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गोकुल चंद्रमा मंदिर ट्रस्ट की जमीन सस्ते में बेचने पर बवाल: 15 ट्रस्टियों पर 1.66 लाख जुर्माना –जानिए पूरा मामला

 कलेक्टर न्यायालय का बड़ा फैसला: ट्रस्टियों ने मंदिर की नहीं, भगवान की जमीन बेची – अवैध घोषित

  • प्रत्येक ट्रस्टी पर 1.66 लाख 67 रूपए का जुर्माना, ट्रस्ट की जमीन कम दामों पर बेचने का मामला

बुरहानपुर। गोकुल चंद्रमा मंदिर ट्रस्ट की जमीन कम दामों में बेचे जाने के मामले में कलेक्टर न्यायालय की ओर से मंदिर के 15 ट्रस्टियों पर प्रत्येक पर 1.66 लाख 67 रूपए का जुर्माना लगाया है। यह राशि सरकारी खजाने में जमा होगी। वहीं ट्रस्ट की ओर से अधिवक्ता आदित्य शर्मा ने कहा हम इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं और अपील करेंगे।
रविवार को प्रेस कांफ्रेंस में नारायण दास कन्हैयालाल बजाज ने कहा मैंने कलेक्टर न्यायालय में केस लगाया था। लक्ष्मण प्रसाद दुबे ने 2 एकड़ जमीन मंदिर की व्यवस्था के लिए दान की थी। मंदिर के प्रबंधक कलेक्टर होते हें। उनके नाम से भूमि दर्ज है। ट्रस्ट ने अपनी भूमि बताते हुए 31 मार्च 2013 में इसे 5 लाख रूपए में विक्रय कर दिया, जबकि उसकी कीमत उस समय 35.60 रूपए थी। इस मामले में कलेक्टर के यहां केस लगाया। पहले एसडीएम ने फैसला देकर जमीन बेचना अवैध बताया तो ट्रस्ट की ओर से हाईकोर्ट में चेलेज किया कि अधिकारी को पंजीयक लोक न्यास का अधिकार नहीं था। हाईकोर्ट ने पुनः जांच के आदेश कलेक्टर को दिए। 16 जनवरी 2024 को न्यायालय ने कलेक्टर को आदेश दिए कि सघन जांच करें। आवेदक की शिकयत की सुनवाई करें। 29 जनवरी 2024 को मुकदमा शुरू हुआ कलेक्टर ने बुलाया। हमने सारी बातें रखी। तब निर्णय दिया कि यह अवैध विक्रय है। ट्रस्ट की संपत्ति नहीं है। संपत्ति गोकुल चंद्रमा मंदिर भगवान को समर्पित थी। भूमि को बेचने का ट्रस्ट को अधिकार नहीं है। आदेश में कहा कि 23.50 लाख की भूमि की कीमत वापस मांगते हुए 1.41 लाख का ब्याज 15 लोगों पर 1.66 लाख 67 रूपए की रिकवरी निकाली गई है। ब्याज की गणना 14 साल 3 महीने की गणना के आदेश 6 परसेंट से दिए, लेकिन 14 साल 3 महीने की गणना न जोड़ते हुए एक साल की गणना जोड़ी गई है जो कि शासन की चूक है। ब्याज की गणना 20 लाख के उपर होना चाहिए। ट्रस्ट का कहना था कि 15 लोगों को प्रस्ताव रखकर जमीन बेची है, लेकिन वह प्रस्ताव का मूल न्यायालय में नहीं रख सके। प्रोसेडिंग रजिस्टर, सौदा चिट्ठी भी प्रस्तुत नहीं कर सके। कलेक्टर न्यायालय ने 15 ट्रस्टियों पर 1.66 लाख 67 रूपए प्रति व्यक्ति पर जुर्माना लगाया है। यह राशि शासन के खजाने में जमा करने को कहा गया है। हमें अपनी भूमि वापस चाहिए। फर्जी तरीके से जमीन बेची गई थी। बजाज ने कहा मंदिर से मेरी आस्था जुड़ी है।
इन ट्रस्टियों को हटाया गया
नारायण दास कन्हैयालाल बजाज ने कहा प्रफुल कुमार श्राफ, गोरधन श्राफ, राजेंद्र खादीवाला, गिरीश लाड, हरिकृष्ण मुखिया, वीरेंद्र हाथीवाला, सीताबेन कापड़िया को ट्रस्ट से हटाया गया।
इन 15 लोगों पर लगा जुर्माना
श्री बजाज ने बताया वच्छवलाल साड़ीवाला, नवीन लाड, हरिकृष्ण मुखिया, सीताबेन कापडिया, नवीनचंद्र ष्शाह, प्रफुल्ल आर श्राफ, गोवर्धन श्राफ, प्रफुल्ल डी श्राफ, राजेंद्र खादीवाला, गिरीश कुमार लाड, वीरेंद्र गोरधनदास हाथीवाला, गुलाबदास कन्हैयालाल श्राफ, रसीक तारवाला, सुरेश कुमार श्राफ, हरिकिशन परसराम पर जुर्माना लगाया गया है।
वर्जन-
हम फैसले से असंतुष्ट, अपील करेंगे
भूमि सभी की सहमति से बेची गई थी। विधिवत प्रक्रिया अपनाई जाकर अनुमति ली गई थी। तब एसडीएम को कलेक्टर ने नियुक्त किया था। जहां जमीन थी वह एरिया तब कीमत वाला नहीं था। आसपास की रजिस्ट्री प्रस्तुत की है। आठ से दस रजिस्ट्री प्रस्तुत की है। आरोप लगाने का कोई औचित्य नहीं। वल्लभ भवन, सत्संग बनाने की आवश्यकता थी। भागवत कथा, सत्संग आदि हो इसलिए उस समय जमीन बेची थी। फैसले से असंतुष्ट हैं। इसकी अपील करेंगे।
-आदित्य शर्मा, अधिवक्ता गोकुल चंद्रमा मंदिर ट्रस्ट

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