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किसानों के दर्द के बीच खेतों में उतरे प्रभारी मंत्री, बोले- न कोई गांव छूटेगा, न कोई किसान

खामनी, टेंभी और दर्यापुर रै. में किसानों से सीधा संवाद; 169 गांवों के 4 हजार से अधिक किसान प्रभावित, 4 दिन में सर्वे पूरा करने के निर्देश

बुरहानपुर। तेज आंधी-तूफान और प्राकृतिक आपदा से तबाह हुई केला फसल के बाद किसानों की चिंता के बीच जिले के प्रभारी मंत्री एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट गुरुवार को सीधे प्रभावित किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने ग्राम खामनी, टेंभी और दर्यापुर रै. में खेतों का निरीक्षण कर फसल नुकसानी का जायजा लिया। किसानों से चौपाल लगाकर सीधा संवाद किया और भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार हर किसान के साथ खड़ी है।

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प्रभारी मंत्री सिलावट ने दिए 4 दिन में सर्वे के निर्देश

प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार अन्नदाताओं के सम्मान और हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी पात्र किसान को राहत से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सर्वे पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए।

टेंभी में खेत पर पहुंचे, केला फसल का नुकसान देखा
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चौपाल के दौरान किसानों से चर्चा करते ही प्रभारी मंत्री श्री सिलावट

ग्राम टेंभी में प्रभारी मंत्री सिलावट कृषक मधुकर पिता विश्वनाथ के खेत पहुंचे। यहां उन्होंने केला फसल को हुए नुकसान का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बुरहानपुर जिला केला उत्पादन के लिए प्रदेश और देश में विशेष पहचान रखता है। एक जिला-एक उत्पाद योजना में केला जिले की प्रमुख फसल है, इसलिए नुकसान के आकलन और राहत वितरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सर्वे कागजों में नहीं, खेतों में जाकर होना चाहिए। सर्वे दल किसान, ग्रामीण और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में वास्तविक नुकसान दर्ज करें।

सर्वे में लापरवाही मिली तो कार्रवाई होगी

खामनी और दर्यापुर रै. में आयोजित किसान चौपाल में किसानों ने अपनी समस्याएं प्रभारी मंत्री के सामने रखीं। कई किसानों ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से उनकी मेहनत और निवेश को बड़ा नुकसान हुआ है। इस पर प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 4 दिवस के भीतर सर्वे कार्य पूर्ण किया जाए और आरबीसी 6-4 के तहत शीघ्र प्रकरण तैयार किए जाएं। उन्होंने कलेक्टर हर्ष सिंह को निर्देशित किया कि राहत प्रक्रिया समयबद्ध, पारदर्शी और पात्रता आधारित हो। उन्होंने कहा कि सर्वे में उदासीनता या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासनिक जानकारी के अनुसार हालिया प्राकृतिक आपदा से जिले के करीब 169 गांवों के 4 हजार से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। प्रभावित क्षेत्र का अनुमानित रकबा 5473.38 हेक्टेयर है।

पंचायतों में चस्पा हो सर्वे रिपोर्ट: अर्चना चिटनिस

किसान संवाद कार्यक्रम के दौरान विधायक अर्चना चिटनिस ने सुझाव दिया कि सर्वे रिपोर्ट संबंधित ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक रूप से चस्पा की जाए। इससे किसान अपने नुकसान की जानकारी देख सकेंगे। यदि किसी किसान को आपत्ति हो तो उसकी निष्पक्ष जांच कर अंतिम सूची दोबारा सार्वजनिक की जाए। नेपानगर विधायक मंजू दादू ने भी नेपानगर क्षेत्र में हुई फसल क्षति की जानकारी प्रभारी मंत्री को दी और प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत दिलाने की मांग रखी।

समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश

संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री सिलावट ने फसल क्षति सर्वे के साथ विभिन्न विभागों की योजनाओं और कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र हितग्राही तक समय पर पहुंचे, यह अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने पेयजल और विद्युत व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए। गर्मी को देखते हुए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के साथ पशुओं के लिए भी पर्याप्त पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग को आमजन की शिकायतों का त्वरित निराकरण करने को कहा गया।

जल संरक्षण और पौधारोपण को जन अभियान बनाने पर जोर

प्रभारी मंत्री ने जल गंगा संवर्धन अभियान को जनभागीदारी से जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और नागरिकों को इस अभियान से जोड़कर जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए। बैठक में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत व्यापक पौधारोपण पर भी जोर दिया गया। प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि शासकीय कार्यालयों, विद्यालयों और संस्थानों की बाउंड्री के आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाए जाएं और उनके संरक्षण की भी व्यवस्था हो।

स्कूल खुलने से पहले पूरी हों व्यवस्थाएं

आगामी शैक्षणिक सत्र को देखते हुए प्रभारी मंत्री ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि स्कूल खुलने से पहले पेयजल, स्वच्छता, फर्नीचर और अन्य आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा कर सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएं, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण मिल सके।

मिनी बस से पहुंचे, दिया सादगी और जनसरोकार का संदेश

बुरहानपुर प्रवास के दौरान प्रभारी मंत्री सिलावट ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में मिनी बस का उपयोग किया। इसे आमजन से जुड़ाव, मितव्ययता और सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहन देने का संदेश बताया गया।

निरीक्षण और बैठक के दौरान विधायक अर्चना चिटनिस, विधायक मंजू दादू, जिला पंचायत अध्यक्ष गंगाराम मार्को, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज माने, पूर्व विधायक सुमित्रा कास्डेकर, कलेक्टर हर्ष सिंह, पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी, वनमंडलाधिकारी विद्याभूषण सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।

ये भी पढ़े- केला किसानों की पीड़ा लेकर सीएम से मिले सांसद पाटील, बोले- मौसम आधारित फसल बीमा अब जरूरी

 

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