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रेल के बड़े मुद्दे नागपुर तक पहुंचे: दादाजी धाम एक्सप्रेस की पटरी पर वापसी कब? बंद स्टॉपेज और ओवरब्रिज पर भी अफसरों से जवाब-तलब

सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने सेंट्रल रेलवे के आला अफसरों के सामने रखा बुरहानपुर-नेपानगर-खंडवा का रेल एजेंडा; ओंकारेश्वर-त्र्यंबकेश्वर और बडनेरा-अमरावती के लिए नई ट्रेन की मांग

बुरहानपुर। वर्षों से बेहतर रेल सुविधाओं की उम्मीद लगाए बैठे बुरहानपुर, नेपानगर और खंडवा के यात्रियों की मांगें एक बार फिर रेलवे के आला अफसरों तक पहुंची हैं। बुधवार को सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने नागपुर में सेंट्रल रेलवे के महाप्रबंधक और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी से जुड़े कई बड़े मुद्दे उठाए। इनमें कोविड काल से बंद ट्रेन स्टॉपेज बहाल करने से लेकर दादाजी धाम एक्सप्रेस को दोबारा पटरी पर लाने, नई ट्रेनें शुरू करने, बुरहानपुर के रेलवे ओवरब्रिज, नेपानगर अमृत भारत स्टेशन और खंडवा स्टेशन के री-डेवलपमेंट तक की मांग शामिल रही।

Sadaiv News
सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने नागपुर में रेलवे अधिकारियों के सामने नई ट्रेन, बंद स्टॉपेज, ओवरब्रिज और स्टेशन विकास सहित कई मुद्दे रखे।

बैठक का सबसे अहम मुद्दा यात्री ट्रेनों और स्टॉपेज का रहा। कोविड काल में बंद किए गए कई स्टॉपेज अब तक बहाल नहीं होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सांसद ने रेलवे अधिकारियों के सामने इन स्टॉपेज को फिर शुरू करने की मांग रखी। साथ ही कोविड से पहले भुसावल-नागपुर के बीच चलने वाली दादाजी धाम एक्सप्रेस को दोबारा शुरू करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि रेलवे के सामने रखी गई इन मांगों में से कितनी पर जमीन पर कार्रवाई होती है और क्षेत्र के यात्रियों को कब तक नई या बहाल रेल सुविधाओं का लाभ मिलता है।

दादाजी धाम एक्सप्रेस बंद, पुराने स्टॉपेज भी नहीं लौटे

नेपानगर सहित क्षेत्र के यात्रियों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा कोविड काल में बंद हुई रेल सुविधाओं का है। महामारी के दौरान रेलवे ने कई ट्रेनों के स्टॉपेज बंद किए थे। सामान्य स्थिति लौटने के बावजूद कुछ स्टॉपेज अब तक बहाल नहीं हो सके हैं। सांसद पाटील ने बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए बंद स्टॉपेज को पहले की तरह बहाल करने की मांग की। खासतौर पर भुसावल-नागपुर के बीच कोविड से पहले चलने वाली दादाजी धाम एक्सप्रेस को फिर शुरू कराने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही बुरहानपुर, नेपानगर और खंडवा में यात्रियों की जरूरत को देखते हुए अन्य ट्रेनों के अतिरिक्त स्टॉपेज देने की मांग भी रेलवे अधिकारियों के सामने रखी गई।

दो ज्योतिर्लिंगों को रेल से जोड़ने का प्रस्ताव

बैठक में केवल पुरानी रेल सुविधाएं बहाल करने की बात नहीं हुई, बल्कि नई कनेक्टिविटी का प्रस्ताव भी रखा गया। सांसद ने मध्यप्रदेश के ओंकारेश्वर और महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के बीच नई ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग की। यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के इन दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेल कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है। इसके साथ ही खंडवा-बुरहानपुर होते हुए बडनेरा-अमरावती तक नई ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग भी रखी गई। इस रूट पर ट्रेन मिलने से बुरहानपुर और खंडवा क्षेत्र का महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों से सीधा रेल संपर्क और मजबूत हो सकेगा।

बुरहानपुर का निर्माणाधीन ओवरब्रिज जल्द पूरा करने की मांग

बुरहानपुर में रेलवे से जुड़े अधोसंरचना कार्य भी बैठक के एजेंडे में रहे। सांसद ने शहर में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का काम जल्द पूरा कराने का मुद्दा उठाया। निर्माण कार्य में देरी का सीधा असर शहर की यातायात व्यवस्था पर पड़ता है। ऐसे में रेलवे से संबंधित प्रक्रिया और काम को गति देने की मांग की गई। वहीं लालबाग क्षेत्र में शिवाजी नगर और चिंचाला वार्ड को जोड़ने के लिए नया रेलवे ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव भी अधिकारियों के सामने रखा गया। क्षेत्र में रेलवे लाइन के कारण आवागमन की समस्या को देखते हुए इसे महत्वपूर्ण बताया गया।

शिवाजी नगर-चिंचाला के बीच नए ओवरब्रिज पर चर्चा

लालबाग क्षेत्र में रेलवे लाइन के दोनों ओर बसे इलाकों के बीच बेहतर आवागमन लंबे समय से जरूरत बना हुआ है। इसी को देखते हुए शिवाजी नगर से चिंचाला को जोड़ने के लिए नए रेलवे ओवरब्रिज की मांग की गई। ओवरब्रिज बनने से रेलवे क्रॉसिंग पर निर्भरता कम होने के साथ स्थानीय लोगों को आवाजाही में सुविधा मिलने की उम्मीद है। सांसद ने इस प्रस्ताव पर रेलवे अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की।

नेपानगर में स्टेशन तो संवर रहा, ट्रेनों के स्टॉपेज की भी जरूरत

नेपानगर रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किया जा रहा है। सांसद ने रेलवे अधिकारियों से यहां चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया। लेकिन स्टेशन के विकास के साथ सबसे बड़ा सवाल यात्री सुविधाओं का भी है। इसी कारण सांसद ने रेलवे के सामने साफ तौर पर कोविड काल से बंद ट्रेन स्टॉपेज बहाल करने का मुद्दा रखा। मांग यह है कि केवल स्टेशन का स्वरूप बदलने तक विकास सीमित न रहे, बल्कि यहां रुकने वाली ट्रेनों की संख्या और यात्रियों के लिए उपलब्ध रेल विकल्प भी बढ़ें।

खंडवा स्टेशन के री-डेवलपमेंट में तेजी की मांग

खंडवा रेलवे स्टेशन के प्रस्तावित री-डेवलपमेंट को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। सांसद ने इसका काम जल्द शुरू कराने की मांग रखी। खंडवा बड़ा रेलवे जंक्शन होने के कारण यहां से बड़ी संख्या में यात्री आवागमन करते हैं। स्टेशन के पुनर्विकास के साथ यात्री सुविधाओं में विस्तार की आवश्यकता को अधिकारियों के सामने रखा गया। इसके अलावा लोकसभा क्षेत्र से जुड़ी तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सांसद ने अधिकारियों से वर्तमान स्थिति की जानकारी लेकर कार्यों में तेजी लाने को कहा।

मांगों की लंबी फेहरिस्त, अब अमल का इंतजार

नागपुर की बैठक में बुरहानपुर से खंडवा तक रेलवे से जुड़ी लगभग हर बड़ी जरूरत को अधिकारियों के सामने रखा गया। दादाजी धाम एक्सप्रेस का दोबारा संचालन, नेपानगर के बंद स्टॉपेज, नई ट्रेनें, बुरहानपुर के ओवरब्रिज, अमृत भारत स्टेशन, खंडवा स्टेशन री-डेवलपमेंट और तीसरी-चौथी लाइन—मुद्दे कई हैं। इनमें कुछ मांगें सीधे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों से जुड़ी हैं तो कुछ आने वाले वर्षों की रेल कनेक्टिविटी और अधोसंरचना के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में बैठक के बाद अब यात्रियों की नजर रेलवे के फैसलों पर रहेगी। मांगें रेलवे के आला अधिकारियों की टेबल तक पहुंच गई हैं, लेकिन असली राहत तभी मानी जाएगी जब बंद स्टॉपेज लौटें, ट्रेनें पटरी पर आएं और लंबित परियोजनाएं जमीन पर रफ्तार पकड़ें।

सांसद बोले- क्षेत्र की रेल जरूरतों को लगातार उठा रहे

सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में रेलवे के आधुनिकीकरण, नई रेल लाइनों, स्टेशन पुनर्विकास और यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए काम हो रहा है। उन्होंने क्षेत्र में रेलवे से जुड़ी विकास परियोजनाओं के लिए प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार जताया। पाटील ने कहा कि बुरहानपुर, नेपानगर और खंडवा की रेल जरूरतों को लेकर प्रयास लगातार जारी हैं। बेहतर रेल कनेक्टिविटी, सुविधाजनक आवागमन और लंबित रेलवे परियोजनाओं को गति दिलाने के लिए संबंधित स्तर पर मांगों को मजबूती से रखा जा रहा है। बैठक में मध्य रेल समिति सदस्य मनोज सोनी भी मौजूद रहे।

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