बुरहानपुर। शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र गुलमोहर मार्केट की तस्वीर बदलने की तैयारी है। नगर निगम यहां पुराने शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और पुराने निगम भवन के स्थान पर करीब 5.89 करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक व्यावसायिक परिसर विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स में दो मंजिलों पर कुल 208 दुकानें बनाई जाएंगी। इसके साथ ही शहर के 12 वार्डों की आंतरिक सड़कों के सीमेंटीकरण, चौराहों के आसपास निर्माण कार्य, पुलिया निर्माण और कुंडियों की मरम्मत से जुड़े प्रस्तावों को भी आगे बढ़ाया गया है।
बुधवार को महापौर माधुरी अतुल पटेल की अध्यक्षता में आयोजित मेयर इन काउंसिल (MIC) की बैठक में शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े इन प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक का प्रमुख केंद्र गुलमोहर मार्केट का पुनर्विकास रहा। हालांकि, परियोजना को धरातल पर उतारने से पहले मौजूदा दुकानदारों की सहमति और सक्षम स्तर से स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। नगर निगम के अनुसार बाजार में वर्तमान में 112 किरायेदार हैं, जिनमें से 62 ने निर्धारित शर्तों के अनुसार नई दुकान निर्माण के लिए सहमति दी है। शेष 50 किरायेदारों की सहमति की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। ऐसे में प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स के निर्माण के साथ मौजूदा व्यापारियों के हितों और भविष्य की व्यवस्था का सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है।
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पुराने बाजार का होगा कायाकल्प, भूतल और प्रथम तल पर बनेंगी दुकानें
महापौर माधुरी पटेल ने कहा गुलमोहर मार्केट के पुराने शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और नगर निगम के पुराने भवन के स्थान पर आधुनिक व्यावसायिक परिसर विकसित करने के लिए 589.29 लाख रुपए का प्रस्ताव तैयार किया गया है। योजना के अनुसार भूतल और प्रथम तल पर कुल 208 दुकानों का निर्माण प्रस्तावित है। निगम ने भूतल की प्रत्येक दुकान की अनुमानित निर्माण लागत 3.50 लाख रुपए और प्रथम तल की दुकान की 2.04 लाख रुपए निर्धारित की है। इस परियोजना से बाजार क्षेत्र को व्यवस्थित स्वरूप देने और व्यापारिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की उम्मीद है। हालांकि, दुकानों का आकार, आवंटन प्रक्रिया, पुराने किरायेदारों के समायोजन और निर्माण शुरू होने की समय-सीमा का विस्तृत विवरण अभी सामने नहीं आया है। प्रस्ताव को सक्षम स्वीकृति की प्रक्रिया के लिए MIC के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
112 में से 62 दुकानदार सहमत, शेष 50 को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
बाजार के पुनर्विकास में मौजूदा किरायेदारों की सहमति महत्वपूर्ण है। नगर निगम के अनुसार 112 किरायेदारों में से 62 ने निगम की शर्तों के पालन के साथ नवीन दुकान निर्माण के लिए सहमति प्रदान की है। यानी करीब 55 प्रतिशत किरायेदारों की सहमति मिल चुकी है। ऐसे में सवाल है कि निर्माण के दौरान मौजूदा व्यापारियों के कारोबार की क्या व्यवस्था होगी? पुराने किरायेदारों को नई दुकानों के आवंटन में क्या प्राथमिकता मिलेगी और उन्हें किन वित्तीय शर्तों का पालन करना होगा? परियोजना आगे बढ़ने के साथ इन सवालों का समाधान आवश्यक होगा।
12 वार्डों की आंतरिक सड़कें सुधरेंगी, 8.99 प्रतिशत कम दर पर मिली निविदा
शहर के वार्ड क्रमांक 1 से 12 तक की आंतरिक सड़कों के सीमेंटीकरण का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया। नगर निगम ने इसके लिए प्रत्येक वार्ड में लगभग 50 लाख रुपए के कार्यों के जोन बनाकर निविदाएं आमंत्रित की थीं। दूसरी बार निविदा आमंत्रित करने पर अमोल इंटरप्राइजेज की दर अनुमानित दर से 8.99 प्रतिशत कम प्राप्त हुई। इसके अनुसार लगभग 45.50 लाख रुपए जीएसटी सहित की लागत से कार्य कराने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। सड़कों के सीमेंटीकरण से संबंधित क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि, किन-किन सड़कों का निर्माण किया जाएगा, उनकी कुल लंबाई कितनी होगी और कार्य कब शुरू होगा, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। निविदा दर कम प्राप्त होने के बाद निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण रहेगा।
कुंडियों की सफाई और मरम्मत पर सख्ती, जमा पानी पंपिंग से निकालने के निर्देश
बैठक में महापौर माधुरी पटेल ने कुंडी भंडार की कुंडियों के रखरखाव और मरम्मत को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन कुंडियों में पानी जमा है, वहां पंपिंग के माध्यम से पानी की निकासी कराई जाए। साथ ही नियमित सफाई और क्षतिग्रस्त कुंडियों की मरम्मत प्राथमिकता से पूरी की जाए। महापौर ने निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव को संबंधित अधिकारियों के माध्यम से कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े कार्यों में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। कुंडियों के रखरखाव से जुड़े कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, कितनी कुंडियों की मरम्मत प्रस्तावित है और इसके लिए कितना बजट निर्धारित किया गया है, इसकी जानकारी बैठक के विवरण में नहीं दी गई है।
शहनवाज चौराहे से बस स्टैंड तक सीसी पेवमेंट, पुलिया निर्माण की भी समीक्षा
मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के चतुर्थ चरण के अंतर्गत शहर में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। इनमें शहनवाज चौराहे से बस स्टैंड तक सड़क के दोनों ओर सीसी पेवमेंट निर्माण, विभिन्न स्थानों पर पुलिया निर्माण और अन्य अधोसंरचना कार्य शामिल हैं। बैठक में इन कार्यों की प्रगति और समयावधि से जुड़े प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए। कुछ कार्यों की समयावधि बढ़ाने पर भी विचार किया गया। हालांकि, किन कार्यों के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया है और उनकी वर्तमान प्रगति कितनी है, इसका विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है। इसके अतिरिक्त लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत चौराहों के आसपास सड़क एवं अन्य निर्माण कार्यों के लिए लगभग 64.09 लाख रुपए का प्राक्कलन तैयार किए जाने संबंधी प्रस्ताव भी विचारार्थ रखा गया।
महापौर ने कहा—विकास कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का रखें ध्यान
महापौर माधुरी अतुल पटेल ने बैठक में कहा कि नगर निगम का उद्देश्य बुरहानपुर के प्रत्येक क्षेत्र में आवश्यकता के अनुसार विकास कार्यों को आगे बढ़ाना है। नागरिकों को बेहतर सड़कें, सुव्यवस्थित बाजार और आधुनिक नगरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत और प्रगतिरत निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। नागरिकों की सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाए तथा संबंधित अधिकारी नियमित निगरानी करें। महापौर ने कहा कि बुरहानपुर को स्वच्छ, सुंदर और सुविधायुक्त शहर बनाने के लिए नगर निगम लगातार प्रयास कर रहा है।
करोड़ों के प्रस्ताव, अब स्वीकृति और काम शुरू होने की समय-सीमा पर नजर
MIC की बैठक में गुलमोहर मार्केट के पुनर्विकास से लेकर सड़कों, पुलियाओं और जल निकासी व्यवस्था तक कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे गए हैं। लेकिन इन प्रस्तावों का वास्तविक लाभ नागरिकों को तभी मिलेगा, जब आवश्यक स्वीकृतियों के बाद निर्माण कार्य समय पर शुरू होकर पूरे होंगे। विशेष रूप से गुलमोहर मार्केट के पुनर्विकास में शेष किरायेदारों की सहमति, नई दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया और निर्माण अवधि के दौरान व्यापारियों की व्यवस्था स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा। वहीं, 12 वार्डों की सड़कों के सीमेंटीकरण और अन्य अधोसंरचना कार्यों में निर्माण की गुणवत्ता, कार्यादेश तथा समय-सीमा पर नजर रहेगी। बैठक में विकास का खाका सामने आ गया है, अब अगला महत्वपूर्ण चरण इन प्रस्तावों को जमीन पर उतारने का होगा।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में पूर्व महापौर अतुल पटेल, MIC सदस्य संभाजी सगरे, धनराज महाजन, संध्या राजेश शिवहरे, अमरीन एजाज अशरफी, अनिल विस्पते, महेंद्र इंगले, नितेश दलाल, भारत इंगले, निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव, लेखाधिकारी विक्रम पोरवाल, सहायक आयुक्त स्वर्णिका वर्मा, कार्यपालन यंत्री प्रेम कुमार साहू, उपयंत्री अशोक पाटिल, गोपाल महाजन, कार्यालय अधीक्षक संदीप तिवारी, सचिव संजय शाह, जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

