बुरहानपुर/नेपानगर। नेपानगर क्षेत्र से एक संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है, जिसे पीड़ित पक्ष ने “लव जिहाद” से जोड़ते हुए आरोपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक विवाहित आदिवासी महिला ने गांव के ही मुस्लिम युवक समीर पर शादी का झांसा देकर प्रेमजाल में फंसाने, अपनी जाति-धर्म की पहचान छुपाकर गुमराह करने, गुजरात ले जाकर 15 दिन तक रखने, कई बार दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
पीड़िता की शिकायत पर नेपानगर पुलिस ने आरोपी समीर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
3 बच्चों की मां को शादी का झांसा, पति को छोड़ने का दबाव
पीड़िता अपने पति, सास और जेठ के साथ थाने पहुंची। महिला ने पुलिस को बताया कि वह भील आदिवासी समाज से आती है। उसकी शादी करीब 8 साल पहले हुई थी और उसके तीन बच्चे हैं। महिला के अनुसार करीब 3 से 4 महीने पहले उसकी पहचान समीर से हुई। बातचीत बढ़ने के बाद आरोपी उसे शादी का झांसा देने लगा। पीड़िता का आरोप है कि समीर बार-बार उससे कहता था कि वह अपने पति को छोड़ दे, वह उससे शादी करेगा और उसे अच्छे से रखेगा।
पीड़िता का आरोप—जाति-धर्म छुपाकर प्रेमजाल में फंसाया
इस मामले को पीड़िता और उसके परिवार ने “लव जिहाद” का गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि आरोपी को यह अच्छी तरह पता था कि वह भील आदिवासी समाज से है। आरोप है कि समीर ने अपनी पहचान छुपाई, उसे गुमराह किया और शादी का झांसा देकर भरोसे में लिया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने पहले नजदीकियां बढ़ाईं, फिर पति को छोड़ने के लिए उकसाया और आखिरकार उसे अपने साथ गुजरात ले गया। इसी कारण पीड़ित पक्ष इस पूरे मामले को सुनियोजित तरीके से प्रेमजाल में फंसाकर शोषण करने की घटना बता रहा है।
17 मई को बस से गुजरात ले जाने का आरोप
महिला ने पुलिस को बताया कि 17 मई 2026 को आरोपी समीर उसे बस से गुजरात ले गया। वहां उसे किसी गांव में करीब 15 दिन तक रखा गया। पीड़िता का आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने उसके साथ 10 से 15 बार जबरन दुष्कर्म किया। महिला के अनुसार जब उसने आरोपी से कहा कि वह अपने पति और बच्चों के पास वापस जाना चाहती है, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने कहा कि यदि वह उसे छोड़कर पति और बच्चों के पास गई, तो उसे मार देगा।
गुमशुदगी दर्ज होते ही घबराया आरोपी
इधर महिला के लापता होने के बाद उसके पति ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता के अनुसार जब आरोपी समीर को यह पता चला कि उसके पति ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई है, तो वह घबरा गया। इसके बाद आरोपी महिला को वापस नेपानगर लेकर आया। आरोप है कि नेपानगर पहुंचने के बाद भी आरोपी ने महिला को धमकाया कि यदि उसने पुलिस को कुछ बताया तो वह उसे नहीं छोड़ेगा। इसके बाद आरोपी महिला को बस स्टैंड पर छोड़कर भाग गया।
घर पहुंची महिला, परिवार को सुनाई आपबीती
नेपानगर बस स्टैंड पर छोड़े जाने के बाद महिला किसी तरह अपने परिवार तक पहुंची। उसने पति, सास और परिजनों को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजन महिला को लेकर थाने पहुंचे, जहां उसने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। महिला के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी समीर के खिलाफ दुष्कर्म, बहला-फुसलाकर ले जाने, धमकी देने और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।
इन धाराओं में केस दर्ज
नेपानगर पुलिस ने आरोपी समीर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(m), 64(2)(i), 87, 351(3) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 संशोधन 2015 की धारा 3(2)(v), 3(2)(va), 3(1)(w)(i) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामला आदिवासी महिला से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी हैं। पुलिस अब आरोपी की तलाश और पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गई है।
जांच के बाद साफ होगा पूरा सच
यह मामला संवेदनशील है, क्योंकि इसमें दुष्कर्म, धमकी, शादी का झांसा, पहचान छुपाने और आदिवासी महिला के शोषण जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। पुलिस अब यह जांच करेगी कि आरोपी महिला को गुजरात में किस स्थान पर ले गया था, वहां वह किसके यहां रुका, क्या किसी और ने मदद की और मोबाइल लोकेशन या बस यात्रा से जुड़े क्या साक्ष्य सामने आते हैं। जांच में महिला के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, गुमशुदगी रिपोर्ट, कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।