राष्ट्रीय अपराध राजनीति मध्यप्रदेश कटनी आलेख बुरहानपुर जनसम्पर्क

करोड़ों की ठगी का खुलासा: राजस्थान से ऑपरेट हो रहा था साइबर फ्रॉड सिंडिकेट, बुरहानपुर बना था टारगेट

30 फर्जी खाते, 4 आरोपी, मास्टरमाइंड फरार: पुलिस की बड़ी कार्रवाई बुरहानपुर। थाना लालबाग पुलिस और साइबर शाखा ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरोह का खुलासा किया है। यह गैंग बुरहानपुर जिले में बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता और उनका दुरुपयोग

On: April 11, 2025 4:53 PM
Follow Us:
  • 30 फर्जी खाते, 4 आरोपी, मास्टरमाइंड फरार: पुलिस की बड़ी कार्रवाई

बुरहानपुर। थाना लालबाग पुलिस और साइबर शाखा ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरोह का खुलासा किया है। यह गैंग बुरहानपुर जिले में बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता और उनका दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की ठगी करता था।
Sadaiv Newsशुक्रवार को एसपी देवेन्द्र पाटीदार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 29 मार्च 2025 को फरियादी सूरज पिता गोपाल कार्ले (उम्र 20 वर्ष), निवासी कोरोनेशन बाजार, लालबाग, ने साइबर शाखा में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि कामिनी मावले और राकेश तायडे नामक दो व्यक्तियों ने उसके नाम पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र में खाता खुलवाया और धोखे से खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर किसी और का जोड़कर एटीएम व पासबुक राजस्थान निवासी प्रकाश गेहलोत को दे दी। पुलिस जांच में पता चला कि इस खाते का उपयोग करके प्रकाश गेहलोत द्वारा भारी मात्रा में अवैध लेनदेन किया गया।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
• आरोपी कामिनी और राकेश ने बुरहानपुर जिले में कुल 30 लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए।
• ये खाते अलग-अलग बैंकों में खुलवाए गए और इनका उपयोग राजस्थान निवासी प्रकाश और कन्हैया गेहलोत द्वारा किया गया।
• अब तक की जांच में ₹16.23 करोड़ रुपये के फर्जी ट्रांजेक्शन सामने आ चुके हैं, जो पिछले चार महीनों में किए गए।
कहां-कहां खुले फर्जी खाते?
बैंक ऑफ महाराष्ट्र 14 खाते
HDFC बैंक        12 खाते
केनरा बैंक          02 खाते
यूनियन बैंक        01 खाता
कुल 30 खाते
इनमें से 18 खातों में भारी ट्रांजेक्शन की पुष्टि हो चुकी है। बाकी खातों की जांच जारी है।
Sadaiv Newsअपराध करने का तरीका (Modus Operandi)
• आरोपी बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देते थे।
• उनसे उनके केवाईसी दस्तावेज लेकर बैंक खाता खुलवाते थे।
• फिर खातों से जुड़ी सारी जानकारी (पासबुक, एटीएम, पासवर्ड) राजस्थान में बैठे प्रकाश और कन्हैया गेहलोत को दे दी जाती थी।
• ये खातों के ज़रिए साइबर ठगी के ट्रांजेक्शन करते और कमीशन के रूप में ठगों को राशि भेजी जाती थी।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई को सफल बनाने में सीएसपी गौरव पाटील, डीएसपी प्रितम सिंह ठाकुर, निरीक्षक अमित सिंह जादौन, उनि जयपाल राठौर, सउनि गोपाल चौहान, और साइबर टीम के आरक्षक दुर्गेश, सत्यभान, शक्ति सिंह, ललित, नितेश सपकाडे, महिला प्रधान आर. वंदना और महिला आर. गोरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की अपील
बुरहानपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति नौकरी के नाम पर अगर बैंक खाता खुलवाने की मांग करे तो सतर्क रहें। किसी को भी अपने बैंक खाते की जानकारी, पासबुक या एटीएम ना दें। ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाने या साइबर शाखा को दें।

ये भी पढ़िए
सिर्फ एक अकाउंट और उड़ गए करोड़ों! जानिए कैसे हुआ बुरहानपुर में बड़ा बैंक फ्रॉड

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment

PNFPB Install PWA using share icon

For IOS and IPAD browsers, Install PWA using add to home screen in ios safari browser or add to dock option in macos safari browser