल में हथियार लेकर बैठा है युवक
पुलिस के अनुसार 9 अगस्त को खकनार थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक जाधव को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम खकनार में साईंबाबा स्कूल के पीछे जंगल में पेड़ के नीचे एक व्यक्ति अवैध हथियार लेकर बैठा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दबिश दी। पकड़े गए युवक ने अपना नाम शक्तिसिंह पिता बादलसिंह पटवा (23), निवासी औझर नागलवाड़ी, जिला बड़वानी बताया। पुलिस का दावा है कि तलाशी में उसके कब्जे से 13 हस्तनिर्मित देसी पिस्टल, एक खाली मैगजीन और 45 जिंदा कारतूस मिले।
हथियार-कारतूस 3.72 लाख के, बाइक 1.20 लाख की
पुलिस ने 13 पिस्टल, खाली मैगजीन और 45 कारतूस की कीमत 3.72 लाख रुपए आंकी है। इसके अलावा आरोपी के पास मिली मोटरसाइकिल की कीमत करीब 1.20 लाख रुपए बताई गई है। इस तरह पुलिस ने कुल 4.92 लाख रुपए का मशरूका जब्त किया है। आरोपी के खिलाफ खकनार थाने में अपराध क्रमांक 377/2026 दर्ज कर आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)(a) के तहत कार्रवाई की गई है।
45 जिंदा कारतूस ने बढ़ाई जांच की अहमियत
बरामदगी में 13 पिस्टल के साथ 45 जिंदा कारतूस मिलना भी जांच की महत्वपूर्ण कड़ी है। अब पुलिस के सामने सवाल है कि कारतूस कहां से आए और हथियारों के साथ इनकी सप्लाई का स्रोत क्या है। पुलिस आरोपी से हथियारों की खरीद, संभावित सप्लायर और खरीदारों के संबंध में पूछताछ कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जाना है कि आरोपी पहली बार इस क्षेत्र में हथियार लेने आया था या इससे पहले भी अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री में उसकी भूमिका रही है। फिलहाल इन बिंदुओं पर पुलिस की जांच जारी है।
सालभर में 12 केस, 47 पिस्टल जब्त; फिर भी सामने आ रही हथियारों की खेप
खकनार पुलिस के आंकड़े अवैध हथियारों की चुनौती को भी सामने रखते हैं। पुलिस के मुताबिक पिछले एक साल में थाने में अवैध हथियारों से संबंधित 12 प्रकरण दर्ज कर कुल 47 हस्तनिर्मित देसी पिस्टल, 6 मैगजीन और 45 जिंदा कारतूस जब्त किए गए हैं। लगातार हथियार पकड़े जाने के बीच अब बड़ी चुनौती सिर्फ खेप पकड़ने की नहीं, बल्कि इन्हें बनाने वाले, बेचने वाले, बिचौलियों और खरीदारों की पूरी चेन तक पहुंचने की है। मौजूदा आरोपी से पूछताछ में इसी नेटवर्क से जुड़े सुराग मिलने की उम्मीद पुलिस को है।
पुलिस टीम ने घेराबंदी कर की कार्रवाई
कार्रवाई एसपी आशुतोष बागरी के निर्देशन तथा एएसपी प्रदीप शेंडे और एसडीओपी नेपानगर सुरेश महाले के मार्गदर्शन में की गई। टीम में थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक जाधव, उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह राजपूत, सहायक उपनिरीक्षक पवन देशमुख, प्रधान आरक्षक सतीश सूर्यवंशी, अजय अजनारे, चालक रुपेश शर्मा तथा आरक्षक विजेंद्र देवल्ये, कैलाश मोरे, सुनील धुर्वे, जितेंद्र चौहान, अर्जुन कसुमरिया, रविंद्र काजले और गोविंदा मुजाल्दे शामिल रहे।
जांच के तीन बड़े सवाल
13 पिस्टल किसने उपलब्ध कराईं? 45 जिंदा कारतूस कहां से आए? और हथियारों की यह खेप आखिर किसके पास पहुंचनी थी? इन सवालों के जवाब मिलने पर ही इस बरामदगी के पीछे मौजूद नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
एएसपी बोले- पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करेंगे
अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में भी आरोपी से पूछताछ कर उसके कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में कार्रवाई करेगी। – प्रदीप शेंडे, एएसपी बुरहानपुर



