बुरहानपुर। जिले में पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप एक बार फिर गूंज उठे हैं। इस बार निशाने पर हैं जिला पंचायत अध्यक्ष गंगाराम झुनकुरू मार्को, उनकी पत्नी और ग्राम पंचायत देड़तलाई की वर्तमान सरपंच गंगा बाई, वर्तमान सचिव संजू पाटील, पूर्व सचिव किशन दुसाने।
खकनार के ए-क्लास इलेक्ट्रिक कांट्रेक्टर शिवदास (पिता साहेबराव) मोरे ने इन सभी पर विधायक निधि के काम का भुगतान दबाने और राशि के दुरूपयोग का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपी थी। लेकिन हैरानी की बात यह है कि दो माह बीतने के बाद भी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
4.93 लाख का भुगतान नहीं मिला, राशि गायब होने की आशंका
शिकायतकर्ता शिवदास मोरे का दावा है कि ग्राम पंचायत देड़तलाई में उन्होंने विधायक निधि से स्वीकृत काम के तहत 25 केवीए विद्युत ट्रांसफार्मर और विद्युत पोल स्थापना का कार्य पूरा किया था। यह काम वर्ष 2020-21 में कराया गया था। शिवदास का आरोप है कि इस काम की राशि 4 लाख 93 हजार 312 रुपए पंचायत में जमा हो चुकी थी, लेकिन आज तक उन्हें भुगतान नहीं दिया गया। ठेकेदार का कहना है— सिर्फ आश्वासन मिलते रहे, पैसे नहीं मिले। अब शंका है कि राशि की हेराफेरी कर दी गई।
शिकायत 1 दिसंबर को दी, लेकिन 2 महीने बाद भी खामोशी
शिवदास मोरे ने यह शिकायत 1 दिसंबर 2025 को एसपी को लिखित रूप से दी थी। शिकायत में उन्होंने मांग की थी कि राशि की जांच कराकर भुगतान दिलाया जाए। लेकिन दो महीने गुजरने के बाद भी न तो भुगतान मिला, न ही किसी कार्रवाई की जानकारी सामने आई। ठेकेदार का आरोप है कि शिकायत के बावजूद मामले को दबाने की कोशिश हो रही है।
पंचायत फंड पर सवाल, अफसरों की चुप्पी पर भी उठे सवाल
मामला सीधे-सीधे सरकारी फंड और जनप्रतिनिधियों से जुड़ा है। ऐसे में सवाल यह है कि पंचायत में जमा राशि आखिर गई कहां? भुगतान क्यों नहीं किया गया? जांच क्यों नहीं बढ़ाई गई? यदि आरोप सही हैं, तो यह मामला सिर्फ भुगतान का नहीं, बल्कि विधायक निधि जैसी सार्वजनिक राशि के दुरूपयोग का भी बनता है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उसकी बकाया राशि दिलाई जाए। साथ ही यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है, तो दोषियों पर कार्रवाई हो।