बुरहानपुर। इंस्टाग्राम पर नोटों की गड्डियां दिखाकर ‘एक लाख रुपए के बदले दस लाख रुपए’ देने का लालच। फिर मोबाइल नंबर के जरिए संपर्क, WhatsApp पर बातचीत और राजस्थान से सीधे बुरहानपुर बुलावा। लेकिन यहां दस लाख रुपए नहीं, बल्कि केले के खेत में मारपीट और लूट इंतजार कर रही थी।
बुरहानपुर में सोशल मीडिया के जरिए शिकार तलाशने वाले कथित गिरोह का ऐसा ही मामला सामने आया है। नागौर, राजस्थान से आए 33 वर्षीय युवक को आरोपियों ने दरियापुर के पास सुनसान जगह बुलाया। आरोप है कि तीन लोगों ने उसे घेरकर पीटा, केले के खेत में ले गए और ₹23 हजार नकद के साथ कानों में पहनी करीब 2.5 ग्राम की दो सोने की बालियां छीन लीं। शिकारपुरा पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए खंडवा जिले के भीलखेड़ी निवासी विष्णु पिता शंकर चौहान को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल जब्त की गई है। दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
Table of Contents
पहले Reel से लालच, फिर WhatsApp पर बिछाया जाल
पुलिस के अनुसार फरियादी रामकिशोर पिता अमरचंद, उम्र 33 वर्ष, निवासी ग्राम शंखवास, थाना भवण्डा, जिला नागौर (राजस्थान) ने कुछ दिन पहले इंस्टाग्राम पर एक Reel देखी थी। रील में नोट दिखाते हुए कथित तौर पर दावा किया गया था कि एक लाख रुपए देने पर दस लाख रुपए मिलेंगे। इसके साथ संपर्क के लिए मोबाइल नंबर भी प्रदर्शित किया गया था। यहीं से पूरा घटनाक्रम शुरू हुआ। रामकिशोर ने दिए गए नंबर पर संपर्क किया। इसके बाद आरोपियों ने WhatsApp के जरिए उससे बातचीत की। कथित रूप से दस गुना रकम मिलने की उम्मीद में वह राजस्थान से बुरहानपुर तक आ गया।
दस लाख का सपना दिखाया, पहुंचते ही तीन लोगों ने घेरा
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने रामकिशोर को 28 अगस्त को ग्राम दरियापुर के पास लुब्री पाइप फैक्ट्री के पीछे बुलाया था। रामकिशोर जैसे ही तय स्थान पर पहुंचा, वहां कथित सौदे के बजाय तीन लोग मिले। आरोप है कि तीनों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी और फिर उसे पास स्थित केले के खेत में ले गए। यहां आरोपियों ने उसकी जेब से ₹23 हजार नकद निकाल लिए। इसके बाद उसके कानों में पहनी करीब 2.5 ग्राम वजन की दो सोने की बालियां भी जबरदस्ती छीन लीं और मोटरसाइकिल से फरार हो गए। यानी जिस सोशल मीडिया Reel ने पीड़ित को दस गुना पैसा मिलने की उम्मीद में सैकड़ों किलोमीटर दूर बुलाया, वही कथित तौर पर उसे सुनसान जगह तक पहुंचाने का जरिया बन गई।
केस दर्ज होते ही पुलिस ने खंगाली कड़ी, 30 अगस्त को एक आरोपी पकड़ाया
घटना के बाद रामकिशोर शिकारपुरा थाने पहुंचा। उसकी रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 302/26 में बीएनएस की धारा 309(6) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के निर्देशन में आरोपियों की धरपकड़ शुरू हुई। जांच के दौरान 30 अगस्त को विष्णु पिता शंकर चौहान निवासी भीलखेड़ी, जिला खंडवा को अभिरक्षा में लिया गया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर रुपए कई गुना करने का लालच देकर फरियादी को बुलाने और लूट की वारदात करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।
दो आरोपी फरार, असली सवाल—कितने लोगों तक पहुंची ऐसी Reel?
एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी जांच खत्म नहीं हुई है। बल्कि अब पुलिस के सामने बड़ा सवाल है कि क्या रामकिशोर ही इस तरीके से फंसाया गया पहला व्यक्ति था या गिरोह पहले भी सोशल मीडिया के जरिए दूसरे लोगों को निशाना बना चुका है? पुलिस के मुताबिक आरोपियों द्वारा सोशल मीडिया पर कम समय में रुपए कई गुना करने का लालच देकर लोगों को जाल में फंसाने की बात सामने आई है। गिरफ्तार आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने इस तरह की अन्य कितनी वारदातों को अंजाम दिया और इसमें और कौन-कौन शामिल है। दो फरार आरोपियों की तलाश भी जारी है।
Instagram Reel से WhatsApp तक—डिजिटल कड़ियां खोल सकती हैं गिरोह का नेटवर्क
मामले में सोशल मीडिया सबसे अहम कड़ी बनकर सामने आया है। पीड़ित तक आरोपियों की पहुंच किसी आमने-सामने की पहचान से नहीं, बल्कि इंस्टाग्राम Reel के जरिए हुई। इसके बाद संपर्क मोबाइल और WhatsApp तक पहुंचा। ऐसे में जांच का अहम हिस्सा यह भी होगा कि संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट किसके नियंत्रण में था, Reel कब और किस उद्देश्य से डाली गई, उसमें दिया गया नंबर किसका था और उस नंबर से कितने अन्य लोगों से बातचीत हुई। पुलिस ने भी स्पष्ट किया है कि आरोपी से पूछताछ कर गिरोह में शामिल अन्य लोगों और संभावित दूसरी वारदातों का पता लगाया जा रहा है।
‘दस गुना पैसा’ का लालच पड़ा महंगा
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात लालच का तरीका है। एक लाख के दस लाख यानी सीधे दस गुना रकम देने का दावा अपने आप में असामान्य था। फिर भी सोशल मीडिया पर दिखाई गई Reel और संपर्क नंबर के जरिए कथित गिरोह पीड़ित को राजस्थान से बुरहानपुर तक बुलाने में सफल रहा। पुलिस ने इसी को देखते हुए आमजन को आगाह किया है कि सोशल मीडिया पर रुपए कई गुना करने, निवेश पर असामान्य लाभ देने अथवा बेहद कम समय में अधिक पैसा दिलाने का दावा करने वाले लोगों से सावधान रहें। अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे लेकर किसी सुनसान जगह पर न जाएं और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका
मामले के खुलासे में शिकारपुरा थाना प्रभारी निरीक्षक संदीप चौरसिया, उप निरीक्षक दिलीप सिंह, प्रधान आरक्षक संतोष दोगने, प्रधान आरक्षक विक्रम चौहान, प्रधान आरक्षक अजय बरूले, साइबर सेल, आरक्षक दुर्गेश पटेल और आरक्षक ललित चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



