Homeबुरहानपुरनवल सिंह सहकारी शकर कारखाना में फिर...

नवल सिंह सहकारी शकर कारखाना में फिर संविदा नियुक्ति में नियमों की अनदेखी का आरोप

– कारखाना के पूर्व प्रत्यायुक्त लगातार कर रहे शिकायत, नहीं हो रही सुनवाई बुरहानपुर। झिरी स्थित नवलसिंह सहकारी शकर कारखाना में नियम के विपरीत जाकर फिर संविदा नियुक्ति की अवधि बढ़ाने का एक मामला सामने आया है। इससे पहले भी इस तरह की नियुक्तियां किए जाने की शिकायतें की जा चुकी है। वर्तमान कारखाना की […]

– कारखाना के पूर्व प्रत्यायुक्त लगातार कर रहे शिकायत, नहीं हो रही सुनवाई

बुरहानपुर। झिरी स्थित नवलसिंह सहकारी शकर कारखाना में नियम के विपरीत जाकर फिर संविदा नियुक्ति की अवधि बढ़ाने का एक मामला सामने आया है। इससे पहले भी इस तरह की नियुक्तियां किए जाने की शिकायतें की जा चुकी है। वर्तमान कारखाना की प्रशासक कलेक्टर है। इसलिए मांग की जा रही है कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर कार्रवाई होना चाहिए।
कारखाना के पूर्व प्रत्यायुक्त उज्जवल पाटिल निवासी डाभियाखेड़ा ने अगस्त माह में भी जन सुनवाई में शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार कारखाना में स्थापना सहायक के पद पर कार्यरत जया पाणिकर को 31 मई 21 को सेवानिवृत्ति के बाद भी कारखाना स्टॉपिग पैटर्न के विपरीत जाकर संविदा नियुक्ति तीन सालों से दी जा रही है जो अनुचित है।
केवल दो साल के लिए दी जा सकती है संविदा नियुक्ति
शिकायत के अनुसार कारखाना में स्टॉपिंग पैटर्न बनाया गया है। जिसमें स्पष्ट उल्लेख है कि कारखाने की विषम परिस्थितियों में संविदा नियुक्ति केवल 2 साल के लिए दी जा सकती है। कारखाना स्वयं संविदा नियुक्ति के लिए आयु पूर्ण किए हुए कर्मचारियों को विधिवत पत्र व्यवहार करेगा न ही कोई कर्मचारी पद पर रखने के लिए आवेदन कर सकता है। वहीं इसके विपरीत स्थापना विभाग में कार्यरत जया पाणिकर 31 मई 21 को अपनी सेवानिवृत्ति की आयु पूर्ण होने क बाद भी छह माह की संविदा नियुक्ति का आवेदन दिया गया था। इसके बाद स्टोर क्लर्क पवन पाटीदार ने अपने हस्ताक्षर करते हुए तत्कालीन अध्यक्ष को फॉरवर्ड किया जबकि यह काम स्थापना विभाग के कार्यालय अधीक्षक का है। इसकी जांच होना चाहिए। सेवानिवृत्त होने के बाद भी जया पाणिकर को 31 हजार रूपए प्रतिमाह के वेतन पर कारखाना सीजन समाप्ति तक रखने की स्वीकृति दी गई थी। छह माह संविदा नियुक्ति के बाद दोबारा आवेदन कर दिया गया। खास बात यह है कि 13 अप्रैल 24 से 17 जून 24 तक करीब 2 माह वह अनुपस्थित भी रहीं। इसके बाद 18 जून 24 को अपने पद पर वापस आईं। मात्र 13 दिन उपस्थित रहते हुए इस माह में 9 दिन क आकस्मिक अवकाश प्रस्तुत कर लगभग वेतन 21700 प्राप्त किया। इससे पहले भी 17 दिन का वेतन इसी तरह लिया था। इसकी जांच होना चाहिए। साथ ही संविदा नियुक्ति समाप्त की जाना चाहिए। पूर्व प्रत्यायुक्त उज्जवल पाटिल ने इस मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर की गई है।
इस मामले में कारखाने के एमडी श्री मकवाना जी से चर्चा करना चाही तो उन्होंने अपना मोबाइल रिसीव नहीं किया।
….

spot_img
spot_img
spot_img

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest Articles