इंदौर। मूसाखेड़ी इलाके में आदिवासी समाज की युवती से छेड़छाड़ और मोबाइल पर अश्लील मैसेज भेजकर परेशान करने के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आरोपी को पकड़कर युवती से चप्पलों से पिटवाया और खुद भी उसकी जमकर पिटाई की। इसके बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने छेड़छाड़ का मामला दर्ज कर युवक से पूछताछ शुरू कर दी है।
मोबाइल से मिली कई लड़कियों की चैट
आजाद नगर पुलिस के मुताबिक आरोपी शादाब अली (निवासी—सेमलपानी, नसरुल्लागंज, जिला सीहोर) पिछले 15 दिनों से युवती को परेशान कर रहा था। उसने किसी परिचित से युवती का मोबाइल नंबर लिया और लगातार अश्लील मैसेज व वीडियो भेजकर दबाव बना रहा था। यहां तक कि युवती से फोटो भी माँग रहा था। पुलिस ने बताया कि आरोपी के मोबाइल में इंस्टाग्राम आईडी से कई अन्य लड़कियों के साथ भी आपत्तिजनक चैट मिली हैं।
हिंदूवादी संगठनों ने मिलकर पकड़ा
हिंदूवादी नेता मानसिंह राजावत ने बताया कि करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष सहेंद्र दीक्षित ने उन्हें मामले की जानकारी दी थी। इसके बाद कार्यकर्ता कपिल कौशल, लकी पाल, अभय और अन्य ने आरोपी की तलाश शुरू की। जानकारी मिली कि शादाब रेत का डंपर लेकर इंदौर आ रहा है। मौके पर घेराबंदी कर उसे पकड़ा गया और फिर युवती के सामने लाकर चप्पलों से पिटवाया गया।
पहले भी रह चुका जेल
आरोपी शादाब अली रेत के ट्रक पर ड्राइवर है। उसके खिलाफ सीहोर जिले में भी छेड़छाड़ का मामला दर्ज है और इस मामले में वह तीन माह जेल में भी रह चुका है।
भाई भी लव जिहाद प्रकरण में सजा पा चुका
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी का भाई मोहम्मद अली भी लव जिहाद के मामले में जेल जा चुका है। उसने जबलपुर में एक हिंदू युवती को फंसाया था, जिसके बाद पीड़िता ने दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में अदालत ने मोहम्मद अली को सजा सुनाई थी।
हर बेटी के लिए संदेश….
इंदौर से आई खबर सुकून देती है : जब बेटी ने दुर्गा बनकर लव जिहादी को चप्पलों से पीटा
मूसाखेड़ी इलाके से आई यह घटना केवल राहत नहीं, बल्कि प्रेरणा भी देती है। जनजाति समाज की एक युवती से पिछले कई दिनों से शादाब अली नामक युवक लगातार छेड़छाड़ कर रहा था। मोबाइल पर अश्लील मैसेज भेजना, गंदे वीडियो दिखाना और फोटो माँगकर डराना—यह सब उसकी हरकतों का हिस्सा था। लेकिन इस बार शिकार बनी युवती ने चुप्पी साधने के बजाय अपने भीतर की दुर्गा शक्ति को जगाया।
साहस की मिसाल बनी युवती
युवती ने सबसे पहले समाज और हिंदू संगठनों को साथ खड़ा किया। आरोपित को पकड़कर सीधे उसी के सामने लाया गया। और फिर जो हुआ, वह हर बेटी के लिए संदेश है—उसने चप्पलों से शादाब अली की जोरदार पिटाई की और बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
आदत का अपराधी निकला शादाब
जाँच में पता चला कि शादाब पहले भी ऐसे मामलों में जेल जा चुका है। यहाँ तक कि उसका भाई भी लव जिहाद के मामले में सजा पा चुका है। यानी यह कोई पहली बार की घटना नहीं थी। लेकिन इस बार पीड़िता की बहादुरी ने साफ कर दिया कि अब समाज ऐसे अपराधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
संदेश साफ : अब बेटियाँ अबला नहीं
यह घटना केवल एक अपराधी की गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि उस मानसिकता की हार है जो मानती है कि बेटियाँ डरकर चुप रह जाएँगी। आज की बेटियाँ अबला नहीं, बल्कि अजेय शक्ति हैं। जब वे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती हैं, तो हर महिषासुर प्रवृत्ति का अंत तय हो जाता है।
समाज को मिला सबक
यह खबर पूरे समाज को सिखाती है कि पुलिस और संगठनों की जिम्मेदारी के साथ-साथ हर परिवार और हर युवती की भी जिम्मेदारी है कि अन्याय का सामना करें। हमारी बेटियाँ सिर्फ घर की शोभा नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा का कवच भी हैं। जब-जब अन्याय होगा, वे दुर्गा और काली बनकर खड़ी होंगी।