बुरहानपुर। जिले में आंधी-तूफान और बेमौसम बारिश से बार-बार तबाह हो रही केला फसल का मुद्दा अब सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर बुरहानपुर के केला किसानों की पीड़ा रखी। सांसद ने मुख्यमंत्री को जिले के हालात से अवगत कराते हुए प्रभावित किसानों का जल्द सर्वे पूरा कर मुआवजा राशि जारी करने की मांग की।
सांसद पाटील ने मुख्यमंत्री को बताया कि पिछले दिनों आए तेज आंधी-तूफान और खराब मौसम से जिले के कई गांवों में फसलों को भारी नुकसान हुआ है। सबसे अधिक मार केला उत्पादक किसानों पर पड़ी है। खेतों में हजारों केले के पौधे गिर गए हैं। जिन किसानों ने महीनों की मेहनत और लाखों रुपए खर्च कर फसल तैयार की थी, वे अब आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
तैयार फसल खेतों में गिरी, किसानों की लागत डूबी
बुरहानपुर प्रदेश का प्रमुख केला उत्पादक क्षेत्र माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में किसान केला खेती पर निर्भर हैं। सांसद ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्राकृतिक आपदा ने किसानों की पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया है। फसल तैयार होने के पहले ही पौधे गिरने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। कई किसानों के सामने कर्ज चुकाने, मजदूरी देने और अगली फसल लगाने की चुनौती खड़ी हो गई है। उन्होंने कहा कि नुकसान का वास्तविक आंकलन जरूरी है। इसके लिए प्रशासन को तेजी से सर्वे कराना चाहिए, ताकि पात्र किसानों को समय पर राहत मिल सके।
ढाई महीने पुरानी राहत अब तक अटकी
सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने मुख्यमंत्री के सामने केवल हालिया नुकसान ही नहीं, बल्कि पूर्व में प्रभावित किसानों की लंबित राहत राशि का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि करीब ढाई महीने पहले जिले के कुछ क्षेत्रों में आए आंधी-तूफान से प्रभावित किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। ऐसे किसानों की लंबित सहायता राशि का शीघ्र भुगतान कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के बाद राहत मिलने में देरी किसानों की परेशानी और बढ़ा देती है। समय पर मुआवजा मिलने से किसान फिर से खड़े हो सकते हैं और अगली खेती की तैयारी कर सकते हैं।
सांसद बोले- मौसम आधारित फसल बीमा किसानों के लिए सुरक्षा कवच
मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान सांसद पाटील ने बुरहानपुर जिले में मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने की मांग प्रमुखता से रखी। उन्होंने कहा कि मौसम में लगातार बदलाव, तेज आंधी, तूफान और बेमौसम बारिश के कारण किसानों को बार-बार नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में केवल मुआवजा पर्याप्त नहीं है, बल्कि किसानों को स्थायी सुरक्षा कवच देने की जरूरत है। सांसद ने कहा कि विशेषकर केला उत्पादक किसानों के लिए मौसम आधारित फसल बीमा योजना अत्यंत आवश्यक है। इससे प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को समय पर आर्थिक मदद मिल सकेगी और वे पूरी तरह राहत राशि पर निर्भर नहीं रहेंगे।
सरकार किसानों के साथ खड़ी: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सांसद ज्ञानेश्वर पाटील की बातों को गंभीरता से सुना और किसानों के हित में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के साथ खड़ी है। नुकसान का सर्वे पूरा होने के बाद प्रभावित किसानों को नियमानुसार जल्द मुआवजा राशि जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि किसानों की समस्याओं को संवेदनशीलता से लिया जाएगा और राहत प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।
अब किसानों की नजर सर्वे और फैसले पर
बुरहानपुर के केला किसान लंबे समय से प्राकृतिक आपदा, बीमा व्यवस्था और मुआवजा प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं को उठा रहे हैं। सांसद द्वारा मुख्यमंत्री के सामने यह मुद्दा रखने के बाद किसानों में राहत की उम्मीद बढ़ी है। अब किसानों की नजर प्रशासनिक सर्वे, लंबित राहत राशि और मौसम आधारित फसल बीमा पर सरकार के अगले कदम पर टिकी है।
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फसल नुकसान पर सख्त हुए प्रभारी मंत्री, बोले- सर्वे में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
– प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को हरसंभव सहायता का भरोसा, जल्द बुरहानपुर दौरे पर आएंगे तुलसीराम सिलावट
बुरहानपुर। जिले में आंधी, तूफान और बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों के लिए राहत की उम्मीद बढ़ी है। जल संसाधन विभाग एवं बुरहानपुर जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फसल नुकसान का सर्वे पूरी गंभीरता, निष्पक्षता और सक्रियता के साथ किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सर्वे कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों की फसल क्षति का वास्तविक और पारदर्शी आंकलन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र किसानों को शासन की राहत योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संकट की इस घड़ी में किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और किसी भी पात्र किसान को राहत से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
पात्र किसानों को मिलेगा राहत का लाभ
श्री सिलावट ने कहा कि किसानों के हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित प्रत्येक पात्र किसान को नियमानुसार राहत और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए राजस्व, कृषि और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सर्वे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखें और वास्तविक नुकसान को प्राथमिकता के साथ दर्ज करें, ताकि राहत वितरण में किसी प्रकार की परेशानी न आए।
जल्द बुरहानपुर आएंगे प्रभारी मंत्री
प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट का शीघ्र ही बुरहानपुर दौरा प्रस्तावित है। दौरे के दौरान वे प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर फसल नुकसानी का जायजा लेंगे। साथ ही किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी भी प्राप्त करेंगे। प्राकृतिक आपदा के बाद जिले में हजारों एकड़ में फसलों को नुकसान हुआ है, विशेषकर केला उत्पादक किसानों को भारी क्षति पहुंची है। ऐसे में प्रभारी मंत्री के दौरे और सख्त निर्देशों को किसानों के लिए राहत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।