बुरहानपुर। वर्षों से जिस जमीन पर घर बनाकर रह रहे हैं, अब उसी संपत्ति पर ग्रामीण परिवारों को कानूनी अधिकार दिलाने की कवायद तेज हो गई है। केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत बुरहानपुर जिले के 1 लाख 13 हजार 468 ग्रामीण हितग्राहियों को संपत्ति का वैधानिक अधिकार उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। लेकिन योजना की प्रगति के आंकड़े बताते हैं कि अभी मंजिल दूर है। जिले में 72 हजार 160 स्वामित्व रजिस्ट्रियां तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित है, जबकि अब तक महज 22 हजार 285 रजिस्ट्रियां तैयार हो सकी हैं। यानी लगभग 31 प्रतिशत काम पूरा हुआ है और करीब 69 प्रतिशत अभी बाकी है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि शेष 49 हजार 875 रजिस्ट्रियां कब तक तैयार होंगी और ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति के कानूनी दस्तावेज कब मिलेंगे?
इसी बीच शुक्रवार को ग्राम बोहरड़ा और सुखपुरी में आयोजित शिविरों में खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने पात्र हितग्राहियों को स्वामित्व रजिस्ट्रियां वितरित कीं। दोनों गांवों में कुल 244 हितग्राहियों की रजिस्ट्रियां तैयार होने की जानकारी दी गई। कार्यक्रम से पहले कलश यात्राएं निकाली गईं, जिनमें ग्रामीणों ने उत्साह से भाग लिया।
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न तहसील के चक्कर, न रजिस्ट्री का खर्च; गांव में ही मिलेंगे संपत्ति के दस्तावेज
सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने कहा कि स्वामित्व योजना ग्रामीण परिवारों के लिए महत्वपूर्ण पहल है। अब उन्हें अपनी आबादी भूमि का अधिकार अभिलेख प्राप्त करने के लिए पंजीयन कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। योजना के अंतर्गत पंजीयन शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी का खर्च सरकार वहन कर रही है। गांवों में शिविर लगाकर पात्र हितग्राहियों को स्वामित्व दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से वर्षों से आबादी भूमि पर निवास कर रहे परिवारों को उनकी संपत्ति की कानूनी पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि धनतेरस के अवसर पर ग्रामीण परिवारों को संपत्ति के अधिकार का दस्तावेज मिलना उनके लिए महत्वपूर्ण उपहार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार योजना को गांव-गांव तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।
अब घर की संपत्ति बनेगी आर्थिक सहारा, बैंक ऋण लेने में भी मिलेगी मदद
ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में परिवार वर्षों से अपनी आवासीय संपत्ति पर निवास कर रहे हैं, लेकिन स्पष्ट स्वामित्व दस्तावेज नहीं होने से उन्हें कई तरह की व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। स्वामित्व योजना के माध्यम से पात्र ग्रामीण परिवारों को उनकी आबादी भूमि का वैधानिक अभिलेख उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे संपत्ति की पहचान स्पष्ट होने, अधिकारों का रिकॉर्ड तैयार होने और भविष्य में संपत्ति संबंधी विवादों को कम करने में मदद मिलने की अपेक्षा है। सांसद पाटील ने कहा कि इन दस्तावेजों के आधार पर ग्रामीण नियमानुसार बैंक ऋण प्राप्त करने के साथ संपत्ति का उपयोग स्वरोजगार और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी कर सकेंगे। हालांकि, ऋण स्वीकृति संबंधित बैंक की शर्तों और संपत्ति की पात्रता पर निर्भर करेगी।
आंकड़ों में समझिए जिले में स्वामित्व योजना की स्थिति
| विवरण | संख्या |
| जिले में लक्षित हितग्राही | 1,13,468 |
| रजिस्ट्रियां तैयार करने का लक्ष्य | 72,160 |
| अब तक तैयार रजिस्ट्रियां | 22,285 |
| शेष रजिस्ट्रियां | 49,875 |
| लक्ष्य के मुकाबले प्रगति | 30.88% |
| लक्ष्य के मुकाबले शेष कार्य | 69.12% |
सवाल सिर्फ रजिस्ट्रियां तैयार करने का नहीं, उन्हें पात्र ग्रामीणों तक पहुंचाने का भी है। जिले में 22,285 दस्तावेज तैयार होने की जानकारी सामने आई है, लेकिन इनमें से कितने दस्तावेज हितग्राहियों को वास्तव में वितरित किए जा चुके हैं, इसका अलग जिला स्तरीय आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया गया है।
बोहरड़ा में 121, सुखपुरी में 123 रजिस्ट्रियां तैयार; शेष हितग्राहियों को अभी इंतजार
शुक्रवार को ग्राम बोहरड़ा और सुखपुरी में स्वामित्व योजना के अंतर्गत विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। दोनों गांवों में कलश यात्राएं निकाली गईं। ग्रामीण विभिन्न मार्गों से होते हुए कार्यक्रम स्थल पहुंचे। ग्राम बोहरड़ा में 121 और सुखपुरी में 123 हितग्राहियों की रजिस्ट्रियां तैयार हो चुकी हैं। सांसद ज्ञानेश्वर पाटील की उपस्थिति में पात्र हितग्राहियों को दस्तावेज वितरित किए गए। सांसद ने कहा कि शेष पात्र ग्रामीणों की रजिस्ट्रियां भी शीघ्र पूरी कर उन्हें संपत्ति के अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराए जाएंगे। हालांकि, दोनों गांवों में कुल कितने आवेदन प्राप्त हुए और कितने लंबित हैं, इसका पूरा विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया। ऐसे में शेष कार्य की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है।
बालापाठ में 83.20% पंजीयन पूरा, 22 आवेदन अभी शेष
इधर, नेपानगर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बालापाठ में स्वामित्व अधिकार निष्पादन एवं पंजीयन 2026 के अंतर्गत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। विधायक मंजू दादू कलश यात्रा में शामिल होकर कार्यक्रम स्थल पहुंचीं। गांव में स्वामित्व योजना के अंतर्गत कुल 131 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 109 हितग्राहियों की रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं। इस तरह गांव में 83.20 प्रतिशत पंजीयन कार्य संपन्न हुआ है, जबकि 22 आवेदनों का काम अभी बाकी है। कार्यक्रम के दौरान विधायक मंजू दादू ने हितग्राही तारासिंग गंगाराम और कृष्णा गंगाराम की ऑनलाइन रजिस्ट्री की प्रक्रिया कार्यक्रम स्थल से पूरी कराई।
विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई स्वामित्व योजना ग्रामीण परिवारों को उनकी आवासीय संपत्ति का वैधानिक अधिकार प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे ग्रामीणों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अपनी संपत्ति का बेहतर उपयोग कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार योजना का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। ग्रामीणों को संपत्ति का कानूनी दस्तावेज मिलने से भविष्य में विवादों से बचाव और बैंकिंग सुविधाओं तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी।
प्रदेश में 49.52 लाख रजिस्ट्रियां बांटने का लक्ष्य
सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने प्रदेश स्तर की जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में लगभग 68 लाख पट्टे मंजूर किए गए हैं। प्रदेश में 49 लाख 52 हजार 539 स्वामित्व रजिस्ट्रियां वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित है, जिससे 73 लाख 12 हजार 511 हितग्राहियों को लाभान्वित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का वैधानिक अभिलेख उपलब्ध कराना और आर्थिक गतिविधियों के लिए नए अवसर प्रदान करना है।
अब असली चुनौती: बचे हुए 69% काम को कब तक पूरा करेगा प्रशासन?
स्वामित्व योजना के अंतर्गत गांवों में शिविर लगाकर दस्तावेज वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है, लेकिन जिले के आंकड़े बताते हैं कि अभी बड़े पैमाने पर काम शेष है। 72 हजार 160 रजिस्ट्रियों के लक्ष्य के मुकाबले 22 हजार 285 तैयार होना एक चरण की प्रगति है, लेकिन 49 हजार 875 रजिस्ट्रियां तैयार होना अभी बाकी हैं।
ऐसे में तीन सवाल महत्वपूर्ण हैं—शेष रजिस्ट्रियों के लिए समयसीमा क्या निर्धारित की गई है, लंबित प्रकरणों में देरी के प्रमुख कारण क्या हैं और तैयार हो चुके दस्तावेजों में से कितने हितग्राहियों को वास्तविक रूप से वितरित किए जा चुके हैं? इन सवालों के जवाब सामने आने से ही योजना की जमीनी प्रगति की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी
बोहरड़ा और सुखपुरी में आयोजित कार्यक्रमों में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जयश्री ज्ञानेश्वर पाटील, जिला पंचायत सदस्य अनिल राठौर, भाजपा के वरिष्ठ नेता किशोर शाह, दिनकर पाटील, मनोज टंडन, गजेंद्र पाटील, आदित्य प्रजापति, सरपंच प्रतिनिधि विलास पाटील, विनोद कोहली, गोपाल पाटील, पूर्व सरपंच विठाबाई पाटील, सरपंच मुन्नीबाई पवार, विजय पवार, एकनाथ रामचंद्र, तुकाराम भीका, रघुनाथ शंकर और शरद पाटील उपस्थित रहे।
प्रशासन की ओर से डिप्टी कलेक्टर तपिश पांडेय, एसडीएम पल्लवी पौराणिक और तहसीलदार प्रवीण ओहरिया सहित अधिकारी मौजूद रहे। वहीं ग्राम बालापाठ के कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ, नेपानगर प्रभारी एसडीएम, जनपद पंचायत खकनार के सीईओ, तहसीलदार सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

